30 अक्टूबर 2026
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1 नवंबर कांग्रेस रैली पर भाजपा का हमला: सिख भावनाओं को ठेस, BJP का विरोध मार्च

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1 नवंबर कांग्रेस रैली पर भाजपा का हमला: सिख भावनाओं को ठेस, BJP का विरोध मार्च

सारांश

1 नवंबर को कांग्रेस की दिल्ली रैली ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है — भाजपा का आरोप है कि यह 1984 के नरसंहार की दर्दनाक बरसी पर सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में हरि नगर में विरोध मार्च की घोषणा ने इस संवेदनशील विवाद को और गहरा कर दिया है।

मुख्य बातें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली को सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान बताया।
भाजपा ने उसी दिन पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर में प्रतीकात्मक विरोध मार्च की घोषणा की; नेतृत्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी करेंगे।
31 अक्टूबर से 3 नवंबर 1984 तक के दंगों में हजारों निर्दोष सिखों के नरसंहार का आरोप कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगाया गया।
सिख समुदाय द्वारा 1984 के नरसंहार पर कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की माँग।
दिल्ली के व्यापारियों ने रैली से यातायात जाम और व्यापारिक नुकसान की आशंका जताई।
1 नवंबर से दिल्ली में नए प्रदूषण नियम लागू; बीएस-VI से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक।

नई दिल्ली में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली ने सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है, क्योंकि यह तारीख 1984 के सिख विरोधी नरसंहार की दर्दनाक स्मृतियों से जुड़ी है। मल्होत्रा के अनुसार, इस असंवेदनशीलता के विरोध में दिल्ली भाजपा ने उसी दिन पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर में एक प्रतीकात्मक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।

भाजपा का विरोध मार्च और नेतृत्व

मल्होत्रा ने बताया कि 1984 के नरसंहार में पीड़ित सिख परिवारों, समुदाय के सदस्यों और दिल्ली स्थित सिख संस्थानों के अनुरोध पर यह मार्च आयोजित किया जा रहा है। इस विरोध मार्च में हजारों सिख नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी करेंगे।

1984 की काली यादें और आरोप

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के चार दिन भारत के इतिहास में, विशेष रूप से सिख समुदाय की सामूहिक स्मृति में, अत्यंत पीड़ादायक हैं। उनके अनुसार, 31 अक्टूबर 1984 की शाम से 3 नवंबर 1984 तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हजारों निर्दोष सिखों का नरसंहार किया, उनके घरों और दुकानों को लूटा तथा उनमें आग लगाई। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि देश भर का सिख समुदाय चाहता है कि कांग्रेस 1 नवंबर 1984 के नरसंहार के लिए सार्वजनिक माफी माँगे।

व्यापारियों और प्रदूषण नियमों की चिंता

मल्होत्रा ने बताया कि दिवाली सप्ताह के दौरान बड़ी रैली आयोजित करने के कांग्रेस के फैसले से दिल्ली के व्यापारी भी परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि बाहर से हजारों वाहनों के आने से यातायात जाम होगा और व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। व्यापारियों ने कांग्रेस नेताओं से बार-बार रैली दिवाली के बाद स्थगित करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस ने पुनर्विचार से इनकार कर दिया।

इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर से दिल्ली में नए प्रदूषण नियंत्रण नियम लागू होने हैं, जिनके तहत बीएस-VI मानकों से नीचे के बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगेगी। मल्होत्रा ने कहा कि यदि दिल्ली पुलिस ऐसे वाहनों को रोकती है, तो कांग्रेस नेता इसे सरकार की ओर से रैली बाधित करने की कोशिश बता सकते हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने 'पराजित और बदनाम' नेता राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से पुनर्जीवित करने के लिए 1 नवंबर का दिन चुनकर सिख समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले 10 दिनों से कई सिख नेता और संस्थाओं के पदाधिकारी भाजपा नेताओं से मिलकर समुदाय की भावनाओं को सार्वजनिक मंच पर लाने के लिए समर्थन माँग रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में सिख मतदाताओं को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं, और यह विवाद दोनों पक्षों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले इसे उठाना भाजपा की चुनावी रणनीति से अलग करके नहीं देखा जा सकता। कांग्रेस ने रैली क्यों नहीं टाली, इस पर उसका पक्ष स्रोत में अनुपस्थित है — एकतरफा कथन को ही समाचार मान लेना पत्रकारिता की सीमा है। असली सवाल यह है कि क्या यह विवाद सिख समुदाय की वास्तविक माँगों से उपजा है, या दोनों पक्ष एक संवेदनशील इतिहास को अपने-अपने राजनीतिक हित में इस्तेमाल कर रहे हैं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 नवंबर को कांग्रेस की रैली पर विवाद क्यों हुआ?
भाजपा का आरोप है कि 1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी नरसंहार की बरसी के आसपास कांग्रेस की रैली आयोजित करना सिख समुदाय की भावनाओं के साथ असंवेदनशीलता है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि शोक में डूबे सिख समुदाय के बीच राजनीतिक रैली करना अनुचित है।
भाजपा का विरोध मार्च कहाँ और किसके नेतृत्व में होगा?
भाजपा ने 1 नवंबर को पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल इलाके हरि नगर में विरोध मार्च की घोषणा की है। इस मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी करेंगे और इसमें हजारों सिख नागरिक व भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे।
1984 के सिख विरोधी नरसंहार में क्या हुआ था?
31 अक्टूबर 1984 की शाम तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश भर में, विशेषकर दिल्ली में, सिख विरोधी दंगे भड़के। भाजपा के अनुसार 31 अक्टूबर से 3 नवंबर 1984 तक हजारों निर्दोष सिखों का नरसंहार हुआ, उनके घर और दुकानें जलाई गईं। यह भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है।
दिल्ली के व्यापारियों को 1 नवंबर की कांग्रेस रैली से क्या आपत्ति है?
दिल्ली के व्यापारियों को आशंका है कि दिवाली सप्ताह में बाहर से हजारों वाहनों के आने से भारी यातायात जाम होगा और उनके व्यापार को नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने कांग्रेस से रैली दिवाली के बाद स्थगित करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस ने पुनर्विचार से इनकार कर दिया।
1 नवंबर से दिल्ली में लागू होने वाले नए प्रदूषण नियम क्या हैं?
1 नवंबर से दिल्ली में नए प्रदूषण नियंत्रण नियम लागू होने हैं, जिनके तहत शहर के बाहर से आने वाले बीएस-VI मानकों से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगेगी। मल्होत्रा ने कहा कि इस नियम के तहत पुराने वाहनों को रोके जाने पर कांग्रेस नेता इसे अपनी रैली को बाधित करने की सरकारी कोशिश बता सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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