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तमन्ना खातून हत्याकांड: कालीगंज में 24 TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट, आर्म्स एक्ट जोड़ा गया

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तमन्ना खातून हत्याकांड: कालीगंज में 24 TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट, आर्म्स एक्ट जोड़ा गया

सारांश

कालीगंज उपचुनाव की जीत के जुलूस में देसी बम से मारी गई नाबालिग तमन्ना खातून के मामले में कृष्णानगर पुलिस ने 24 TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की — इस बार आर्म्स एक्ट भी जोड़ा गया, जो मूल चार्जशीट में अनुपस्थित था।

मुख्य बातें

कृष्णानगर पुलिस ने 22 जुलाई को नदिया जिला अदालत में 24 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
नई चार्जशीट में आर्म्स एक्ट के प्रावधान जोड़े गए, जो पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दायर मूल चार्जशीट में शामिल नहीं थे।
सभी 24 आरोपी कालीगंज क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता हैं; 23 न्यायिक हिरासत में, एक कलकत्ता उच्च न्यायालय की जमानत पर।
पीड़िता तमन्ना खातून की मौत 23 जून 2025 को कालीगंज उपचुनाव के नतीजों के दिन देसी बम धमाके में हुई थी।
तमन्ना की माँ सबीना यास्मीन शेख ने हाल के विधानसभा चुनाव में कालीगंज से सीपीआई (एम) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
राज्य सरकार ने मामले में बिवास चट्टोपाध्याय को सरकारी अभियोजक नियुक्त किया है।

नदिया जिले की कृष्णानगर पुलिस ने बुधवार, 22 जुलाई को कालीगंज की नाबालिग छात्रा तमन्ना खातून की हत्या के मामले में 24 आरोपियों के खिलाफ नदिया जिला अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इस बार चार्जशीट में आर्म्स एक्ट के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में दायर मूल चार्जशीट से अनुपस्थित थे।

मुख्य घटनाक्रम

23 जून 2025 को कालीगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजे घोषित होने के दिन, जीत के जुलूस के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मोलंडी गाँव में तमन्ना के घर पर देसी बम फेंके। इस धमाके में सीपीआई (एम) समर्थक परिवार की स्कूली छात्रा तमन्ना खातून की मौके पर ही मौत हो गई। उस उपचुनाव में तत्कालीन TMC उम्मीदवार अलीफा अहमद ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी।

कृष्णानगर पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, पूर्व की ममता बनर्जी सरकार के दौरान दायर मूल चार्जशीट में आर्म्स एक्ट के प्रावधान शामिल नहीं किए गए थे। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में यह कमी दूर की गई है।

आरोपियों की स्थिति

मामले में नामजद 24 में से 23 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी को कलकत्ता उच्च न्यायालय से जमानत मिली हुई है। सभी 24 आरोपी कालीगंज क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता बताए जाते हैं।

राज्य सरकार ने इस मामले में बिवास चट्टोपाध्याय को सरकारी अभियोजक (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया है, जिनका ऐसे मामलों में शीघ्र सजा दिलाने का उल्लेखनीय रिकॉर्ड रहा है।

परिवार की प्रतिक्रिया

तमन्ना की माँ सबीना यास्मीन शेख के परिवार का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में तब सक्रियता दिखाई जब पिछले महीने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सबीना से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। परिवार का यह बयान यह संकेत देता है कि राजनीतिक दबाव के बाद जाँच में तेजी आई।

गौरतलब है कि सबीना यास्मीन शेख ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कालीगंज सीट से सीपीआई (एम) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें TMC की अलीफा अहमद ने पराजित किया, जो लगातार दूसरी बार इस सीट से निर्वाचित हुईं।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा की घटनाएँ राष्ट्रीय बहस का विषय बनी हुई हैं। आलोचकों का कहना है कि चुनावी जीत के जश्न के दौरान विपक्षी परिवारों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करता है। मूल चार्जशीट में आर्म्स एक्ट का अनुपस्थित रहना भी जाँच की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।

आगे क्या

सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला नदिया जिला अदालत में सुनवाई के अगले चरण में प्रवेश करेगा। सरकारी अभियोजक बिवास चट्टोपाध्याय की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के प्रति प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पिछली जाँच की कमज़ोरी का स्वीकारोक्ति है। परिवार का यह दावा कि पुलिस ने मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद ही सक्रियता दिखाई, यह सवाल उठाता है कि क्या न्याय राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर है। चुनावी हिंसा की यह घटना पश्चिम बंगाल में एक पुराने पैटर्न की कड़ी है — जहाँ विपक्षी परिवार चुनाव-पश्चात हिंसा के सबसे बड़े शिकार बनते हैं और जाँच की गति सत्ता-परिवर्तन से तय होती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमन्ना खातून कौन थी और उसकी मौत कैसे हुई?
तमन्ना खातून पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कालीगंज इलाके के मोलंडी गाँव की एक स्कूली छात्रा थी। 23 जून 2025 को कालीगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के दिन जीत के जुलूस के दौरान कथित तौर पर TMC कार्यकर्ताओं द्वारा फेंके गए देसी बम के धमाके में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में क्या नया जोड़ा गया है?
कृष्णानगर पुलिस ने 22 जुलाई को दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आर्म्स एक्ट के प्रावधान शामिल किए हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दायर मूल चार्जशीट में ये प्रावधान नहीं जोड़े गए थे।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?
मामले में कुल 24 आरोपी हैं, जो सभी कालीगंज क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता बताए जाते हैं। इनमें से 23 न्यायिक हिरासत में हैं और एक आरोपी कलकत्ता उच्च न्यायालय से मिली जमानत पर बाहर है।
तमन्ना की माँ सबीना यास्मीन शेख ने क्या कहा?
सबीना यास्मीन शेख के परिवार ने दावा किया कि पुलिस ने मामले में तब सक्रियता दिखाई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनसे मुलाकात कर न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनाव में कालीगंज से सीपीआई (एम) उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा, लेकिन TMC की अलीफा अहमद से हार गईं।
इस मामले में सरकारी अभियोजक कौन नियुक्त हुए हैं?
राज्य सरकार ने इस मामले में बिवास चट्टोपाध्याय को सरकारी अभियोजक (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया है। उनका ऐसे मामलों में शीघ्र सजा दिलाने का उल्लेखनीय ट्रैक रिकॉर्ड बताया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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