31 जुलाई 2026
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अशोक गहलोत के बयान पर बिहार मंत्री अशोक चौधरी का पलटवार, कांग्रेस को आत्मचिंतन की नसीहत

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अशोक गहलोत के बयान पर बिहार मंत्री अशोक चौधरी का पलटवार, कांग्रेस को आत्मचिंतन की नसीहत

सारांश

बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने अशोक गहलोत के 'इंदिरा गांधी BJP पर बैन लगातीं' वाले बयान को तानाशाही सोच करार दिया और कांग्रेस को आत्मचिंतन की नसीहत दी। साथ ही पश्चिम बंगाल में TMC के पतन को राज्य के राजनीतिक बदलाव के ऐतिहासिक चक्र का हिस्सा बताया।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने 15 जून को पटना में अशोक गहलोत के बयान को 'तानाशाही सोच' बताया।
गहलोत ने कहा था कि इंदिरा गांधी जीवित होतीं तो BJP पर प्रतिबंध लगा देतीं।
चौधरी ने कहा — भारत लोकतंत्र है, BJP जनता के जनादेश से सत्ता में है।
कांग्रेस को आत्मचिंतन कर अपनी आंतरिक खामियाँ दूर करने की सलाह दी।
पश्चिम बंगाल में TMC के खिलाफ जनाक्रोश को राज्य के ऐतिहासिक सत्ता-परिवर्तन चक्र का हिस्सा बताया।

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार, 15 जून को पटना में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के उस बयान को सिरे से अप्रासंगिक करार दिया, जिसमें गहलोत ने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर प्रतिबंध लगा देतीं। चौधरी ने इस बयान को 'तानाशाही सोच' बताते हुए कहा कि इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

लोकतंत्र बनाम तानाशाही

मंत्री अशोक चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, राजतंत्र नहीं। उनके अनुसार, BJP सत्ता में किसी की इच्छा या अनिच्छा से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश के बल पर है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता पसंद करती है, इसीलिए आज भाजपा सत्ता में है।' उनका तर्क था कि इंदिरा गांधी के होने या न होने की परिकल्पना से पहले कांग्रेस को अपनी आंतरिक कमज़ोरियों पर विचार करना चाहिए।

कांग्रेस को आत्मचिंतन की नसीहत

चौधरी ने कांग्रेस को सीधी सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को पहले यह पता लगाना चाहिए कि उसके भीतर कहाँ खामियाँ हैं और फिर उन्हें दूर करना चाहिए, ताकि संगठन को मज़बूती मिल सके। उन्होंने कहा, 'आपको आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही है।

पश्चिम बंगाल में TMC पर प्रतिक्रिया

मंत्री चौधरी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे बवाल पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोगों में TMC की कार्यशैली को लेकर गहरा आक्रोश है, जो अब सड़कों पर फूट रहा है। उनके अनुसार, जब तक TMC सत्ता में थी, लोग अपना रोष खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते थे, लेकिन सत्ता से बाहर होते ही जनता का दबा हुआ गुस्सा सामने आ गया।

पश्चिम बंगाल का राजनीतिक ट्रेंड

चौधरी ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक विरासत का हवाला देते हुए कहा कि यह राज्य सत्ता-परिवर्तन के लिए जाना जाता है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले कांग्रेस, फिर वामपंथी, फिर TMC और अब BJP — यह बदलाव का एक स्थापित चक्र है। उनके अनुसार, TMC का सत्ता से बाहर होना कोई अप्रत्याशित घटना नहीं, बल्कि राज्य के राजनीतिक इतिहास की स्वाभाविक कड़ी है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि यह बयानबाज़ी 2025 के बिहार चुनावी समीकरणों की पृष्ठभूमि में आई है, जहाँ कांग्रेस-BJP की वैचारिक टकराहट को तेज़ करना BJP के लिए सीधा चुनावी फायदा है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी और BJP के बारे में क्या कहा था?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो वे BJP पर प्रतिबंध लगा देतीं। इस बयान को बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने तानाशाही सोच बताते हुए अस्वीकार कर दिया।
बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने कांग्रेस को क्या सलाह दी?
अशोक चौधरी ने कांग्रेस को आत्मचिंतन करने और अपनी आंतरिक खामियाँ पहचानकर उन्हें दूर करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि काल्पनिक बयानों की बजाय पार्टी को अपनी विसंगतियों पर ध्यान देना चाहिए।
BJP के सत्ता में होने पर अशोक चौधरी का क्या तर्क है?
चौधरी ने कहा कि BJP सत्ता में किसी की इच्छा या अनिच्छा से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश के कारण है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता पसंद करती है, यही BJP की सत्ता का आधार है।
पश्चिम बंगाल में TMC की स्थिति पर चौधरी ने क्या कहा?
अशोक चौधरी ने कहा कि TMC की कार्यशैली से जनता में आक्रोश था, जो सत्ता जाने के बाद सड़कों पर फूट पड़ा है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक सत्ता-परिवर्तन चक्र का हिस्सा बताया।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव का ऐतिहासिक क्रम क्या रहा है?
चौधरी के अनुसार पश्चिम बंगाल में पहले कांग्रेस, फिर वामपंथी दल, फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अब BJP का उभार — यह राज्य की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने इसे कोई नई घटना नहीं, बल्कि एक स्थापित ट्रेंड बताया।
राष्ट्र प्रेस
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