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मल्लिका शेरावत की असली कहानी: रीमा लांबा से 'महारानी' बनने का सफर, माँ के सरनेम में छुपी है पहचान

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मल्लिका शेरावत की असली कहानी: रीमा लांबा से 'महारानी' बनने का सफर, माँ के सरनेम में छुपी है पहचान

सारांश

रीमा लांबा से मल्लिका शेरावत बनने की कहानी सिर्फ नाम बदलने की नहीं है — यह पिता के विरोध, माँ के मूक समर्थन और अपनी पहचान खुद गढ़ने की कहानी है। 'महारानी' अर्थ वाले नाम के साथ माँ का सरनेम जोड़कर उन्होंने बॉलीवुड में एक अलग छाप छोड़ी।

मुख्य बातें

मल्लिका शेरावत का असली नाम रीमा लांबा है; जन्म 24 अक्टूबर 1976 को हरियाणा में हुआ।
पिता ने फिल्मों में जाने पर परिवार का नाम खराब होने की आशंका जताई और अलग करने की बात कही — यह सुनकर उन्होंने पिता का सरनेम छोड़ दिया।
'मल्लिका' नाम का अर्थ 'महारानी' है; 'शेरावत' उनकी माँ का सरनेम है, जिसे उन्होंने सम्मान स्वरूप अपनाया।
करियर की शुरुआत 2002 में 'जीना सिर्फ मेरे लिए' से; बड़ी पहचान 2004 में 'मर्डर' से मिली।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैकी चैन के साथ 'द मिथ' में भी काम किया।

बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत का असली नाम रीमा लांबा है — और इस नाम से 'मल्लिका शेरावत' बनने की यात्रा महज़ एक स्क्रीन-नेम बदलने की कहानी नहीं है, बल्कि यह परिवार की अपेक्षाओं, पिता के विरोध और एक बेटी की अपनी राह खुद बनाने की दृढ़ता की दास्तान है। हरियाणा में 24 अक्टूबर 1976 को जन्मी मल्लिका ने अपने नाम में माँ का सरनेम अपनाकर न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान गढ़ी, बल्कि अपनी माँ को एक अनोखा सम्मान भी दिया।

पिता का विरोध और एक अहम मोड़

मल्लिका ने 2021 में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनके पिता उनके फिल्मों में काम करने के सख्त खिलाफ थे। उनका मानना था कि बेटी का फिल्म इंडस्ट्री में जाना परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाएगा। यहाँ तक कि उन्होंने उन्हें परिवार से अलग कर देने की बात भी कह दी थी।

मल्लिका के लिए यह जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने उसी वक्त तय कर लिया कि वह पिता का सरनेम 'लांबा' नहीं अपनाएंगी। इसके बजाय उन्होंने अपनी माँ का सरनेम 'शेरावत' चुना — जो उनके अनुसार मुश्किल वक्त में हमेशा चुपचाप उनके साथ खड़ी रहती थीं।

'मल्लिका' नाम के पीछे की सोच

मल्लिका ने 2005 में एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री में उस दौर में 'रीमा' नाम की कई अभिनेत्रियाँ पहले से सक्रिय थीं। वह एक ऐसा नाम चाहती थीं जो उन्हें भीड़ से अलग करे और उनकी विशिष्ट पहचान बने।

उन्हें 'मल्लिका' नाम पसंद आया, जिसका अर्थ होता है 'महारानी'। 'शेरावत' उनकी माँ का सरनेम था। उनका कहना था कि माँ ने कभी खुलकर न सही, लेकिन हर मुश्किल में उनका साथ दिया। इसलिए माँ के नाम को अपनाना उनके लिए उस मूक समर्थन को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने जैसा था।

करियर की शुरुआत और बड़ी पहचान

मल्लिका शेरावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2002 में फिल्म 'जीना सिर्फ मेरे लिए' से की। इसके बाद 2003 में 'ख्वाहिश' में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। हालाँकि, उन्हें देशव्यापी पहचान 2004 में आई फिल्म 'मर्डर' से मिली, जिसमें उन्होंने अभिनेता इमरान हाशमी के साथ काम किया। इस फिल्म में उनके बोल्ड किरदार की व्यापक चर्चा हुई और साथ ही आलोचनाएं भी।

गौरतलब है कि यह वह दौर था जब हिंदी सिनेमा में इस तरह के किरदारों को लेकर सामाजिक बहसें होती थीं। मल्लिका उन अभिनेत्रियों में शामिल रहीं, जिन्होंने इन विवादों के बावजूद अपनी शर्तों पर काम जारी रखा।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और विविध भूमिकाएँ

हिंदी फिल्मों से आगे बढ़कर मल्लिका ने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने हॉलीवुड स्टार जैकी चैन के साथ फिल्म 'द मिथ' में काम किया। इसके अलावा 'प्यार के साइड इफेक्ट्स', 'वेलकम' और 'डबल धमाल' जैसी हिंदी फिल्मों में भी उनकी भूमिकाएँ उल्लेखनीय रहीं।

उनका करियर कई उतार-चढ़ाव से गुज़रा, लेकिन उन्होंने अपनी एक विशिष्ट स्क्रीन पर्सोनैलिटी बनाए रखी — जो उनके अनुसार उनकी अपनी शर्तों पर गढ़ी गई थी।

माँ का सरनेम: सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक

मल्लिका शेरावत की यह यात्रा बताती है कि किस तरह पारिवारिक संघर्ष कभी-कभी किसी की पहचान को और मज़बूत कर देता है। 'शेरावत' नाम उनके लिए सिर्फ एक सरनेम नहीं, बल्कि उनकी माँ की उस चुप्पी का श्रेय है जो बिना शोर के उनके साथ रही। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में वह अपनी इस विरासत को किस रूप में आगे ले जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने पितृसत्तात्मक परिवारों की सीमाओं को तोड़कर अपनी शर्तों पर करियर बनाया। यह दिलचस्प है कि जिस नाम को लेकर सबसे ज़्यादा विवाद हुआ, वही नाम उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। माँ के सरनेम को सार्वजनिक पहचान में शामिल करना हिंदी सिनेमा में एक असामान्य कदम था — और यह बात आज भी उनकी कहानी को प्रासंगिक बनाती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिका शेरावत का असली नाम क्या है?
मल्लिका शेरावत का असली नाम रीमा लांबा है। उनका जन्म 24 अक्टूबर 1976 को हरियाणा में हुआ था और फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदला।
मल्लिका शेरावत ने माँ का सरनेम क्यों अपनाया?
जब उनके पिता ने कहा कि फिल्मों में जाने से परिवार का नाम खराब होगा, तो मल्लिका ने पिता का सरनेम 'लांबा' इस्तेमाल न करने का फैसला किया। उन्होंने माँ का सरनेम 'शेरावत' अपनाया, क्योंकि उनकी माँ हमेशा चुपचाप उनका साथ देती थीं।
'मल्लिका' नाम का क्या अर्थ है?
'मल्लिका' नाम का अर्थ 'महारानी' होता है। मल्लिका ने 2005 के एक इंटरव्यू में बताया था कि वह एक ऐसा नाम चाहती थीं जो उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दे, क्योंकि उस दौर में 'रीमा' नाम की कई अभिनेत्रियाँ पहले से थीं।
मल्लिका शेरावत की पहली फिल्म कौन सी थी?
मल्लिका शेरावत ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में फिल्म 'जीना सिर्फ मेरे लिए' से की थी। उन्हें देशव्यापी पहचान 2004 में इमरान हाशमी के साथ आई फिल्म 'मर्डर' से मिली।
मल्लिका शेरावत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौन सी फिल्में कीं?
मल्लिका शेरावत ने हॉलीवुड स्टार जैकी चैन के साथ फिल्म 'द मिथ' में काम किया। इसके अलावा हिंदी फिल्मों में 'प्यार के साइड इफेक्ट्स', 'वेलकम' और 'डबल धमाल' उनकी उल्लेखनीय फिल्में रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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