गोवर्धन में आरएसएस का 12 किमी पथ संचलन, शताब्दी वर्ष के समापन पर ब्रज प्रांत में हजारों स्वयंसेवक एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के ब्रज प्रांत के तत्वावधान में 25 अक्टूबर 2026 को गोवर्धन, मथुरा में एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने 12 किलोमीटर लंबे गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर एकजुट होकर कदमताल की। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चलाई जा रही श्रृंखलाबद्ध गतिविधियों के समापन कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
पथ संचलन गोवर्धन के प्रमुख मार्गों और परिक्रमा मार्ग से होकर गुजरा। संचलन के दौरान 'जय श्री राम' और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मार्ग के विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवकों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा की और स्वयंसेवकों को फूल-मालाएँ पहनाईं। आयोजन के दौरान जल सेवा और जलपान की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
घोष दल की विशेष भूमिका
पथ संचलन में संघ के घोष दल ने विशेष आकर्षण उत्पन्न किया। दल के स्वयंसेवकों ने आनक, पणव, वंश, श्रृंग और झाल जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों का लयबद्ध वादन किया, जिससे परिक्रमा मार्ग पर उपस्थित श्रद्धालुओं का ध्यान आकृष्ट हुआ। पूर्ण गणवेश में हजारों स्वयंसेवकों ने एकसाथ अनुशासित कदमताल करते हुए यह मार्ग तय किया।
व्यापक क्षेत्रीय भागीदारी
इस आयोजन में ब्रज प्रांत के विभिन्न विभागों और जिलों के स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। इनमें मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, आगरा, अलीगढ़, बरेली, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, बदायूँ, शाहजहाँपुर और पीलीभीत समेत अनेक क्षेत्रों के स्वयंसेवक शामिल रहे। इस व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को क्षेत्रीय एकजुटता का प्रतीक बना दिया।
वरिष्ठ पदाधिकारियों का संबोधन
कार्यक्रम के समापन पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पथ संचलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि 'अनुशासन, बंधुत्व, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है।'
महावीर जी शारीरिक प्रमुख ने कहा कि संघ के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है और इसी के तहत विजयदशमी से शुरू हुई विभिन्न गतिविधियों का समापन इस संचलन के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने इसे ब्रज प्रांत स्तर पर आयोजित 12 किलोमीटर के अनुशासित संचलन के रूप में रेखांकित किया।
शताब्दी वर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी, और इस वर्ष संगठन अपनी शताब्दी मना रहा है। इस उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न प्रांतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गोवर्धन की पवित्र भूमि पर आयोजित यह पथ संचलन ब्रज प्रांत के लिए इस शताब्दी श्रृंखला का समापन बिंदु रहा, जो आने वाले समय में संघ की संगठनात्मक गतिविधियों की दिशा को भी रेखांकित करता है।