मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना: MP के 82 लाख 70 हज़ार किसानों को ₹3,308 करोड़ ट्रांसफर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 27 जुलाई 2026 को खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82 लाख 70 हज़ार से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹3,308 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। प्रत्येक लाभार्थी किसान को इस किस्त में ₹4,000 सम्मान निधि के रूप में सीधे उनके खाते में भेजे गए।
बलराम कृषि महोत्सव: मंच और संदेश
खंडवा में सोमवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री यादव ने महज़ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान बताया। उन्होंने कहा, 'यह किसानों का अपना कार्यक्रम है — किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।'
आधुनिक और जैविक खेती पर ज़ोर
मुख्यमंत्री यादव ने किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। उन्होंने किसानों को मिट्टी परीक्षण कराने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और जितनी जल्दी हो सके प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने की सलाह दी। साथ ही फसल विविधीकरण अपनाने पर बल दिया — एक ही खेत में एक साथ एकाधिक फसलें लेने से न केवल भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी।
केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं — उनके प्रति सरकार के मन में गहरी श्रद्धा और सम्मान है। गौरतलब है कि यह राशि केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) के अतिरिक्त राज्य सरकार की अपनी योजना के तहत दी जा रही है।
कृषक कल्याण वर्ष 2026
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य के साथ वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में किसान आय और कृषि लागत के बीच बढ़ते अंतर को लेकर बहस तेज़ है।
आगे की योजनाओं के बारे में सरकार ने संकेत दिया है कि बलराम कृषि महोत्सव की शृंखला प्रदेश के अन्य ज़िलों में भी जारी रहेगी और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के प्रयास और व्यापक किए जाएँगे।