मध्य प्रदेश CM मोहन यादव का किसानों को आह्वान: दुग्ध उत्पादन और मछली पालन से बढ़ाएं आय
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 अगस्त 2026 को किसानों से फसल उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और मछली पालन को अपनाने का आह्वान किया, ताकि वे अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकें। उन्होंने अशोक नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली संबोधित किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि महोत्सव में कहा कि नई तकनीक और नवाचार ने खेती में समृद्धि के नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ने का अनुरोध किया। उनके अनुसार, आने वाले समय में कृषि उद्योग ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।
अशोकनगर की विशेष पहचान
मुख्यमंत्री ने अशोकनगर के किसानों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि अशोकनगर की चंदेरी साड़ी ने मध्य प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई है और अशोकनगर के शरबती गेहूं की माँग पूरे देश में है। उनके अनुसार, अशोकनगर के किसान अपनी मेहनत से प्रदेश भर के अन्नदाताओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकताएँ और योजनाएँ
यादव ने कहा कि किसान, महिला, गरीब और युवा — ये चारों वर्ग राज्य सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेती को लाभप्रद बनाने के लिए प्रदेश भर में बिजली, पानी और खेतों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का कार्य जारी है। किसानों की सुविधा के लिए साल में एक ही बार खाता क्लियर करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
दुग्ध उत्पादन और बिजली का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 12 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ चल रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कुछ महीनों में किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि यह पूरा वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
किसान की भूमिका पर संदेश
यादव ने किसान की तुलना सीमा पर तैनात जवान से करते हुए कहा कि दोनों ही देश के लिए समान रूप से समर्पित हैं। उनके अनुसार, किसान का अर्थ ही स्वावलंबन है — अपने परिवार के साथ-साथ संपूर्ण समाज का पोषण करने की क्षमता केवल किसान में है। राज्य सरकार किसान हित में पूर्ण संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य कर रही है।