3 नवंबर 2026
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मैड्रिड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पबित्रा मार्गेरिटा ने अर्पित की पुष्पांजलि, इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी

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मैड्रिड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पबित्रा मार्गेरिटा ने अर्पित की पुष्पांजलि, इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी

सारांश

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की मैड्रिड यात्रा महज़ एक श्रद्धांजलि नहीं — यह भारत की लैटिन अमेरिका में बढ़ती कूटनीतिक उपस्थिति का प्रतीक है। इबेरो-अमेरिकन सम्मेलन में 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' के रूप में भागीदारी और भारत-स्पेन के 70 वर्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने की कोशिश एक साथ हो रही है।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 3 नवंबर 2026 को मैड्रिड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
भारत इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस के 30वें शिखर सम्मेलन में पहली बार 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' के रूप में शामिल हो रहा है।
सम्मेलन में 22 सदस्य देश , 12 सह-पर्यवेक्षक और 20 सलाहकार पर्यवेक्षक हैं।
यात्रा 5 नवंबर 2026 तक चलेगी; द्विपक्षीय बैठकें और मैड्रिड के भारतीय समुदाय से संवाद भी होगा।
यह यात्रा भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित संस्कृति, पर्यटन और AI के द्विभाषी वर्ष समारोहों का हिस्सा है।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि गांधीजी के सत्य एवं अहिंसा के आदर्श आज भी मानवता को शांति, न्याय और सद्भाव की राह दिखाते हैं। यह यात्रा भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे संयुक्त समारोहों की पृष्ठभूमि में हो रही है।

श्रद्धांजलि और संदेश

मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैड्रिड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। गांधीजी के सत्य और अहिंसा के शाश्वत आदर्श मानवता को प्रेरित करते रहते हैं और शांति, न्याय और सद्भाव की हमारी सामूहिक खोज का मार्गदर्शन करते हैं।' मैड्रिड पहुँचने के बाद उन्होंने लैटिन-अमेरिकी समुदाय के साथ 'सार्थक बातचीत की उम्मीद' भी जताई।

इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

पबित्रा मार्गेरिटा इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस के 30वें शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहाँ भारत 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' (सहयोगी पर्यवेक्षक) की हैसियत से शामिल हो रहा है। इस सम्मेलन में वर्तमान में 22 सदस्य देश हैं — 19 लैटिन अमेरिका से और 3 यूरोप से (स्पेन, पुर्तगाल और अंडोरा) — इसके अलावा 12 सह-पर्यवेक्षक और 20 सलाहकार पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।

यह शिखर सम्मेलन सहयोग को मज़बूत करने, साझा चुनौतियों के समाधान और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। भारत की 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' स्थिति लैटिन अमेरिका के साथ नई दिल्ली की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।

द्विपक्षीय बैठकें और भारतीय समुदाय से संवाद

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 5 नवंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान मार्गेरिटा शिखर सम्मेलन के इतर प्रमुख समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे और मैड्रिड में बसे भारतीय समुदाय से मुलाक़ात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-स्पेन के संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के द्विभाषी वर्ष के चल रहे समारोहों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

भारत-स्पेन संबंधों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले माह भारत ने स्पेन के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी की प्रगति को रेखांकित किया था और व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन में संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई थी। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में स्पेन के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने पर दोहरे वर्ष के समारोहों का उल्लेख किया था।

दोनों देशों ने रक्षा सहित कई क्षेत्रों में इस द्विवर्षीय अवधि के दौरान सहयोग बढ़ाया है। आने वाले समय में यह यात्रा भारत-स्पेन और भारत-लैटिन अमेरिका संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पबित्रा मार्गेरिटा की मैड्रिड यात्रा का उद्देश्य क्या है?
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस के 30वें शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने मैड्रिड पहुँचे हैं, जहाँ भारत 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' के रूप में शामिल है। इस दौरान वे द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और मैड्रिड में भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे।
इबेरो-अमेरिकन सम्मेलन क्या है और भारत उसमें कैसे जुड़ा है?
इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस एक बहुपक्षीय मंच है जिसमें 22 सदस्य देश — 19 लैटिन अमेरिका से और 3 यूरोप (स्पेन, पुर्तगाल, अंडोरा) से — शामिल हैं। भारत इस सम्मेलन में 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' के रूप में भाग ले रहा है, जो लैटिन अमेरिका के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
भारत और स्पेन के बीच संबंध अभी किस स्तर पर हैं?
भारत और स्पेन इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। दोनों देशों ने संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक संयुक्त द्विभाषी वर्ष मनाया है और व्यापार, रक्षा तथा जन-संपर्क में सहयोग को गहरा किया है।
मार्गेरिटा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि क्यों अर्पित की?
मैड्रिड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति और गांधीवादी विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। मार्गेरिटा ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि गांधीजी के सत्य और अहिंसा के शाश्वत आदर्श मानवता को प्रेरित करते रहते हैं।
मार्गेरिटा की मैड्रिड यात्रा कब तक चलेगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा 5 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान वे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ प्रमुख समकक्षों से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और मैड्रिड में रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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