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स्कोप्जे में राष्ट्रपति मुर्मु ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया, भारत-उत्तर मैसेडोनिया मित्रता का नया अध्याय

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स्कोप्जे में राष्ट्रपति मुर्मु ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया, भारत-उत्तर मैसेडोनिया मित्रता का नया अध्याय

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उत्तर मैसेडोनिया यात्रा महज़ एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — स्कोप्जे में गांधी की प्रतिमा का अनावरण, संसद संबोधन और बिजनेस फोरम एक साथ यह संदेश देते हैं कि भारत मध्य-पूर्वी यूरोप में अपनी उपस्थिति को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने 22 जुलाई 2026 को स्कोप्जे संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का संयुक्त अनावरण किया।
यह उत्तर मैसेडोनिया में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा है।
दोनों नेताओं ने विला वोडनो में द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-उत्तर मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने मदर टेरेसा स्मारक और चर्च ऑफ सेंट स्पास में राष्ट्रीय नायक गोत्से डेलचेव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
यात्रा के अंतिम चरण में वह 23-25 जुलाई को रोमानिया जाएंगी — तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली रोमानिया यात्रा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने 22 जुलाई 2026 को स्कोप्जे संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का संयुक्त रूप से अनावरण किया। यह कदम भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊँचाई देने के प्रयास का हिस्सा है।

अनावरण समारोह और प्रतीकात्मक महत्व

राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि मुर्मु ने विश्वास जताया कि महात्मा गांधी की यह प्रतिमा दोनों देशों के बीच मित्रता का स्थायी प्रतीक बनेगी और शांति, सहिष्णुता तथा मानवता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। गौरतलब है कि यह उत्तर मैसेडोनिया में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा है, जो इस अनावरण को और अधिक ऐतिहासिक बनाती है।

मदर टेरेसा स्मारक और राष्ट्रीय नायक को श्रद्धांजलि

दोनों नेताओं ने स्कोप्जे स्थित मदर टेरेसा स्मारक का भी दौरा किया। उल्लेखनीय है कि मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्जे में हुआ था और वह 1928 तक वहीं रहीं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति मुर्मु ने चर्च ऑफ सेंट स्पास में उत्तर मैसेडोनिया के राष्ट्रीय नायक गोत्से डेलचेव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की — यह सांकेतिक कदम दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान को रेखांकित करता है।

द्विपक्षीय वार्ता और व्यापारिक संवाद

अपनी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित किया और भारत-उत्तर मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भी भाग लिया। मंगलवार को विला वोडनो में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक से पूर्व राष्ट्रपति मुर्मु को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उत्तर मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री ह्रिस्तियान मिकोस्की ने मंगलवार को उनके सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया।

तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव

उत्तर मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मु की तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। यात्रा के अंतिम चरण में वह 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी — जो तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली रोमानिया यात्रा होगी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपने यूरोपीय कूटनीतिक नेटवर्क को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भारत-उत्तर मैसेडोनिया संबंधों में व्यापार और निवेश के ठोस आँकड़े क्या हैं — जो इस यात्रा की कवरेज में प्रायः अनुपस्थित रहते हैं। मध्य-पूर्वी यूरोप के इस छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश के साथ संबंध गहरे करना भारत की बहुध्रुवीय कूटनीति का हिस्सा है, जो NATO और EU विस्तार के संदर्भ में अर्थपूर्ण है। तीन दशकों बाद रोमानिया यात्रा के साथ जोड़कर देखें तो यह यात्रा पूर्वी यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मु ने स्कोप्जे में क्या किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 जुलाई 2026 को स्कोप्जे संग्रहालय में उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा का संयुक्त अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने संसद को संबोधित किया, द्विपक्षीय वार्ता की और बिजनेस फोरम में भाग लिया।
उत्तर मैसेडोनिया में महात्मा गांधी की प्रतिमा का क्या महत्व है?
यह प्रतिमा भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच शांति, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह दोनों देशों की मित्रता का स्थायी प्रतीक बनेगी।
क्या यह उत्तर मैसेडोनिया में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है?
हाँ, यह उत्तर मैसेडोनिया में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति मुर्मु का विला वोडनो में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मु की तीन देशों की यात्रा में कौन-से देश शामिल हैं?
राष्ट्रपति मुर्मु की तीन देशों की यात्रा में उत्तर मैसेडोनिया दूसरा पड़ाव है। यात्रा के अंतिम चरण में वह 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी, जो तीन दशकों से अधिक समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली रोमानिया यात्रा होगी।
मदर टेरेसा का स्कोप्जे से क्या संबंध है?
मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्जे में हुआ था और वह 1928 तक वहीं रहीं। राष्ट्रपति मुर्मु और उनकी उत्तर मैसेडोनियाई समकक्ष ने स्कोप्जे स्थित मदर टेरेसा स्मारक का दौरा किया।
राष्ट्र प्रेस
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