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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक यात्रा के बाद दिल्ली लौटीं

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक यात्रा के बाद दिल्ली लौटीं

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोल्दोवा का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनकर और तीन दशकों में रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा कर इतिहास रचा। तीन देशों की इस यात्रा में रोमानिया के साथ 3 MoU हुए और भारत की यूरोपीय कूटनीति को नई दिशा मिली।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 जुलाई 2026 को मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पूरी कर नई दिल्ली लौटीं।
मुर्मु मोल्दोवा का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं; चिसीनाउ में संसद और स्पीकर इगोर ग्रोसु से मुलाकात की।
रोमानिया में लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा; राष्ट्रपति निकुसोर डैन से द्विपक्षीय वार्ता।
रोमानिया के साथ विज्ञान-प्रौद्योगिकी, खेल और बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में इंडियन स्टडीज चेयर के लिए 3 MoU पर हस्ताक्षर।
उत्तरी मैसेडोनिया में राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से बहुक्षेत्रीय सहयोग पर वार्ता।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार, 25 जुलाई 2026 को मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की तीन देशों की सफल राजकीय यात्रा संपन्न कर नई दिल्ली वापस लौट आईं। यह दौरा पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मोल्दोवा: ऐतिहासिक पहला दौरा

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपनी यात्रा की शुरुआत मोल्दोवा से की और इस देश का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गईं। राजधानी चिसीनाउ में उनके आगमन पर मोल्दोवा के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने उनका स्वागत किया।

चिसीनाउ प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा की संसद का दौरा किया और संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों सहित स्पीकर इगोर ग्रोसु से भेंट की। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के नेता एक सुदृढ़, भविष्योन्मुखी और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी की दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।

उत्तरी मैसेडोनिया में द्विपक्षीय वार्ता

मोल्दोवा के बाद राष्ट्रपति मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे पहुँचीं, जहाँ विदेश मामलों और विदेश व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने उनकी अगवानी की। इस दौरे में उन्होंने राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से विस्तृत बातचीत की।

वार्ता का केंद्र कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को विस्तार देना और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करना रहा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी यूरोपीय कूटनीति को परंपरागत भागीदारों से आगे बढ़ाकर नए देशों तक विस्तारित कर रहा है।

रोमानिया: तीन दशकों में पहली राजकीय यात्रा

यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मु रोमानिया पहुँचीं। गौरतलब है कि यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला राजकीय दौरा था। राजधानी बुखारेस्ट के कोट्रोसेनी पैलेस में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें सेरेमोनियल वेलकम तथा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने भारत-रोमानिया साझेदारी के प्रमुख पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ बहुपक्षीय सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

समझौते और उपलब्धियाँ

रोमानिया दौरे के दौरान तीन समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल क्षेत्र में सहयोग और बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में इंडियन स्टडीज चेयर की स्थापना के लिए। ये समझौते दोनों देशों के बीच संस्थागत और शैक्षणिक संपर्क को नई दिशा देंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु के साथ इस यात्रा में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री नीमूबेन जयंतीभाई बांभणिया, सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और विजय बघेल भी शामिल रहे।

आगे की राह

इस यात्रा से भारत और इन तीन यूरोपीय देशों के बीच कूटनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। भारत की यूरोप-नीति में अब छोटे किंतु रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो भारत की बहुध्रुवीय विदेश नीति का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन देशों में साख बनाने का प्रयास है जो EU और NATO की परिधि पर हैं। रोमानिया के साथ तीन दशक बाद हुई इस राजकीय यात्रा से व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस परिणाम की उम्मीद है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि MoU कागज़ों से आगे कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यूरोप यात्रा में कौन-कौन से देश शामिल थे?
राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया — तीन यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा की। यह दौरा 25 जुलाई 2026 को उनके नई दिल्ली लौटने के साथ संपन्न हुआ।
क्या राष्ट्रपति मुर्मु पहली भारतीय राष्ट्रपति हैं जिन्होंने मोल्दोवा का दौरा किया?
हाँ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। चिसीनाउ में उन्होंने संसद का दौरा किया और स्पीकर इगोर ग्रोसु से मुलाकात की।
रोमानिया के साथ किन क्षेत्रों में समझौते हुए?
रोमानिया के साथ तीन समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल क्षेत्र में सहयोग और बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में इंडियन स्टडीज चेयर की स्थापना। यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा थी।
उत्तरी मैसेडोनिया में राष्ट्रपति मुर्मु ने किनसे मुलाकात की?
उत्तरी मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे में राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से वार्ता की। बातचीत का उद्देश्य कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाना और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना था।
इस यात्रा का भारत की विदेश नीति के लिए क्या महत्व है?
यह यात्रा भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसमें परंपरागत यूरोपीय भागीदारों से आगे बढ़कर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के देशों से संबंध बनाए जा रहे हैं। मोल्दोवा में पहली बार और रोमानिया में तीन दशकों बाद राष्ट्रपति-स्तरीय यात्रा भारत की बहुध्रुवीय विदेश नीति को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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