स्टिंग ऑपरेशन विवाद: BJP नेता रोहन गुप्ता बोले — 'SIR बहाना, असली मकसद तख्तापलट था'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली और एक निजी टीवी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) का विरोध तो महज एक बहाना था — असली मंशा सरकार को अस्थिर करने की थी।
मुख्य आरोप और बयान
गुप्ता ने कहा, 'SIR तो सिर्फ बहाना था, असल मकसद तख्तापलट करने का था। इसमें देश-विरोधी तत्व भी शामिल हो गए थे। जाँच होगी तो सारी हकीकत सामने आएगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिकों को सतर्क रहना अनिवार्य है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को यह सोचना चाहिए कि क्या तख्तापलट की कोशिशों से कभी जनता का विश्वास अर्जित किया जा सकता है — जनता का दिल जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, न कि साजिशें रचनी पड़ती हैं।
पंजाब और कांग्रेस पर निशाना
रोहन गुप्ता ने पंजाब कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के लिए पंजाब की जनता से माफी माँगनी चाहिए — क्योंकि कथित तौर पर उसी तारीख से जुड़े दर्दनाक इतिहास को लेकर यह दिन संवेदनशील माना जाता है।
उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और अन्य कांग्रेस-शासित राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ की शासन-व्यवस्था देखकर जनता खुद फैसला कर सकती है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) को भी दिल्ली में 'विफल' करार दिया।
कांग्रेस को 'भस्मासुर' बताया
गुप्ता ने कांग्रेस को 'भस्मासुर' की उपमा देते हुए कहा कि यह पार्टी जिस भी गठबंधन में जाती है, उसे नुकसान पहुँचाती है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में राजद के साथ गठबंधन के दौरान कांग्रेस ने 'वोट चोरी' जैसे मुद्दे उठाकर तेजस्वी यादव का राजनीतिक भविष्य कमज़ोर किया। उन्होंने अखिलेश यादव को भी आगाह किया कि कांग्रेस के साथ खड़े होने के परिणाम उनके लिए भी घातक हो सकते हैं।
नकवी और वीएचपी की प्रतिक्रिया
BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कथित 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारें गिराने के दावे करते हैं और सत्ता परिवर्तन की साजिशें रचते हैं, उनका राजनीतिक महत्व लगातार घटता जा रहा है। नकवी ने कहा, 'जनता इन्हें पहले ही नकार चुकी है और इनकी हताशा अब साफ दिखाई दे रही है।'
नकवी ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दंगाइयों और बाहुबलियों पर की गई कार्रवाई ने राज्य में सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द सुनिश्चित किया है।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र और चुनावों के ज़रिए होता है, न कि अराजकता से। उन्होंने आगाह किया कि अगर कोई बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति भारत में दोहराने का सपना देख रहा है, तो वह संभव नहीं होगा।
विपक्ष का पलटवार
दूसरी ओर, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के सांसद कीर्ति आजाद ने रामलीला मैदान की रैली को 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने कहा कि रैली की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री इसके जवाब में सड़क पर यात्राएँ निकालने को मजबूर हो गए। आजाद ने नितिन नवीन और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की यात्राओं का उल्लेख विशेष रूप से किया।
यह राजनीतिक बहस ऐसे समय में तेज हुई है जब INDIA ब्लॉक और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच टकराव अपने चरम पर है और स्टिंग ऑपरेशन को लेकर जाँच की माँग उठ रही है।