तमन्ना खातून हत्याकांड: सुवेंदु अधिकारी ने कहा — 12 और आरोपी गिरफ्तार, न्याय हमारी प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 28 जून 2025 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि तमन्ना खातून हत्याकांड में न्याय दिलाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कृष्णानगर जिला पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए एफआईआर में नामजद लगभग सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 23 जून 2025 को कालिगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा से जुड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
23 जून 2025 को कालिगंज उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार अलीफा अहमद की भारी मतों से जीत के बाद जीत के जुलूस के दौरान कुछ TMC समर्थकों ने कथित तौर पर नाबालिग तमन्ना खातून के घर पर देसी बम फेंके, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गुड़गांव और नागपुर जैसे दूरदराज़ के शहरों में सुरागों का पीछा कर 12 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: जियारुल शेख, साबिर शेख, फकार शेख उर्फ इस्माइल शेख, हफीजुल शेख, मिनारुल शेख, अनीसुर शेख, मिलन शेख, रजाबुल शेख, जकात शेख, साहिबुल शेख, अमीरुल शेख और रकीबुल शेख। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर में नामजद लगभग सभी आरोपी अब हिरासत में हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपनी पोस्ट में कृष्णानगर जिला पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि तमन्ना की दुखी माँ से उनकी मुलाकात के बाद पुलिस ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए युद्धस्तर पर काम किया। अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तब दोषियों की पहचान उनकी राजनीतिक संबद्धता से होती थी और पुलिस की कार्रवाई पीड़ितों की राजनीतिक पहचान से प्रभावित रहती थी।
कानून के राज का संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने 'कानून का राज' स्थापित करने का अटूट संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, 'अपराध तो अपराध होता है और कार्रवाई निष्पक्ष, तुरंत और बिना किसी डर या पक्षपात के की जाएगी — चाहे पीड़ित या आरोपी की पहचान कुछ भी हो।' यह टिप्पणी राज्य में भाजपा सरकार के शासन-मॉडल को TMC के कार्यकाल से अलग दिखाने की स्पष्ट कोशिश है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शेष कितने आरोपी अभी भी फरार हैं। न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। तमन्ना के परिवार को न्याय का आश्वासन देने वाली मुख्यमंत्री की यह घोषणा राजनीतिक रूप से संवेदनशील पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की साख के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगी।