राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया पहुंचीं, किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला ऐतिहासिक दौरा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपनी तीन देशों की राजनयिक यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार, 21 जुलाई को स्कोप्जे पहुंचीं — यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तरी मैसेडोनिया की पहली आधिकारिक यात्रा है। मोल्दोवा दौरा सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद वे यहाँ पहुंचीं, जहाँ उत्तरी मैसेडोनिया के विदेश मामले और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने स्कोप्जे हवाई अड्डे पर उनका औपचारिक स्वागत किया।
ऐतिहासिक दौरे का महत्व
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में 'बढ़ती गर्मजोशी' का प्रतीक बताया। मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से भारत-उत्तरी मैसेडोनिया के द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर 22 जुलाई तक वहाँ रहेंगी।
मुख्य कार्यक्रम और बैठकें
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु का कार्यक्रम अत्यंत व्यस्त है। वे राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अतिरिक्त, वे उत्तरी मैसेडोनिया की असेंबली के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी, असेंबली को संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाषण देंगी। दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं में सहयोग विस्तार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
मोल्दोवा में क्या हुआ
इससे पहले मोल्दोवा में राष्ट्रपति मुर्मु ने चिसीनाउ के प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोल्दोवन राष्ट्रपति माइया सैंडू से द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए व्यापार और निवेश संवर्धन पर जोर दिया। तकनीकी सहयोग, कृषि और सस्ती दवाओं के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
आगे क्या — रोमानिया दौरा
तीन देशों की इस यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की यात्रा करेंगी। यह तीन दशकों से अधिक समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली यात्रा होगी। यह दौरा रोमानियाई राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर हो रहा है, जो भारत की यूरोपीय देशों के साथ बढ़ती राजनयिक सक्रियता को रेखांकित करता है।