अमित शाह गांधीनगर में 81 फुट ऊंची शिव प्रतिमा की रखेंगे आधारशिला, नवरात्रि पर गुजरात दौरे का पूरा कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 16 अक्टूबर 2026 को गुजरात के कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इनमें सबसे प्रमुख कार्यक्रम गांधीनगर के रूपल स्थित शक्तिपीठ श्री वरदायिनी माताजी मंदिर में भगवान शिव की 81 फुट ऊंची प्रतिमा का शिलान्यास है। यह दौरा नवरात्रि उत्सव के दौरान हो रहा है, जब पूरे गुजरात में धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है।
शिलान्यास समारोह का विवरण
शाम 6 बजे गांधीनगर के रूपल में आयोजित इस समारोह में शाह 81 फुट ऊंची प्रस्तावित शिव प्रतिमा की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा वह मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। यह प्रतिमा पूर्ण होने पर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बनने की उम्मीद है।
दिनभर का कार्यक्रम
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, शाह का दिन दोपहर 2:45 बजे अहमदाबाद के सैटेलाइट इलाके में स्थित प्रेरणा तीर्थ से शुरू होगा, जहाँ वह गच्छाधिपति परम पूज्य नर रत्न सुरीश्वर जी महाराज से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद दोपहर 3:15 बजे वह पालड़ी में श्री विश्व जैन संघ में गच्छाधिपति परम पूज्य उदयप्रभ सुरीश्वर जी महाराज से मिलेंगे। इस प्रकार उनका दौरा जैन और हिंदू — दोनों धार्मिक परंपराओं को समाहित करता है।
रूपल के शिलान्यास समारोह के बाद शाह शाम 7:30 बजे मानसा में बहुचर माता मंदिर की संध्या आरती में शामिल होंगे। दिन का अंतिम कार्यक्रम रात 9:30 बजे कोलवाड़ा में नवरात्रि युवक मंडल द्वारा श्री रामजी मंदिर के नवरात्रि चौक पर आयोजित रास गरबा कार्यक्रम होगा।
नवरात्रि के संदर्भ में महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में नवरात्रि उत्सव अपने चरम पर है — यह राज्य देश के सबसे भव्य गरबा उत्सवों के लिए जाना जाता है। गौरतलब है कि गुजरात अमित शाह का गृह राज्य भी है और यहाँ उनकी धार्मिक-सांस्कृतिक उपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पिछला गुजरात दौरा
शाह का इससे पहले गुजरात दौरा 27 सितंबर को हुआ था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर ₹1,472 करोड़ की रेलवे विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।
उस दौरे में उन्होंने देश की पहली LNG-चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन किया, तथा चुनिंदा रूटों पर स्वदेशी कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत की थी।
आगे क्या
81 फुट की शिव प्रतिमा का निर्माण अब आधारशिला के बाद आरंभ होगा। शक्तिपीठ श्री वरदायिनी माताजी मंदिर परिसर क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावना है।