मुंबई पुलिस ने 10 कुख्यात अपराधियों को एक वर्ष के लिए तड़ीपार किया, नॉर्थ डिवीजन-3 की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने 2 सितंबर 2026 को अपराध-निरोधक विशेष अभियान के तहत 10 आदतन अपराधियों को मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिले की सीमाओं से एक वर्ष के लिए तड़ीपार करने के आदेश जारी किए। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) नॉर्थ डिवीजन-3 कार्यालय द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध, रंगदारी और सार्वजनिक भय के माहौल पर अंकुश लगाना है।
मुख्य घटनाक्रम
नॉर्थ डिवीजन-3 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की विस्तृत समीक्षा के बाद संबंधित थानों ने आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज जुटाकर तड़ीपार प्रस्ताव तैयार किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई पूरी होने के पश्चात अगस्त 2026 के दौरान अलग-अलग तिथियों पर इन आदेशों को प्रभावी किया गया।
जाँच में सामने आया कि इन आरोपियों पर मारपीट, घातक हथियारों से धमकी, रंगदारी वसूली, जबरन चोरी, नशीले पदार्थों की तस्करी और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे गंभीर आरोप थे। पुलिस का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएँ और वरिष्ठ नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर थे और कई लोग शिकायत दर्ज कराने से भी डरते थे।
तड़ीपार किए गए अपराधियों की सूची
तड़ीपार किए गए 10 आरोपियों में शामिल हैं: अमन पुट्टन जायसवाल (38), प्रफुल्ल युवराज आवाडे (37), अभिषेक महेंद्र प्रसाद सरोज उर्फ 'बचकाना भाई' (24), पंकज मारुति चालके (37), महेश शिवराज स्वामी (24), ऋषिकेश विकास हरमाले उर्फ 'बुटक्या' (27), विजय हरिश्चंद्र भोईर (24), रानी रघुनाथ हरिजन (56), कार्तिक उर्फ कार्तिकेय दिनेश कुमार पाठक (23) — जिन्हें कथित तौर पर गैंग लीडर बताया गया है — और शैलेश अनिलकुमार गिरी (21)।
गौरतलब है कि इन सभी को एक वर्ष की अवधि के लिए मुंबई शहर और उपनगर की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, 'कानून व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करना तथा आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त निवारक कार्रवाई करना मुंबई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।' पुलिस का मानना है कि इस कदम से संगठित अपराध और गैंग से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और नागरिकों तथा कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा बहाल होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में रंगदारी और गैंग-संबंधी अपराधों के मामलों में चिंताजनक वृद्धि की खबरें सामने आई हैं। नॉर्थ डिवीजन-3 के सभी पुलिस थानों को निर्देश दिए गए हैं कि तड़ीपार आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
आम जनता पर असर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई तड़ीपार आरोपी मुंबई शहर या उपनगर की सीमा में पाया जाता है तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तड़ीपार अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना नज़दीकी पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 100 और 112 पर दें।
पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।