2 सितंबर 2026
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बलराम जयंती पर CM मोहन यादव का किसानों को संकल्प: बीज से बाज़ार तक सरकार साथ, 4 योजनाओं का शुभारंभ

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बलराम जयंती पर CM मोहन यादव का किसानों को संकल्प: बीज से बाज़ार तक सरकार साथ, 4 योजनाओं का शुभारंभ

सारांश

ग्वालियर के बलराम जयंती समागम में CM मोहन यादव ने किसानों को राज्य की अर्थव्यवस्था का 'फ्यूल' बताया और एक साथ चार योजनाएँ लॉन्च कीं — KCC पोर्टल, शून्य ब्याज ऋण सरलीकरण, कृषक कवच और 200 नई पैक्स संस्थाएँ। चारा अनुदान ₹20 से ₹40 और 'मिल्क कैपिटल' का सपना — मध्य प्रदेश की कृषि नीति एक नए मोड़ पर।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 2 सितंबर 2026 को ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम को संबोधित किया।
ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल लॉन्च — किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे।
शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना सरल हुई — खरीफ-रबी की अलग अदायगी की बाध्यता खत्म, 12 माह में सुविधानुसार भुगतान।
किसान कृषक कवच योजना से लंबित खाता जाँच वाले किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालय शुरू; चारा अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 किया गया।
मध्य प्रदेश को देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाने और हर ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित करने का लक्ष्य।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 सितंबर 2026 को ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम में किसानों को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा, 'जिसके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है।' उन्होंने किसानों के परिश्रम को मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का 'फ्यूल' करार दिया और घोषणा की कि राज्य सरकार खेत से खाते तक और बीज से बाज़ार तक हर पड़ाव पर अन्नदाताओं के साथ खड़ी है।

भगवान बलराम: कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि भगवान बलराम केवल बल के देवता नहीं, बल्कि श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम बनाया। इस अवसर पर आयोजकों ने मुख्यमंत्री को खेती-किसानी के पुण्य प्रतीक के रूप में हल भेंट किया।

चार किसान-कल्याण योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने इस समागम में किसान हित से जुड़ी चार महत्वपूर्ण पहलों का एक साथ शुभारंभ किया।

पहली पहल के तहत ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का सिंगल क्लिक से उद्घाटन हुआ, जिससे किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। दूसरी पहल में शून्य प्रतिशत ब्याज दर ऋण योजना का सरलीकरण किया गया — खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को 12 माह में अपनी सुविधा के अनुसार ऋण चुकाने की छूट दी गई है।

तीसरी पहल किसान कृषक कवच योजना है, जो उन किसानों को शासकीय योजनाओं और ऋण से जोड़ेगी जिनके खातों की जाँच लंबित होने के कारण वे अब तक सरकारी लाभ से वंचित थे। चौथी पहल के अंतर्गत ग्रामीण सहकारिता को मज़बूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का शुभारंभ किया गया।

दूध उत्पादन और पशुपालन पर बड़े ऐलान

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बीज से बाज़ार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को मज़बूत कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि मध्य प्रदेश को देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है। पशुपालकों के लिए चारा अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति दिन कर दिया गया है।

सिंधिया और तोमर की उपस्थिति, ग्वालियर-चंबल विकास पर ज़ोर

केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बने बांधों और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है और श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया है ताकि किसान अपना अनाज ग्वालियर में बेच सकें। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी इस समारोह में उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को गति देने की कोशिश कर रही है। नई पैक्स संस्थाओं का विस्तार और ऋण सरलीकरण जैसे कदम सहकारी ढाँचे को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ़्तार यह तय करेगी कि ग्वालियर का यह संकल्प किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बलराम का आह्वान और चार योजनाओं का एकसाथ उद्घाटन। लेकिन असली सवाल यह है कि कृषक कवच जैसी योजना, जो लंबित खाता जाँच वाले किसानों को जोड़ने का दावा करती है, उन्हें व्यवस्थागत अड़चन से कैसे बाहर निकालेगी — जबकि वह अड़चन खुद सरकारी तंत्र की देन है। शून्य ब्याज ऋण का सरलीकरण स्वागतयोग्य है, पर यह देखना होगा कि 200 नई पैक्स संस्थाएँ ज़मीन पर कितनी सक्रिय हो पाती हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की निष्क्रियता पुरानी समस्या रही है। 'मिल्क कैपिटल' का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन चारा अनुदान को ₹20 से ₹40 करना इस लक्ष्य के लिए पर्याप्त नहीं — इसके लिए कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और बाज़ार संपर्क की ज़रूरत होगी जिसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलराम जयंती महोत्सव में CM मोहन यादव ने कौन-सी योजनाएँ लॉन्च कीं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2 सितंबर 2026 को ग्वालियर में चार योजनाएँ लॉन्च कीं — ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का सरलीकरण, किसान कृषक कवच योजना और 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालय। इन सभी का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे और सरल तरीके से जोड़ना है।
किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल से किसानों को क्या फायदा होगा?
नए ऑनलाइन KCC पोर्टल से मध्य प्रदेश के किसान अब घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे बैंक या सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी। यह पोर्टल सिंगल क्लिक प्रक्रिया पर आधारित है।
शून्य ब्याज ऋण योजना के सरलीकरण में क्या बदला?
पहले किसानों को खरीफ और रबी कृषि ऋण अलग-अलग तय समय पर चुकाना होता था। नई व्यवस्था में यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है और किसान अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह के भीतर ऋण चुका सकते हैं, वह भी शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर।
किसान कृषक कवच योजना किन किसानों के लिए है?
यह योजना उन किसानों के लिए है जिनके बैंक खातों की जाँच लंबित होने के कारण वे अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। इस योजना के तहत ऐसे किसानों को ऋण और अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मध्य प्रदेश को 'मिल्क कैपिटल' बनाने की योजना क्या है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश को देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाया जाएगा। इसके तहत हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जाएगा और पशुपालकों के लिए चारा अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रतिदिन कर दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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