इमरजेंसी मानसिकता और तुष्टीकरण पर BJP के रोहन गुप्ता का कांग्रेस पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 15 जून 2026 को अहमदाबाद में कहा कि कांग्रेस पार्टी आज भी इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है और वह तुष्टीकरण की राजनीति पर टिकी हुई है। यह प्रतिक्रिया उन्होंने कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के उस बयान के जवाब में दी, जिसमें गहलोत ने जयपुर में कहा था कि यदि इंदिरा गांधी जीवित होतीं तो BJP जैसी पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया होता।
गहलोत के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया
रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की 'हकीकत' उनकी जुबान पर आ ही जाती है। उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार से इनको इतनी नफरत हो गई है कि अगर कोई पार्टी हिंदुत्व की रक्षा करे तो कांग्रेस बोलेगी कि बैन कर देंगे।' गुप्ता ने यह भी जोड़ा कि यह वह भारत नहीं है जो इमरजेंसी को बर्दाश्त करेगा, और इमरजेंसी का खामियाजा खुद कांग्रेस और इंदिरा गांधी को भुगतना पड़ा था।
दोहरे मापदंड का आरोप
BJP नेता ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब उसी पार्टी के एक मुख्यमंत्री यह कहते हैं कि 'कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस', तब कोई सवाल नहीं उठता और संविधान खतरे में नहीं आता। गुप्ता के अनुसार, इसी दोहरे मापदंड की वजह से कांग्रेस की यह दशा हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान की आड़ में तुष्टीकरण की राजनीति का खामियाजा देश भुगत चुका है और जनता इस हकीकत को समझ चुकी है।
इंडिया गठबंधन पर हिंदुत्व-विरोधी टिप्पणियों को लेकर निशाना
समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता की हिंदुओं पर की गई कथित विवादास्पद टिप्पणी के संदर्भ में रोहन गुप्ता ने कहा कि सपा, कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के नेता हिंदुत्व पर लगातार टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों को लगता है कि हिंदुत्व को निशाना बनाने से उनके वोट बैंक की रक्षा होगी। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि BJP किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि तुष्टीकरण के विरोध में है।
अभिषेक बनर्जी और ED जाँच पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के शिक्षक भर्ती घोटाले की जाँच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश होने पर भी रोहन गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी बंगाल में हर भ्रष्टाचार के केंद्र में रहे हैं और हर घोटाले में उनका नाम आता है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक विधायक का फर्जी पत्र भी बनाया, जिसके खिलाफ TMC के अपने विधायकों और सांसदों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे के प्रति मोह से मुक्त नहीं हो पाई हैं। गुप्ता ने कहा कि यह तो केवल 'ट्रेलर' है और असली हकीकत जनता के सामने आएगी।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि इमरजेंसी (1975-77) भारतीय राजनीति का एक संवेदनशील अध्याय है, जिसे लेकर BJP और कांग्रेस के बीच लंबे समय से वाकयुद्ध जारी है। गहलोत के ताजा बयान ने इस बहस को फिर से हवा दी है। आलोचकों का कहना है कि चुनावी मौसम में इस तरह के बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना है।