राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का चिसीनाउ में मोल्दोवा संसद दौरा, स्पीकर इगोर ग्रोसु से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 20 जुलाई 2026 को चिसीनाउ में मोल्दोवा की संसद का दौरा किया और वहाँ के स्पीकर इगोर ग्रोसु तथा संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों से भेंट की। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने भारत और मोल्दोवा के बीच एक मज़बूत, भविष्योन्मुखी और परस्पर लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
संसद दौरे का विवरण
राष्ट्रपति मुर्मु के साथ इस यात्रा में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री निमूबेन जयंतिभाई बंभानिया तथा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा एवं विजय बघेल शामिल रहे। संसद भवन में स्पीकर ग्रोसु के साथ हुई बैठक में द्विपक्षीय संसदीय संबंधों को नई ऊर्जा देने पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति सैंडू से मुलाकात और गार्ड ऑफ ऑनर
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने चिसीनाउ के राष्ट्रपति भवन में मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू से शिखर वार्ता की। बैठक से पूर्व उन्हें पारंपरिक स्वागत के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा संबंधों की समग्र समीक्षा की और सहयोग विस्तार के नए रास्ते तलाशे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन वार्ताओं को 'उपयोगी' बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने नए अवसर खोलने और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चिसीनाउ के राष्ट्रपति भवन में मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू के साथ उपयोगी द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।"
ऐतिहासिक स्मारक पर श्रद्धांजलि
दिन की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मु ने चिसीनाउ में स्थित स्टीफन सेल मारे सी स्फांट स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक मोल्दोवा के राष्ट्रीय नायक को समर्पित है और किसी भी राजकीय यात्रा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम
राष्ट्रपति मुर्मु ने चिसीनाउ में आयोजित भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया और मोल्दोवा की कंपनियों को भारत में निवेश व व्यापार के अवसरों का लाभ उठाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, "भारत मोल्दोवा की कंपनियों के लिए व्यापार और कारोबार के अच्छे अवसर उपलब्ध कराता है। हम एक पारदर्शी, भरोसेमंद और निवेश के अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक एवं आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने का अवसर है, और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग और बढ़ने की उम्मीद है।