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बलराम कृषि महोत्सव: CM मोहन यादव बोले — डिंडोरी में कृषि नवाचार की असीम संभावनाएँ

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बलराम कृषि महोत्सव: CM मोहन यादव बोले — डिंडोरी में कृषि नवाचार की असीम संभावनाएँ

सारांश

डिंडोरी के बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव का संदेश — जनजातीय जिले में कृषि नवाचार की नई बयार। कोदो-कुटकी खरीद का फैसला और आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात मिलकर इस अंचल के किसानों के लिए बड़े बदलाव की बुनियाद बन सकती है।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिंडोरी में बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया।
यह इस श्रृंखला का 49वाँ कार्यक्रम है, जो प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने कोदो, कुटकी और धान की सरकारी खरीद का निर्णय लिया, जिससे परंपरागत कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।
किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है और उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कार दिए जाएँगे।
डिंडोरी जिले को हाल ही में आयुर्वेद महाविद्यालय सहित शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई विकास कार्यों की सौगात मिली है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को डिंडोरी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि इस जनजातीय बहुल जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और विकास को लेकर जो सकारात्मक वातावरण बना है, वह अद्भुत और उत्साहजनक है। मुख्यमंत्री इंदौर एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस आयोजन से जुड़े। डिंडोरी उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे पूर्व में इस जिले के प्रभारी भी रह चुके हैं।

बलराम कृषि महोत्सव की पृष्ठभूमि

राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। डिंडोरी में हुआ यह इस श्रृंखला का 49वाँ कार्यक्रम है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव किसानों के लिए कृषि की नई संभावनाओं से परिचित होने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। गौरतलब है कि डिंडोरी एक जनजातीय बहुल जिला है, जहाँ परंपरागत कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

कोदो-कुटकी खरीद और किसान कल्याण

CM यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने कोदो और कुटकी के साथ धान की सरकारी खरीद का निर्णय लिया है। इस कदम से क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और परंपरागत कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा। यह निर्णय जनजातीय अंचल के उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो पीढ़ियों से इन फसलों की खेती करते आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और आर्थिक समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह ऐसे समय में आया है जब आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कृषि आय और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं।

गौपालन और किसान कल्याण वर्ष

CM यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्राम में उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौपालन को प्रोत्साहित करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डिंडोरी को मिली विकास की सौगातें

मुख्यमंत्री ने दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि डिंडोरी जिले को हाल ही में आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात दी गई है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी अनेक विकास कार्य जिले को मिले हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन कार्यों से जिले की प्रगति को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया तथा सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इंदौर में वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।

आगे की राह

बलराम कृषि महोत्सव की यह श्रृंखला प्रदेश के शेष जिलों में भी जारी रहेगी। सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को कार्यक्रम के दौरान ही लाभ वितरित किए गए, जिससे ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। आने वाले समय में डिंडोरी जिला कृषि और ग्रामीण विकास के नए आयाम स्थापित करेगा, ऐसी उम्मीद मुख्यमंत्री ने जताई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी कोदो-कुटकी खरीद के क्रियान्वयन की होगी — घोषणा और वास्तविक खरीद में अक्सर बड़ा अंतर रहता है। जनजातीय जिलों में परंपरागत फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान की व्यवस्था पहले भी चुनौती बनी है। गौपालन प्रतियोगिताएँ और महोत्सव ग्रामीण उत्साह तो जगाते हैं, पर जब तक इनके साथ टिकाऊ बाज़ार संपर्क और पशु चिकित्सा अवसंरचना नहीं जुड़ती, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव सीमित ही रहेगा।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलराम कृषि महोत्सव क्या है और यह डिंडोरी में क्यों आयोजित किया गया?
बलराम कृषि महोत्सव मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष के तहत भगवान बलराम के नाम पर आयोजित कृषि उत्सव है। डिंडोरी में हुआ यह इस श्रृंखला का 49वाँ कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक और नवाचारों से जोड़ना है।
CM मोहन यादव ने कोदो और कुटकी की खरीद के बारे में क्या कहा?
CM मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने कोदो और कुटकी के साथ धान की सरकारी खरीद का निर्णय लिया है। इससे डिंडोरी जैसे जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को उनकी परंपरागत फसलों का उचित मूल्य मिलेगा और इन उत्पादों को प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।
किसान कल्याण वर्ष के तहत गौपालन को कैसे प्रोत्साहित किया जा रहा है?
किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्राम में उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी।
डिंडोरी जिले को हाल ही में क्या विकास कार्य मिले हैं?
डिंडोरी जिले को हाल ही में एक आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात दी गई है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी अनेक विकास कार्यों की घोषणा की गई है।
CM मोहन यादव और डिंडोरी का क्या विशेष संबंध है?
CM मोहन यादव ने स्वयं बताया कि डिंडोरी उनका प्रिय जिला है और वे पूर्व में इस जिले के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले ने अपने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रदेश में अलग पहचान स्थापित की है।
राष्ट्र प्रेस
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