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सारिका का संघर्षभरा सफर: 5 साल की उम्र में थामा परिवार का बोझ, 'परजानिया' से जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

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सारिका का संघर्षभरा सफर: 5 साल की उम्र में थामा परिवार का बोझ, 'परजानिया' से जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

सारांश

पाँच साल की उम्र में जब बच्चे स्कूल जाते हैं, सारिका फिल्मों के सेट पर परिवार का बोझ उठा रही थीं। बाल कलाकार से मुख्य अभिनेत्री, फिर कमल हासन की जीवनसंगिनी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर तक — उनकी यात्रा संघर्ष और प्रतिभा का अद्भुत संगम है, जिसने उन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाए।

मुख्य बातें

सारिका का जन्म 3 जून 1960 को नई दिल्ली में हुआ और महज 5 वर्ष की उम्र में उन्होंने फिल्मों में काम शुरू कर दिया।
उन्हें फिल्म 'गीत गाता चल' से मुख्य अभिनेत्री के रूप में पहचान मिली, इसके बाद 'गृह प्रवेश' और 'खुशबू' जैसी हिट फिल्में दीं।
1988 में कमल हासन से विवाह किया और 2004 में अलगाव हुआ; बेटियाँ श्रुति और अक्षरा हासन हैं।
फिल्म 'हे राम' के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन और 'परजानिया' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई फिल्मों में लड़कों के किरदार निभाए, जो उस दौर की अनूठी विशेषता थी।

हिंदी सिनेमा की मंझी हुई अभिनेत्री सारिका का बचपन उस दौर की मासूमियत से कोसों दूर था, जब बच्चे स्कूल बैग उठाते हैं और खेल के मैदानों में सपने बुनते हैं। महज पाँच वर्ष की उम्र में उन्हें कैमरे के सामने खड़ा होना पड़ा, क्योंकि पिता के परिवार से अलग हो जाने के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी उनके नन्हे कंधों पर आ गई थी। यही संघर्ष आगे चलकर उनकी पहचान बना और उन्होंने अभिनय से लेकर कॉस्ट्यूम डिजाइन तक में अपनी छाप छोड़ी, साथ ही दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी अपने नाम किए।

दिल्ली से शुरू हुआ अनोखा सफर

सारिका का जन्म 3 जून 1960 को नई दिल्ली में हुआ था। बचपन में ही पिता के परिवार से अलग होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। परिवार का सहारा बनने के लिए उन्होंने स्कूल की किताबों की जगह फिल्मों के सेट को अपना दूसरा घर बना लिया। औपचारिक शिक्षा का अवसर भले ही उन्हें कम मिला, लेकिन जिंदगी के पाठ उन्होंने सेट की रोशनी और संघर्ष की धूप में पढ़े।

बाल कलाकार से मुख्य अभिनेत्री तक

शुरुआती दौर में सारिका ने कई फिल्मों में लड़कों के किरदार निभाए, जो उस समय की सिनेमाई परंपरा में एक अनूठा प्रयोग था। बड़े होने पर उन्होंने मुख्य भूमिकाओं की ओर रुख किया और फिल्म 'गीत गाता चल' ने उन्हें पहचान की बुलंदियों तक पहुँचाया। इसके बाद 'आशीर्वाद', 'छोटी बहू', 'जिद', 'वंदना', 'गृह प्रवेश' और 'खुशबू' जैसी फिल्मों में उनकी सहज अदाकारी ने उन्हें दर्शकों के दिलों में जगह दिलाई। उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

निजी जीवन: कमल हासन से रिश्ता

सारिका का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। दिग्गज अभिनेता कमल हासन के साथ उनका नाम लंबे समय तक जुड़ा रहा। दोनों लिव-इन में रहे और बाद में 1988 में विवाह के बंधन में बँधे। इस रिश्ते से उन्हें दो बेटियाँ मिलीं — श्रुति हासन, जो आज दक्षिण और हिंदी सिनेमा का चमकता सितारा हैं, और अक्षरा हासन। उल्लेखनीय है कि श्रुति का जन्म शादी से पहले हुआ था। यह जोड़ी 2004 में अलग हो गई।

पर्दे के पीछे की प्रतिभा और राष्ट्रीय सम्मान

अभिनय के समानांतर सारिका ने कॉस्ट्यूम डिजाइन में भी अपनी कलात्मक दृष्टि साबित की। कमल हासन की महत्वाकांक्षी फिल्म 'हे राम' के लिए उनकी वेशभूषा परिकल्पना को व्यापक सराहना मिली और उन्हें सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसके बाद फिल्म 'परजानिया' में गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि पर उनके मार्मिक अभिनय ने आलोचकों और दर्शकों दोनों को झकझोर दिया, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

विरासत और प्रासंगिकता

सारिका की कहानी उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने हुनर के बूते मुकाम हासिल करते हैं। बाल कलाकार से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तक का उनका सफर भारतीय सिनेमा के बदलते दौर का जीवंत दस्तावेज़ है, जहाँ संघर्ष ही सबसे बड़ी पाठशाला साबित हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बाल कलाकारों का बचपन उद्योग की भट्ठी में पिघलकर परिवार की रोटी बनता है। आज जब बाल श्रम कानून सख़्त हैं, तब भी सिनेमा इस दायरे से बाहर है — सारिका की पीढ़ी इसकी प्रत्यक्ष गवाह रही। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्टार पत्नी की पहचान से आगे बढ़कर कॉस्ट्यूम डिजाइन और चरित्र अभिनय दोनों में राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए — यह दुर्लभ उपलब्धि है। उनकी विरासत बेटी श्रुति हासन तक सीमित नहीं, बल्कि उन महिला कलाकारों की मिसाल है जिन्होंने अपने दम पर पहचान गढ़ी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सारिका कौन हैं और उनका जन्म कब हुआ था?
सारिका हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और दो बार की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं। उनका जन्म 3 जून 1960 को नई दिल्ली में हुआ था और उन्होंने महज पाँच वर्ष की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था।
सारिका ने इतनी कम उम्र में काम क्यों शुरू किया?
उनके पिता बचपन में ही परिवार से अलग हो गए थे, जिससे आर्थिक जिम्मेदारी सारिका पर आ गई। परिवार का सहारा बनने के लिए उन्होंने स्कूल की जगह फिल्मी सेट को चुना और बाल कलाकार के रूप में करियर शुरू किया।
सारिका और कमल हासन का रिश्ता कब शुरू और खत्म हुआ?
सारिका और कमल हासन लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और 1988 में उन्होंने विवाह किया। यह जोड़ी 2004 में अलग हो गई। उनकी दो बेटियाँ हैं — श्रुति हासन और अक्षरा हासन।
सारिका को कौन-कौन से राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं?
सारिका को दो प्रमुख राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। पहला फिल्म 'हे राम' के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का और दूसरा फिल्म 'परजानिया' में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार।
सारिका की प्रमुख फिल्में कौन-सी हैं?
सारिका को मुख्य अभिनेत्री के रूप में पहचान फिल्म 'गीत गाता चल' से मिली। उनकी अन्य चर्चित फिल्मों में 'आशीर्वाद', 'छोटी बहू', 'जिद', 'वंदना', 'गृह प्रवेश', 'खुशबू', 'हे राम' और 'परजानिया' शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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