आरएसएस की शताब्दी पर इंदौर में भव्य पथ संचलन, चार जिलों के स्वयंसेवकों ने दिखाई अनुशासन की मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर 25 अक्टूबर 2026 को इंदौर में बस्ती स्तर पर भव्य पथ संचलन आयोजित किया गया। चार जिलों की विभिन्न बस्तियों से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक इस संचलन में सम्मिलित हुए और अपनी अनुशासित कदमताल तथा सामूहिक एकजुटता से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष की गतिविधियों में विशेष स्थान रखता है।
पथ संचलन का आयोजन और स्वरूप
इंदौर की विभिन्न बस्तियों में स्थानीय स्तर पर आयोजित इस पथ संचलन में स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों से पूरी तरह अनुशासित होकर निकले। सभी प्रतिभागी एक पंक्ति में कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। भगवा ध्वज को गुरु-स्वरूप मानकर संघ की परंपरा के अनुसार स्वयंसेवकों ने संचलन में भाग लिया।
पथ संचलन में ध्वनि घोष दल भी सम्मिलित रहे। घोष की सुमधुर धुनों के बीच एकसमान कदमताल करते स्वयंसेवकों की अनुशासित कतारें पूरे आयोजन को एक विशेष गरिमा प्रदान करती रहीं। शहर के विभिन्न इलाकों में वातावरण संघमय बना रहा।
शताब्दी वर्ष का विशेष महत्व
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के शुभ अवसर पर हुई थी। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के कारण इस वर्ष के आयोजनों का महत्व और भी अधिक हो गया। विजयादशमी पर पथ संचलन संघ की प्रमुख और प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसके माध्यम से स्वयंसेवक अनुशासन, संगठन-शक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश समाज को देते हैं।
गौरतलब है कि यह वह अवसर है जब संघ ने अपनी एक शताब्दी की यात्रा पूरी की है — एक ऐसा संगठन जो देश के कोने-कोने में सक्रिय है और जिसकी परंपराएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी अनवरत चली आ रही हैं। इंदौर में आयोजित बस्ती स्तरीय पथ संचलन इसी निरंतरता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
मुख्य अतिथि की प्रतिक्रिया
मुख्य अतिथि जगदीश गोयल ने पथ संचलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'पथ संचलन देखकर मुझे बहुत खुशी है। इस पथ संचलन से पता चलता है कि 100 साल पुरानी परंपरा को स्वयंसेवक आज भी निभा रहे हैं। स्वयंसेवक बहुत ही अनुशासित रहते हैं, जिनसे सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।'
आम जनता पर असर
इंदौर की बस्तियों में निकले इस पथ संचलन ने स्थानीय नागरिकों में उत्साह का संचार किया। स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियाँ और सामूहिक कदमताल देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्गों पर एकत्र हुए। यह आयोजन समाज में संगठन और अनुशासन के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश लेकर आया।
आगे की गतिविधियाँ
संघ की शताब्दी वर्ष की गतिविधियाँ पूरे देश में विभिन्न स्तरों पर आयोजित की जा रही हैं। इंदौर का यह बस्ती-स्तरीय पथ संचलन उन्हीं व्यापक आयोजनों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में शताब्दी वर्ष के अन्य कार्यक्रम भी देशभर में आयोजित किए जाने की संभावना है।