3 नवंबर 2026
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कोयंबटूर: 24 घंटे में दो बार हिरासत से भागा राघवन सत्यमंगलम जंगल से गिरफ्तार, 4 पुलिसकर्मी निलंबित

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कोयंबटूर: 24 घंटे में दो बार हिरासत से भागा राघवन सत्यमंगलम जंगल से गिरफ्तार, 4 पुलिसकर्मी निलंबित

सारांश

24 घंटे में दो बार पुलिस हिरासत से फरार होने वाला राघवन उर्फ कोजिकरण आखिरकार सत्यमंगलम जंगल में ड्रोन निगरानी से पकड़ा गया। कोयंबटूर केंद्रीय जेल के बाहर पुलिसकर्मियों पर हमले और फरार की इस घटना ने तमिलनाडु में पुलिस हिरासत सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्य बातें

राघवन उर्फ कोजिकरण (25 वर्ष) 24 घंटे के भीतर दो बार पुलिस हिरासत से फरार हुआ।
पहली बार 30 अक्टूबर को अन्नूर पुलिस स्टेशन से और दूसरी बार कोयंबटूर केंद्रीय जेल परिसर से भागा।
ड्रोन निगरानी और छह विशेष दलों की मदद से सत्यमंगलम वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
तलाशी अभियान इरोड , नीलगिरी , कर्नाटक और केरल तक फैला था।
लापरवाही के आरोप में 4 पुलिसकर्मी निलंबित ; भागने पर अलग प्राथमिकी दर्ज।
राघवन पर डकैती व चोरी के कई मामले दर्ज; जून 2026 में भी बेंगलुरु ले जाते समय भाग चुका है।

कोयंबटूर पुलिस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लगातार दूसरे दिन 25 वर्षीय विचाराधीन कैदी राघवन उर्फ कोजिकरण से पूछताछ की, जो 24 घंटे के भीतर दो बार पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। उसे अंततः इरोड जिले के सत्यमंगलम वन क्षेत्र से ड्रोन निगरानी और विशेष अभियान के ज़रिए रात में गिरफ्तार किया गया।

घटनाक्रम: कैसे बना यह दोहरा फरार

पुलिस के अनुसार, राघवन को 30 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसी शाम वह अन्नूर पुलिस स्टेशन से भागने में सफल हो गया। तत्काल पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बाद में उसी रात एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी उसे रिमांड के लिए कोयंबटूर केंद्रीय जेल ले गए। जेल परिसर में पहुँचते समय राघवन ने साथ आए पुलिसकर्मियों पर हमला किया और एक बार फिर फरार हो गया, जिससे सुरक्षा में व्यापक हलचल मच गई।

तलाशी अभियान और गिरफ्तारी

राघवन के दूसरी बार भागने के बाद अधिकारियों ने छह विशेष पुलिस दल गठित किए। खोज अभियान इरोड और नीलगिरी जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और केरल तक फैलाया गया। जब सूचना मिली कि वह सत्यमंगलम वन क्षेत्र में छिपा हुआ है, तो पुलिस ने ड्रोन कैमरे तैनात कर उसकी सटीक स्थिति का पता लगाया। दल ने इलाके को घेर कर रात्रिकालीन अभियान में उसे दबोच लिया।

सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई

इस पूरी घटना के बाद अधिकारियों ने लापरवाही के आरोप में चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। भागने के संबंध में एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। रेसकोर्स पुलिस फिलहाल राघवन से पूछताछ कर रही है कि जेल परिसर से भागने के बाद वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर इतनी दूर वन क्षेत्र तक कैसे पहुँचा।

आरोपी की पृष्ठभूमि और पुराना रिकॉर्ड

राघवन इरोड जिले के भवानीसागर स्थित श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास केंद्र का निवासी है। उस पर डकैती और चोरी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका हिरासत से भागने का पुराना इतिहास है — जून 2026 में भी वह बेंगलुरु ले जाते समय फरार हो चुका है। गौरतलब है कि यह उसका पुलिस हिरासत से तीसरा फरार होने का प्रयास है।

जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या राघवन को भागने और बाद की गतिविधियों के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति की सहायता मिली थी। उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ पूरी होने के बाद राघवन को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने और कड़ी सुरक्षा में रखे जाने की अपेक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कोई विशेष सतर्कता नहीं बरती गई। चार पुलिसकर्मियों का निलंबन जवाबदेही की शुरुआत है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रणालीगत सुधार होंगे या यह महज एक और प्रशासनिक कार्रवाई बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राघवन उर्फ कोजिकरण कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
राघवन उर्फ कोजिकरण 25 वर्षीय विचाराधीन कैदी है, जो इरोड जिले के भवानीसागर स्थित श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास केंद्र का निवासी है। उस पर डकैती और चोरी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस हिरासत से भागने का पुराना इतिहास है।
राघवन कोयंबटूर केंद्रीय जेल से कैसे भागा?
30 अक्टूबर की रात जब एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी उसे रिमांड के लिए कोयंबटूर केंद्रीय जेल ले जा रहे थे, तो जेल परिसर में पहुँचते समय राघवन ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और भाग निकला। यह उसी दिन अन्नूर पुलिस स्टेशन से पहले की भागने की कोशिश के बाद दूसरी बार था।
राघवन को कहाँ और कैसे गिरफ्तार किया गया?
राघवन को इरोड जिले के सत्यमंगलम वन क्षेत्र से रात्रिकालीन अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ड्रोन कैमरों से उसकी सटीक स्थिति का पता लगाया, इलाके को घेरा और उसे पकड़ लिया।
इस घटना के बाद किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई?
जेल परिसर में राघवन की निगरानी में लापरवाही के आरोप में चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, राघवन के भागने के संबंध में एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
क्या राघवन पहले भी पुलिस हिरासत से भाग चुका है?
हाँ, राघवन जून 2026 में भी बेंगलुरु ले जाते समय पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है। 30 अक्टूबर 2026 की घटना उसके हिरासत से भागने का तीसरा प्रयास बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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