गहलोत के 'इंदिरा BJP पर बैन लगातीं' बयान पर BJP का पलटवार: आरपी सिंह बोले, कांग्रेस इमरजेंसी मानसिकता में कैद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 15 जून 2026 को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें गहलोत ने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी जीवित होतीं तो वह BJP जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। सिंह ने कहा कि इस तरह के बयान यह साबित करते हैं कि कांग्रेस आज भी आपातकाल (इमरजेंसी) की सोच से बाहर नहीं आ पाई है।
गहलोत के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया
आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस प्रकार के बयान पार्टी की लोकतंत्र-विरोधी मानसिकता को उजागर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल अपनी पार्टी का अस्तित्व चाहती है और राजनीतिक विविधता को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। सिंह के अनुसार, लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करने की यह सोच देश के लिए चिंताजनक है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम सहमति पर स्वागत
सिंह ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की दिशा में बनी सहमति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी तनाव के कारण वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग के शीघ्र खुलने से कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होगी और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
SP सांसद जावेद अली खान के बयान की आलोचना
समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान के उस कथित बयान पर भी आरपी सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश का बहुसंख्यक समाज 'जहरीला' हो गया है। सिंह ने कहा कि जावेद अली खान को हिंदुत्व के मूल स्वरूप को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, हिंदुत्व किसी के प्रति घृणा या वैमनस्य का प्रतीक नहीं, बल्कि यह सहिष्णुता, समावेशिता और सामाजिक समरसता की भावना का प्रतिनिधित्व करता है।
ओवैसी-सायानी घोष विवाद पर BJP का रुख
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता सायानी घोष पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में भी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा था, 'एक आंख में काबा और दूसरी में मदीना, अब सब साथ बैठकर चाय पी रही हैं।' इस पर सिंह ने कहा कि ओवैसी के बयान उनकी राजनीतिक सोच को दर्शाते हैं — एक ऐसी सोच जो लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और भय के माहौल को स्वीकार्य मानती है।
BJP का लोकतंत्र पर दावा
सिंह ने स्पष्ट किया कि BJP लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विविधता में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का समान अधिकार है। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दलों के बीच आपसी तनाव और बयानों का सिलसिला तेज़ हो गया है।