31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अवधेश प्रसाद का दावा: विपक्ष की एकजुटता से भाजपा भयभीत, 2027 में यूपी से होगा सफाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अवधेश प्रसाद का दावा: विपक्ष की एकजुटता से भाजपा भयभीत, 2027 में यूपी से होगा सफाया

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि विपक्षी एकता से भाजपा भयभीत है और 2027 के यूपी चुनाव में उसे 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी। 1 नवंबर की इंडिया गठबंधन रैली को उन्होंने 'ऐतिहासिक' बताया और अमित शाह के UCC वादे को 'दिवास्वप्न' करार दिया।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 30 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि विपक्ष की एकजुटता से भाजपा 'भयभीत और दिशाहीन' हो गई है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 50 सीटें भी मिलना मुश्किल होगा — प्रसाद का दावा।
1 नवंबर 2026 को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की 'ऐतिहासिक' रैली प्रस्तावित।
एमएलसी चुनावों में बनारस, लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद में भाजपा की हार को जनविरोध का संकेत बताया; गोरखपुर में हेराफेरी का आरोप (भाजपा ने खंडित किया)।
सपा 2027 में महिलाओं को पहले से अधिक सीटें देगी — अखिलेश यादव के वादे की पुष्टि।
स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ 2027 में कोई गठबंधन नहीं — सपा का स्पष्ट ऐलान।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि विपक्षी एकता से केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारूढ़ भाजपा 'भयभीत और दिशाहीन' हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने की आशा महज एक 'दिवास्वप्न' है।

विपक्षी एकजुटता पर सपा का पक्ष

अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से एकजुट है और इसी एकता से भाजपा नेतृत्व परेशान हो गया है। उनके अनुसार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली इस एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन होगी। प्रसाद ने कहा, 'यह रैली ऐतिहासिक होगी और समूचे विपक्ष की ताकत का संदेश देगी।'

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी द्वारा विपक्ष को 'दिमागी नक्सली' और कांग्रेस पर 'अराजकता की राजनीति' करने के आरोपों को खारिज करते हुए सपा सांसद ने कहा कि ऐसे बयान भाजपा की बढ़ती घबराहट को उजागर करते हैं। उन्होंने इन आरोपों को 'बेबुनियाद और वास्तविकता से कोसों दूर' बताया।

एमएलसी चुनाव नतीजों पर आरोप-प्रत्यारोप

हाल के एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर गंभीर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए। उनका दावा है कि बनारस, लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। गोरखपुर सीट के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के माध्यम से हेराफेरी कर जीत हासिल की गई।

उल्लेखनीय है कि वकील एवं राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल के एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दोनों सीटों पर भाजपा का हारना 'सामान्य घटना नहीं', बल्कि 'राष्ट्रव्यापी बदलाव का संकेत' है। ये आरोप स्वाभाविक रूप से विवादास्पद हैं और भाजपा ने इनका खंडन किया है।

यूसीसी और 2027 चुनाव पर प्रसाद का रुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस घोषणा — कि यूपी में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी — पर सपा सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का 'सफाया' होगा और 'यदि पार्टी को 50 सीटें भी मिल गईं तो उसे दुनिया की सबसे बड़ी घटना मानी जानी चाहिए।'

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और भाजपा ने 2022 के चुनाव में 255 सीटें जीती थीं। ऐसे में प्रसाद का यह दावा विपक्ष की एक आक्रामक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।

महिला भागीदारी और गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव में महिलाओं को अधिक टिकट देने के वादे पर प्रसाद ने कहा कि पार्टी पहले की तुलना में महिलाओं को ज़्यादा सीटें देगी और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ 2027 में कोई गठबंधन न करने के अखिलेश के फैसले को उन्होंने उचित ठहराते हुए कहा कि पिछले अनुभव नकारात्मक रहे थे और पार्टी अध्यक्ष ने जो निर्णय लिया है वह 'समाजवादी पार्टी के दीर्घकालिक हित में है।' 2027 के विधानसभा चुनाव तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन गठबंधन समीकरणों का निर्णायक महत्त्व रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2022 में 255 सीटें जीतने वाली भाजपा को इतना सीमित करना महज इच्छाशक्ति के बल पर संभव नहीं। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में एक सुसंगत, साझा प्रत्याशी-सूची पर सहमत हो पाएगा — 2024 लोकसभा में मिली आंशिक सफलता के बावजूद विधानसभा स्तर पर तालमेल ऐतिहासिक रूप से कमजोर रहा है। स्वामी प्रसाद मौर्य से दूरी बनाने का निर्णय ओबीसी समीकरणों पर असर डाल सकता है, जिसकी अनदेखी सपा के लिए महंगी पड़ सकती है। बिना ठोस जमीनी एकता के, ऐसे बयान उत्साहवर्धक तो हैं, पर चुनावी गणित को नहीं बदलते।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधेश प्रसाद ने 2027 के यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का 'सफाया' होगा और उसे 50 सीटें मिलना भी असाधारण घटना होगी। उन्होंने भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद को 'दिवास्वप्न' करार दिया।
इंडिया गठबंधन की दिल्ली रैली कब और क्यों हो रही है?
इंडिया गठबंधन की रैली 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य विपक्षी एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन करना है। अवधेश प्रसाद ने इसे 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि यह रैली भाजपा की घबराहट का सबसे बड़ा प्रमाण है।
एमएलसी चुनाव नतीजों पर सपा का क्या कहना है?
अवधेश प्रसाद के अनुसार हालिया एमएलसी चुनावों में बनारस, लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, जो जनता के आक्रोश का संकेत है। उन्होंने गोरखपुर सीट पर अधिकारियों के माध्यम से हेराफेरी का आरोप भी लगाया, हालाँकि भाजपा ने इस आरोप को खारिज किया है।
सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य से गठबंधन क्यों नहीं करने का फैसला किया?
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 के चुनाव में स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ न तो गठबंधन होगा और न ही उन्हें सपा में शामिल किया जाएगा। अवधेश प्रसाद के अनुसार, पिछले अनुभव नकारात्मक रहे थे और यह निर्णय पार्टी के दीर्घकालिक हित में है।
2027 में सपा महिलाओं को कितनी सीटें देगी?
सपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक सीटें देने का वादा किया है, हालाँकि अभी कोई सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि पार्टी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने को प्राथमिकता देगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले