31 अक्टूबर 2026
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जम्मू यूनिवर्सिटी में RSS का विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण का आह्वान

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जम्मू यूनिवर्सिटी में RSS का विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण का आह्वान

सारांश

जम्मू यूनिवर्सिटी में RSS के विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रांत सह संघचालक डॉ. विक्रांत शर्मा ने भारतीय संस्कृति और अनुशासन को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताया, जबकि सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजीव डोगरा युवाओं के जज्बे से प्रभावित नज़र आए।

मुख्य बातें

RSS ने 30 अक्टूबर 2026 को जम्मू यूनिवर्सिटी में विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया।
कार्यक्रम में प्रांत सह संघचालक डॉ.
विक्रांत शर्मा और सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजीव डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शर्मा ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मेजर जनरल डोगरा ने कार्यक्रम में युवाओं के अनुशासन और देशप्रेम की सराहना की।
संघ ने विपक्षी आरोपों को षड्यंत्र बताते हुए अपनी गतिविधियों को राष्ट्रहित में बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 30 अक्टूबर 2026 को जम्मू यूनिवर्सिटी में विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के केंद्र में राष्ट्र निर्माण, युवा शक्ति, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता के संदेश रहे।

मुख्य घटनाक्रम

संघ के प्रांत सह संघचालक डॉ. विक्रांत शर्मा और सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजीव डोगरा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं ने युवाओं के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें देश के भविष्य निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन संघ की वार्षिक उत्सव परंपरा का हिस्सा है, जो देशभर में विभिन्न स्थानों पर मनाई जाती है।

डॉ. विक्रांत शर्मा का संबोधन

डॉ. विक्रांत शर्मा ने कहा कि संघ वर्षभर विभिन्न उत्सव आयोजित करता है और विजयदशमी उत्सव उसी परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, 'भारत युवाओं का देश है और राष्ट्र का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है।' उनके अनुसार, युवा जितने अधिक अनुशासित होंगे और देश-समाज के बारे में चिंतन करेंगे, उतना ही प्रभावी योगदान राष्ट्र निर्माण में दे पाएंगे।

शर्मा ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचय को देश के विकास की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई हिस्सों में असंतोष का माहौल है, ऐसे में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

विपक्ष द्वारा संघ पर लगाए जाने वाले आरोपों के संदर्भ में डॉ. शर्मा ने कहा कि ऐसे आरोप एक षड्यंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण, राष्ट्र निर्माण और अनुशासित समाज का निर्माण है, और भारत को दुनिया में एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करना ही संघ की कार्यगतिविधियों का केंद्र है।

सेवानिवृत्त मेजर जनरल डोगरा की प्रतिक्रिया

सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजीव डोगरा ने कहा कि वह दो वर्ष पूर्व सेना से सेवानिवृत्त हुए और इस कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। युवाओं का समर्पण, अनुशासन और देश के प्रति जज्बा देखकर वे प्रभावित हुए। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि अधिकाधिक लोग इस भावना से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर भाग लें।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि जम्मू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार के सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में राज्य पुनर्गठन के बाद सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों का मानना है कि युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने वाले ऐसे कार्यक्रम दीर्घकालीन दृष्टि से लाभकारी हैं।

क्या होगा आगे

संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार इस प्रकार के कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर में संघ की सक्रियता और संगठनात्मक विस्तार का प्रतिबिंब माना जा रहा है, जहाँ बीते कुछ वर्षों में युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पुनर्गठन के बाद की नई राजनीतिक ज़मीन पर युवाओं को जोड़ने की कोशिश करती हैं। डॉ. विक्रांत शर्मा का विपक्षी आरोपों को 'षड्यंत्र' बताना एक परिचित बचाव है, लेकिन यह उस वास्तविक बहस को दरकिनार करता है जो संघ की सामाजिक-राजनीतिक भूमिका को लेकर देश में चल रही है। सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की उपस्थिति कार्यक्रम को एक अलग वैधता देती है — यह संयोग नहीं लगता। जम्मू जैसे क्षेत्र में, जहाँ युवाओं का झुकाव राष्ट्रीय मुख्यधारा की दिशा तय करने में निर्णायक है, ऐसे आयोजनों का दीर्घकालीन प्रभाव आंकड़ों से नहीं, भागीदारी की गहराई से मापा जाना चाहिए।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू यूनिवर्सिटी में RSS का विजयदशमी उत्सव कब और क्यों आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर 2026 को जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया। संघ की वार्षिक उत्सव परंपरा के तहत इसका आयोजन हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण और भारतीय संस्कृति से जोड़ना था।
कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए?
कार्यक्रम में RSS के प्रांत सह संघचालक डॉ. विक्रांत शर्मा और सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजीव डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
डॉ. विक्रांत शर्मा ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
डॉ. शर्मा ने कहा कि युवा जितने अधिक अनुशासित होंगे और देश-समाज के बारे में चिंतन करेंगे, उतना ही प्रभावी योगदान दे पाएंगे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जानना-समझना राष्ट्र विकास की पूर्वशर्त बताया।
RSS ने विपक्षी आरोपों पर क्या कहा?
प्रांत सह संघचालक डॉ. विक्रांत शर्मा ने विपक्षी आरोपों को षड्यंत्र का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि RSS का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण, राष्ट्र निर्माण और अनुशासित समाज का गठन है।
जम्मू-कश्मीर में इस तरह के आयोजनों का क्या महत्व है?
जम्मू-कश्मीर में पुनर्गठन के बाद सामाजिक समरसता और युवा जुड़ाव को लेकर ऐसे आयोजन विशेष महत्व रखते हैं। ये कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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