सनातन पर कांग्रेस का रवैया तुष्टिकरण की राजनीति: भाजपा सचिव रोहन गुप्ता का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने 31 अगस्त को जयपुर में राजस्थान नगर निकाय चुनावों के संदर्भ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कर्नाटक के एक कांग्रेस मंत्री की इस्लाम संबंधी टिप्पणी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख अरशद मदनी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर की गई टिप्पणी को निशाने पर लिया। गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सनातन धर्म का अपमान कर तुष्टिकरण की राजनीति को हवा दे रही है।
कांग्रेस पर सनातन-विरोध का आरोप
रोहन गुप्ता ने कहा, 'कांग्रेस के लिए सनातन की कीमत पर तुष्टिकरण की राजनीति करना कोई नई बात नहीं है। आप अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन यह कहना कि यह धर्म बेहतर है और वह धर्म बुरा है — आप सनातन पर सवाल क्यों उठा रहे हैं?' उन्होंने माँग की कि यदि कांग्रेस आलाकमान में जरा भी गरिमा है, तो ऐसे बयान देने वालों को तुरंत पार्टी से निकाला जाए और देश की जनता से माफी माँगी जाए।
गुप्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस बार-बार सनातन को निशाना बनाकर तुष्टिकरण की राजनीति करती है और जनता अब उसकी असलियत भली-भाँति समझ चुकी है।
अरशद मदनी और मोहन भागवत विवाद
भाजपा नेता ने कहा कि अरशद मदनी जब भी मौका पाते हैं, नफरत फैलाने का काम करते हैं, जबकि मोहन भागवत ने बेहद सकारात्मक बात कही है। उन्होंने कहा कि नफरत तुष्टिकरण की राजनीति और मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिशों से फैलती है। गुप्ता ने यह भी कहा कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर मदनी ने एक बार भी आवाज नहीं उठाई, और उनके बयानों से मुस्लिम समाज को सबसे अधिक नुकसान पहुँचा है।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव और भाजपा का दावा
रोहन गुप्ता ने भाजपा और कांग्रेस के बीच तुलना करते हुए कहा कि 'भाजपा मतलब भाईचारा और कांग्रेस मतलब कलह।' उन्होंने दावा किया कि विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस में टिकट बँटवारे को लेकर आपसी झगड़े हो रहे हैं, जो राजस्थान तक सीमित नहीं, बल्कि बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में भी दिखता है।
इसके विपरीत, गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने शांतिपूर्वक उम्मीदवारों को टिकट दिया है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार ट्रिपल इंजन की सरकार बनाकर पूर्ण बहुमत से भाजपा को जिताया जाएगा।
आगे क्या
राजस्थान नगर निकाय चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। धार्मिक बयानों और तुष्टिकरण के आरोपों के बीच मतदाताओं का रुख ही तय करेगा कि इन चुनावों में किसका पलड़ा भारी रहता है।