मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: उत्तर परिमंडल-3 में 12 अपराधियों को एक वर्ष के लिए तड़ीपार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को उत्तर परिमंडल-3 में कड़ी कार्रवाई करते हुए 12 कुख्यात अपराधियों को एक वर्ष के लिए मुंबई शहर और उपनगर की सीमाओं से बाहर तड़ीपार कर दिया है। हत्या, लूट, मारपीट और सार्वजनिक दहशत फैलाने जैसे संगीन आरोपों में लिप्त इन अपराधियों के खिलाफ यह आदेश कई पुलिस थानों के प्रस्तावों की विस्तृत जांच के बाद जारी किया गया।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि
पुलिस उपायुक्त गजानन शिवलिंग राजमाने ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग, समता नगर और दहिसर समेत विभिन्न पुलिस थानों से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद सभी मामलों की गहन जांच की गई और तत्पश्चात अंतिम तड़ीपार आदेश जारी किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर कानूनी प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया जाता है, ताकि आम नागरिक सुरक्षित माहौल में जीवन यापन कर सकें।
अपराधियों के खिलाफ आरोप
तड़ीपार किए गए 12 अपराधियों पर हत्या, लूटपाट, मारपीट और इलाके में भय का वातावरण बनाने जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्तता के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, इन व्यक्तियों की उपस्थिति संबंधित इलाकों में कानून-व्यवस्था के लिए सीधा खतरा बन चुकी थी।
उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
डीसीपी राजमाने ने आगाह किया कि तड़ीपार आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई तड़ीपार अपराधी उनके क्षेत्र में दिखे, तो तुरंत 100 या 112 पर अथवा निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें।
बिहार में भी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इसी बीच, बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोट के कारोबार और रुपये दोगुना-तीन गुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना बिदुर सहनी — जो बिहार पुलिस से बर्खास्त बीएमपी जवान है — समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिदुर सहनी अपने साथियों के साथ जाली नोट, ठगी और हथियार के बल पर लूटपाट जैसी वारदातें अंजाम देता है। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई, जिसने कुंवारी देवी चौक पर छापेमारी कर सरगना को उसके दो सहयोगियों — आकाश कुमार और प्रदीप कुमार जायसवाल — के साथ धर दबोचा। उनके पास से जाली नोट और नकद राशि बरामद की गई।
आगे क्या होगा
डीसीपी राजमाने ने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस भविष्य में भी ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब महानगरों में संगठित अपराध और गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बल की जवाबदेही पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है।