रोहन गुप्ता का विपक्ष पर हमला: 'तख्तापलट से नहीं, चुनाव जीतकर जनता का दिल जीतें'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 23 अक्टूबर 2026 को जयपुर में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता का विश्वास चुनाव जीतकर हासिल किया जाता है, तख्तापलट की राजनीति से नहीं।
लोकतंत्र पर सीधा हमला
गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक विपक्षी दल को लोकतांत्रिक ढंग से अपना विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष को जनादेश और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भरोसा नहीं है, तो वे चुनाव मैदान में क्यों उतरते हैं।
उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत एक भिन्न लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है, जहाँ सरकारें मतपेटियों के ज़रिए बनती और बदलती हैं।
प्रशांत भूषण के बयान पर प्रतिक्रिया
BJP नेता ने वकील प्रशांत भूषण के उस बयान को 'भड़काऊ' करार दिया, जिसमें कथित तौर पर हर गली-मोहल्ले को जंतर-मंतर बनाने की बात कही गई थी। गुप्ता ने पूछा कि इस तरह के बयानों से समाज को क्या संदेश देने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करने की प्रवृत्ति से जोड़ा।
वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए गुप्ता ने कहा कि BJP ने मतदाताओं का भरोसा अपने कामकाज से जीता है। उन्होंने कहा कि जब भी विपक्ष किसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख पर आरोप लगाता है और राष्ट्रपति से मिलने जाता है, तो उसे ठोस सबूत भी सामने रखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्ष्य माँगे जाने पर विपक्षी नेता 'एक-दूसरे का मुंह देखने लगते हैं।'
कांग्रेस पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप
गुप्ता ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप दोहराते हुए दावा किया कि इन्हीं कारणों से जनता कांग्रेस से दूरी बनाती जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुकी है।
पंचायत चुनाव और विकास कार्य
पंचायत चुनावों का संदर्भ देते हुए गुप्ता ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वे गए, वहाँ जनता विकास कार्यों से संतुष्ट नज़र आई। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि जिन राज्यों में उनकी सरकारें हैं, वहाँ बेहतर शासन दें और जनता का भरोसा काम से जीतें — न कि आरोप-प्रत्यारोप से। यह देखना बाकी है कि आगामी चुनावी मौसम में BJP और विपक्ष के बीच यह राजनीतिक तनातनी किस दिशा में जाती है।