अमित शाह विपक्ष मुक्त भारत बनाना चाहते हैं: कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद तारिक अनवर ने 20 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि शाह देश से विपक्ष को पूरी तरह समाप्त करने की मंशा रखते हैं। अनवर ने कहा कि शाह की नीति केवल उन्हीं दलों को देश में बने रहने देने की है जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन करें या उसके खेमे में शामिल हो जाएं।
शाह के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
दरअसल, एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि पहले शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को 'शिंदे गुट' कहना पड़ता था, लेकिन अब केवल शिवसेना है और कोई गुट नहीं रह गया है। इसी बयान पर पलटवार करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि यह बयान शाह की उस सोच को उजागर करता है जिसमें विपक्षी दलों को तोड़कर BJP के साथ मिला लेना ही राजनीति का लक्ष्य बन गया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि मोदी ने कई बार 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात की है, लेकिन वास्तविक इरादा कांग्रेस नहीं, बल्कि समूचे विपक्ष को समाप्त करने का है।
बिहार गैंगरेप मामले पर तीखी प्रतिक्रिया
बिहार के बेगूसराय में महिला के साथ गैंगरेप की घटना पर तारिक अनवर ने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान NDA सरकार बिहार में जंगलराज की दुहाई देकर सत्ता में आई थी, परंतु राज्य में आए दिन हत्या, बलात्कार और लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं।
राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी पर सवाल
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर SIT जांच के आदेश पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि BJP सरकार में राम मंदिर भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, 'हिंदू समाज की आस्था की जगह पर चंदे की चोरी हो रही है — यह अत्यंत दुखद है।' अनवर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से पूछा कि अब तक क्या कार्रवाई हुई और 'बुलडोजर क्यों नहीं चला।' उनके अनुसार, सीएम का बयान केवल मामले को टालने के लिए था।
NEET एडमिट कार्ड गड़बड़ी पर निशाना
NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र के एडमिट कार्ड में हुई गड़बड़ी का उल्लेख करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि नागपुर के छात्र को परीक्षा केंद्र नागपुर में मिलना चाहिए था, लेकिन उसे अबू धाबी में केंद्र आवंटित कर दिया गया। उन्होंने इसे 'सिस्टम की विफलता' करार दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब NEET परीक्षा प्रक्रिया पहले से ही विवादों के घेरे में है।
आलोचकों का कहना है कि इन सभी मुद्दों — राजनीतिक विपक्ष का क्षरण, कानून-व्यवस्था की विफलता और परीक्षा प्रणाली की खामियां — को एक साथ उठाकर कांग्रेस केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश कर रही है।