22 जुलाई 2026
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TMC सांसद कल्याण बनर्जी का विस्फोटक आरोप: 'कालीघाट सूत्र' तृणमूल को तबाह कर देंगे

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TMC सांसद कल्याण बनर्जी का विस्फोटक आरोप: 'कालीघाट सूत्र' तृणमूल को तबाह कर देंगे

सारांश

TMC के चार बार के सांसद कल्याण बनर्जी ने शहीद दिवस रैली में अपमान का आरोप लगाते हुए पार्टी के 'कालीघाट सूत्र' को सीधे निशाने पर लिया। यह विद्रोह किसी नए असंतुष्ट का नहीं — यह एक पुराने वफादार की चेतावनी है जो TMC की भीतरी दरारों को उजागर करती है।

मुख्य बातें

कल्याण बनर्जी ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया पर TMC के 'कालीघाट सूत्र' पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
शहीद दिवस रैली में उनके भाषण को अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के आगमन पर बार-बार रोका गया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो महीनों में केवल वही ज़िला दौरों पर गए, अन्य नेता नहीं।
कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी के गुट बनाने के बाद भी वे ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे।
'कालीघाट सूत्र' शब्द दक्षिण कोलकाता के उस इलाके से जुड़ा है जहाँ मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक विस्फोटक पोस्ट के ज़रिए पार्टी के एक प्रभावशाली गुट पर सीधा हमला बोला। उन्होंने इस गुट को 'कालीघाट सूत्र' की संज्ञा दी और आरोप लगाया कि यह खेमा मीडिया में उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी फैला रहा है और पार्टी को भीतर से कमज़ोर कर रहा है।

शहीद दिवस रैली में क्या हुआ

कल्याण बनर्जी के अनुसार, मंगलवार दोपहर कोलकाता में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में उनके भाषण को बार-बार बाधित किया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जब वे मंच पर बोल रहे थे, तभी पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सभास्थल पर पहुँचे।

बनर्जी ने विस्तार से बताया, 'जब मैं भाषण दे रहा था, तभी अभिषेक बनर्जी सभा स्थल पर पहुंचे। मंच तक पहुंचने और वहां लोगों से मिलने में उन्हें करीब पांच मिनट लगे, इसलिए मुझे भी अपना भाषण पांच मिनट के लिए रोकना पड़ा।' उन्होंने यह भी बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आगमन पर भी उन्हें पुनः भाषण रोकना पड़ा।

'कालीघाट सूत्र' से क्या आशय

कल्याण बनर्जी ने जिस 'कालीघाट सूत्र' का उल्लेख किया है, वह दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके से जुड़ा है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आधिकारिक आवास स्थित है। पार्टी के भीतर यह माना जाता है कि TMC के कई अहम राजनीतिक निर्णय इसी पते से संचालित होते हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा, 'ये कालीघाट सूत्र पार्टी को बर्बाद कर देंगे।'

पार्टी के प्रति वफादारी का दावा

कल्याण बनर्जी ने अपने पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि जब पार्टी के कई विधायक बागी हो गए और निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया, तब भी वे ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान बने रहे। उनका यह दावा उनकी नाराज़गी को और अधिक राजनीतिक वज़न देता है — यह किसी नए असंतुष्ट का नहीं, बल्कि एक पुराने वफादार का विद्रोह है।

ज़िला दौरों का हवाला

उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले दो महीनों में जनता के विरोध के भय से पार्टी का कोई अन्य वरिष्ठ नेता ज़िलों के दौरे पर नहीं गया। उन्होंने लिखा, 'पिछले दो महीनों में मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कई ज़िलों का दौरा किया।' यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करती है।

आगे क्या होगा

कल्याण बनर्जी की यह सार्वजनिक नाराज़गी ऐसे समय में सामने आई है जब TMC पहले से ही आंतरिक असंतोष और विधायकों के पलायन से जूझ रही है। यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर सुलह का रास्ता अपनाता है या कल्याण बनर्जी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की ओर बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकेत है कि भीतरी असंतोष अब दबाए नहीं रह सकता। अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका और पुरानी पीढ़ी के नेताओं के हाशिये पर जाने की यह प्रवृत्ति नई नहीं है, लेकिन अब यह खुलकर मंच पर आ गई है। TMC नेतृत्व के सामने असली चुनौती यह है कि वह इसे अनुशासन की समस्या मानकर दबाए या संरचनात्मक सुधार का अवसर समझे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण बनर्जी ने 'कालीघाट सूत्र' किसे कहा है?
'कालीघाट सूत्र' TMC के उस गुट को कहा गया है जो दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके से — जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आधिकारिक आवास है — पार्टी के फैसलों को प्रभावित करता है। कल्याण बनर्जी का आरोप है कि यही गुट मीडिया में उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी फैला रहा है।
शहीद दिवस रैली में कल्याण बनर्जी के साथ क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी के अनुसार, 22 जुलाई की TMC शहीद दिवस रैली में उनके भाषण को अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के आगमन पर दो बार रोका गया। उन्होंने इसे अपमानजनक बताया और सोशल मीडिया पर पूरी घटना का विस्तृत विवरण साझा किया।
क्या कल्याण बनर्जी TMC छोड़ने की तैयारी में हैं?
कल्याण बनर्जी ने अपने पोस्ट में TMC छोड़ने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। उन्होंने बल्कि यह रेखांकित किया कि वे विधायकों के पलायन के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। हालाँकि उनकी सार्वजनिक नाराज़गी पार्टी के भीतर गहरे तनाव की ओर इशारा करती है।
अभिषेक बनर्जी TMC में क्या भूमिका निभाते हैं?
अभिषेक बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव हैं। पार्टी में उनकी बढ़ती भूमिका को लेकर पुराने नेताओं में असंतोष की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं।
कल्याण बनर्जी का TMC में क्या कद है?
कल्याण बनर्जी चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जिन्हें लंबे समय से ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। उनकी यह सार्वजनिक नाराज़गी इसीलिए राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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