3 नवंबर 2026
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1984 सिख दंगे: BJP नेता मनमीत सिंह की माँग — टाइटलर और कमलनाथ स्वर्ण मंदिर जाकर माफी माँगें

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1984 सिख दंगे: BJP नेता मनमीत सिंह की माँग — टाइटलर और कमलनाथ स्वर्ण मंदिर जाकर माफी माँगें

सारांश

नवंबर का महीना और 1984 की यादें — BJP नेता मनमीत सिंह ने हैदराबाद में टाइटलर और कमलनाथ से स्वर्ण मंदिर जाकर माफी माँगने की माँग की। साथ ही खेलो इंडिया पर भ्रष्टाचार के आरोप और 2028 में तेलंगाना में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान — BJP ने एक साथ कई मोर्चे खोले।

मुख्य बातें

BJP नेता मनमीत सिंह ने 3 नवंबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस नेताओं जगदीश टाइटलर और कमलनाथ से स्वर्ण मंदिर जाकर 1984 सिख दंगों के लिए माफी माँगने की अपील की।
मनमीत सिंह ने कहा कि सिखों के गले में टायर डालकर जलाने वालों के साथियों को उस समय बड़े पदों पर बैठाया गया था।
खेलो इंडिया कार्यक्रम के नाम पर रेवंत रेड्डी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया; राज्य में ठेकेदारों के बकाया भुगतान और किसान कर्जमाफी अधूरी रहने का हवाला दिया।
BJP ने 2028 तेलंगाना विधानसभा चुनाव किसी से गठबंधन किए बिना अकेले लड़ने और अपना मुख्यमंत्री बनाने का दावा किया।
BJYM तेलंगाना अध्यक्ष गणेश कुंडे ने कालेश्वरम परियोजना में कथित भ्रष्टाचार पर अब तक कोई गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया और BRS-कांग्रेस के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मनमीत सिंह ने 3 नवंबर 2026 को हैदराबाद में एक प्रेस संबोधन में कांग्रेस नेताओं जगदीश टाइटलर और कमलनाथ से स्वर्ण मंदिर जाकर सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की अपील की। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख दंगों की दर्दनाक यादें नवंबर आते ही फिर ताजी हो जाती हैं और सिख समुदाय आज भी उस पीड़ा को जीता है।

1984 दंगों पर BJP की माँग

मनमीत सिंह ने कहा, '1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जो दंगे हुए, उनमें सिखों के परिवार के परिवार तबाह हो गए। लोगों के गले में टायर डालकर जलाया गया था। सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और अन्य लोग, जिन्होंने उस समय साथ दिया था, उन्हें बड़े पदों पर बैठाया गया।' उन्होंने कहा कि आज सज्जन कुमार नहीं रहे, लेकिन टाइटलर और कमलनाथ से उनकी स्पष्ट अपील है कि वे स्वर्ण मंदिर में माथा टेककर माफी माँगें ताकि सिख समुदाय के दिल को शांति मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि ये नेता प्रेस में आकर यह स्वीकार करें कि राजनीतिक कारणों से सिखों के साथ अन्याय हुआ था, तो शायद समुदाय उन्हें माफ करने की राह पर आगे बढ़ सके। उनके अनुसार, उन परिवारों की आँखों से आज भी आँसू नहीं थमते जिन्होंने अपने प्रियजन खोए थे।

खेलो इंडिया पर रेवंत रेड्डी सरकार पर निशाना

BJP नेता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर खेलो इंडिया कार्यक्रम के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार खुद कहती है कि उसके पास पर्याप्त फंड नहीं हैं और बैंक ऋण नहीं मिल रहा, तो विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना कैसे बनेगी। उन्होंने YSR के कार्यकाल में AICC आयोजन के दौरान हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया।

मनमीत सिंह ने यह भी कहा कि ठेकेदारों ने सचिवालय के बाहर धरना दिया था क्योंकि उनके बिलों का भुगतान नहीं हो रहा, कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, किसानों की कर्जमाफी अधूरी है और सरकार की कई गारंटियाँ पूरी नहीं हुई हैं। उनके अनुसार, इन परिस्थितियों में बड़े आयोजनों पर जोर देना प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया आयोजित हो, लेकिन पारदर्शिता के साथ।

BRS-कांग्रेस गठजोड़ के आरोप

मनमीत सिंह ने आरोप लगाया कि BRS और कांग्रेस के बीच सार्वजनिक विरोध के बावजूद व्यावहारिक स्तर पर मिलीभगत दिखाई देती है। उनके अनुसार, फॉर्मूला-ई रेस मामले और फोन टैपिंग प्रकरण में कांग्रेस ने आरोप तो लगाए लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि हर तीन-चार महीने में केवल बयान जारी होते हैं, जबकि जनता परिणाम चाहती है।

2028 तेलंगाना चुनाव: BJP का एकला चलो

मनमीत सिंह ने स्पष्ट किया कि BJP 2028 का तेलंगाना विधानसभा चुनाव किसी भी दल के साथ गठबंधन किए बिना अकेले अपने दम पर लड़ेगी। उनका दावा है कि इस बार तेलंगाना में BJP का मुख्यमंत्री बनेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्षी राजनीति का स्वरूप अभी भी अस्पष्ट है।

BJYM नेता का कालेश्वरम पर सवाल

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष गणेश कुंडे ने कालेश्वरम परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब तक कोई गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में राजनीतिक इच्छाशक्ति होती, तो जिन मुद्दों पर आरोप लगे हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई होती। जनता अब केवल आरोप नहीं, नतीजे चाहती है।

गौरतलब है कि तेलंगाना में 2028 के चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ रही है और इस संदर्भ में ये बयान राज्य की राजनीति में नई हलचल का संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और राजनीतिक रूप से इसकी उपयोगिता स्पष्ट है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह माँग केवल चुनावी कैलेंडर के अनुरूप है या इसके पीछे न्यायिक जवाबदेही की कोई ठोस रणनीति भी है। टाइटलर और कमलनाथ के खिलाफ दशकों से चल रही कानूनी प्रक्रियाओं के बावजूद जब भी कोई निर्णायक पड़ाव नहीं आया, तो राजनीतिक बयानबाजी ही सुर्खियाँ बनती है। तेलंगाना में 2028 चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान और रेवंत रेड्डी सरकार पर हमले — यह एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन अलग-अलग राजनीतिक निशानों को साधने की कोशिश है, जो BJP की राज्य में उपस्थिति को मजबूत दिखाने की रणनीति का हिस्सा लगती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP ने 1984 सिख दंगों पर जगदीश टाइटलर और कमलनाथ से माफी की माँग क्यों की?
BJP नेता मनमीत सिंह ने 3 नवंबर 2026 को हैदराबाद में कहा कि 1984 के दंगों में सिख परिवारों को जिन नेताओं के संरक्षण में नुकसान पहुँचाया गया, उनमें जगदीश टाइटलर और कमलनाथ का नाम लिया जाता रहा है। उन्होंने माँग की कि ये नेता स्वर्ण मंदिर जाकर माथा टेकें और सार्वजनिक रूप से माफी माँगें ताकि सिख समुदाय को कुछ शांति मिले।
BJP ने रेवंत रेड्डी सरकार पर खेलो इंडिया के नाम पर क्या आरोप लगाए?
मनमीत सिंह ने आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार के पास फंड की कमी और बैंक ऋण न मिलने की स्थिति के बावजूद खेलो इंडिया के नाम पर विश्वस्तरीय अवसंरचना बनाने का दावा किया जा रहा है, जिसमें भ्रष्टाचार की आशंका है। उन्होंने ठेकेदारों के बकाया भुगतान, अधूरी कर्जमाफी और मिस यूनिवर्स आयोजन पर लगे आरोपों का भी हवाला दिया।
BJP ने तेलंगाना में 2028 चुनाव के लिए क्या रणनीति घोषित की?
BJP नेता मनमीत सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी 2028 का तेलंगाना विधानसभा चुनाव किसी भी दल के साथ गठबंधन किए बिना अकेले लड़ेगी और उनका दावा है कि इस बार तेलंगाना में BJP का मुख्यमंत्री बनेगा।
BRS और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप क्यों लगाया गया?
BJP नेता ने कहा कि कांग्रेस ने BRS के खिलाफ फॉर्मूला-ई रेस, फोन टैपिंग और कालेश्वरम परियोजना जैसे मामलों में आरोप तो लगाए लेकिन सत्ता में आने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। BJYM अध्यक्ष गणेश कुंडे ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता यह देख रही है और उसे अब केवल बयान नहीं, परिणाम चाहिए।
1984 सिख दंगों में सज्जन कुमार का क्या संदर्भ है?
मनमीत सिंह के अनुसार, 1984 के दंगों से जुड़े नेताओं में सज्जन कुमार का नाम प्रमुख रहा था और उन्हें दोषी ठहराया गया था। सज्जन कुमार का अब निधन हो चुका है, लेकिन BJP का कहना है कि जगदीश टाइटलर और कमलनाथ अभी भी जीवित हैं और उन्हें सिख समुदाय से माफी माँगनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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