राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्कोप्जे में उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति से की द्विपक्षीय वार्ता, पहली बार किसी भारतीय राष्ट्रपति का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 जुलाई 2026 को उत्तरी मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे स्थित विला वोड्नो में अपनी समकक्ष गोर्दाना सिलियानोव्स्का-दावकोवा के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक निकटता का प्रतीक माना जा रहा है।
वार्ता में क्या हुआ
दोनों राष्ट्रपतियों ने भारत-उत्तरी मैसेडोनिया द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वार्ता के दौरान आपसी सहयोग के नए अवसरों की पहचान की गई और संबंधों को नई गति देने पर सहमति बनी। विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी को दर्शाता है।
स्वागत और कार्यक्रम
स्कोप्जे हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत उत्तरी मैसेडोनिया के विदेश मामले और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने किया। राष्ट्रपति 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया में रहेंगी। इस दौरान उनका कार्यक्रम व्यापक है — वे देश की असेंबली के अध्यक्ष से मिलेंगी, असेंबली को संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाषण देंगी।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएँ तलाशी गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने यूरोपीय भागीदारों के साथ आर्थिक और तकनीकी संपर्क को व्यापक बनाने पर ज़ोर दे रहा है।
तीन देशों के दौरे का संदर्भ
राष्ट्रपति मुर्मु तीन देशों के दौरे के तहत पहले मोल्दोवा का सफल दौरा पूरा कर उत्तरी मैसेडोनिया पहुँची थीं। दौरे के अंतिम चरण में वे 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी — राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर। गौरतलब है कि यह तीन दशक से अधिक समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा होगा।
कूटनीतिक महत्व
यह दौरा भारत की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत मध्य और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ संबंध मजबूत किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।