अवधेश प्रसाद का दावा: विपक्ष की एकजुटता से भाजपा भयभीत, 2027 में यूपी से होगा सफाया
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि विपक्षी एकता से केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारूढ़ भाजपा 'भयभीत और दिशाहीन' हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने की आशा महज एक 'दिवास्वप्न' है।
विपक्षी एकजुटता पर सपा का पक्ष
अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से एकजुट है और इसी एकता से भाजपा नेतृत्व परेशान हो गया है। उनके अनुसार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली इस एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन होगी। प्रसाद ने कहा, 'यह रैली ऐतिहासिक होगी और समूचे विपक्ष की ताकत का संदेश देगी।'
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी द्वारा विपक्ष को 'दिमागी नक्सली' और कांग्रेस पर 'अराजकता की राजनीति' करने के आरोपों को खारिज करते हुए सपा सांसद ने कहा कि ऐसे बयान भाजपा की बढ़ती घबराहट को उजागर करते हैं। उन्होंने इन आरोपों को 'बेबुनियाद और वास्तविकता से कोसों दूर' बताया।
एमएलसी चुनाव नतीजों पर आरोप-प्रत्यारोप
हाल के एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर गंभीर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए। उनका दावा है कि बनारस, लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। गोरखपुर सीट के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के माध्यम से हेराफेरी कर जीत हासिल की गई।
उल्लेखनीय है कि वकील एवं राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल के एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दोनों सीटों पर भाजपा का हारना 'सामान्य घटना नहीं', बल्कि 'राष्ट्रव्यापी बदलाव का संकेत' है। ये आरोप स्वाभाविक रूप से विवादास्पद हैं और भाजपा ने इनका खंडन किया है।
यूसीसी और 2027 चुनाव पर प्रसाद का रुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस घोषणा — कि यूपी में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी — पर सपा सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का 'सफाया' होगा और 'यदि पार्टी को 50 सीटें भी मिल गईं तो उसे दुनिया की सबसे बड़ी घटना मानी जानी चाहिए।'
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और भाजपा ने 2022 के चुनाव में 255 सीटें जीती थीं। ऐसे में प्रसाद का यह दावा विपक्ष की एक आक्रामक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।
महिला भागीदारी और गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव में महिलाओं को अधिक टिकट देने के वादे पर प्रसाद ने कहा कि पार्टी पहले की तुलना में महिलाओं को ज़्यादा सीटें देगी और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ 2027 में कोई गठबंधन न करने के अखिलेश के फैसले को उन्होंने उचित ठहराते हुए कहा कि पिछले अनुभव नकारात्मक रहे थे और पार्टी अध्यक्ष ने जो निर्णय लिया है वह 'समाजवादी पार्टी के दीर्घकालिक हित में है।' 2027 के विधानसभा चुनाव तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन गठबंधन समीकरणों का निर्णायक महत्त्व रहेगा।