विजयादशमी पर भोपाल में RSS का पथ संचलन, 50 स्थानों पर हजारों स्वयंसेवक शामिल
सारांश
मुख्य बातें
विजयादशमी के अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 20 अक्टूबर 2026 को शस्त्र पूजन के साथ-साथ पथ संचलन का आयोजन किया। राजधानी में लगभग 50 स्थानों पर निकाले गए इस संचलन में हजारों स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
मुख्य घटनाक्रम
पूर्ण गणवेश में कदमताल करते स्वयंसेवकों के अनुशासित संचलन ने नगर में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित किया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
अंबेडकर नगर की कोटरा बस्ती में सरस्वती स्कूल परिसर से निकले पथ संचलन में प्रांत संघ चालक अशोक पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संघ की स्थापना, उसकी सौ वर्ष की यात्रा और वर्तमान परिदृश्य में संघ कार्य की भूमिका पर अपने विचार रखे।
पंच परिवर्तन का संदेश
पंच परिवर्तन के विषय को विस्तार से समझाते हुए स्वयंसेवकों को समाज में जागरूकता, संगठन और सेवा भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई। अंबेडकर नगर के नेहरू नगर बस्ती में डी सेक्टर स्थित पानी की टंकी के पास शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन हुआ, जहाँ मुख्य वक्ता कैलाश लोवंशी ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
आराधना उद्यान, अंबेडकर बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में संघ की सौ वर्ष की यात्रा, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने परिवार को संस्कारों की पहली पाठशाला बताते हुए सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आत्मीयता का भाव विकसित करने पर जोर दिया।
सामाजिक समरसता और सेवा भाव पर जोर
विभिन्न बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज के बीच सक्रिय रहकर सेवा कार्यों में योगदान देने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और राष्ट्रहित के कार्यों में सहभागी बनने की प्रेरणा दी गई। पंच परिवर्तन के माध्यम से नागरिक जीवन में सकारात्मक व्यवहार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
आगामी कार्यक्रम की योजना
भोपाल में अब तक 68 संचलन निकाले जा चुके हैं और 150 से अधिक पथ संचलन निकालने की योजना है। आगामी 25 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के दिन बड़ी संख्या में पथ संचलन संपन्न होंगे, जो इस शृंखला की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।