बलराम जयंती पर CM मोहन यादव का किसानों को संकल्प: बीज से बाज़ार तक सरकार साथ, 4 योजनाओं का शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 सितंबर 2026 को ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम में किसानों को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा, 'जिसके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है।' उन्होंने किसानों के परिश्रम को मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का 'फ्यूल' करार दिया और घोषणा की कि राज्य सरकार खेत से खाते तक और बीज से बाज़ार तक हर पड़ाव पर अन्नदाताओं के साथ खड़ी है।
भगवान बलराम: कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि भगवान बलराम केवल बल के देवता नहीं, बल्कि श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम बनाया। इस अवसर पर आयोजकों ने मुख्यमंत्री को खेती-किसानी के पुण्य प्रतीक के रूप में हल भेंट किया।
चार किसान-कल्याण योजनाओं का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने इस समागम में किसान हित से जुड़ी चार महत्वपूर्ण पहलों का एक साथ शुभारंभ किया।
पहली पहल के तहत ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का सिंगल क्लिक से उद्घाटन हुआ, जिससे किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। दूसरी पहल में शून्य प्रतिशत ब्याज दर ऋण योजना का सरलीकरण किया गया — खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को 12 माह में अपनी सुविधा के अनुसार ऋण चुकाने की छूट दी गई है।
तीसरी पहल किसान कृषक कवच योजना है, जो उन किसानों को शासकीय योजनाओं और ऋण से जोड़ेगी जिनके खातों की जाँच लंबित होने के कारण वे अब तक सरकारी लाभ से वंचित थे। चौथी पहल के अंतर्गत ग्रामीण सहकारिता को मज़बूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का शुभारंभ किया गया।
दूध उत्पादन और पशुपालन पर बड़े ऐलान
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बीज से बाज़ार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को मज़बूत कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि मध्य प्रदेश को देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है। पशुपालकों के लिए चारा अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति दिन कर दिया गया है।
सिंधिया और तोमर की उपस्थिति, ग्वालियर-चंबल विकास पर ज़ोर
केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बने बांधों और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है और श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया है ताकि किसान अपना अनाज ग्वालियर में बेच सकें। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी इस समारोह में उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को गति देने की कोशिश कर रही है। नई पैक्स संस्थाओं का विस्तार और ऋण सरलीकरण जैसे कदम सहकारी ढाँचे को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ़्तार यह तय करेगी कि ग्वालियर का यह संकल्प किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला पाता है या नहीं।