TMC सांसद कल्याण बनर्जी का विस्फोटक आरोप: 'कालीघाट सूत्र' तृणमूल को तबाह कर देंगे
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक विस्फोटक पोस्ट के ज़रिए पार्टी के एक प्रभावशाली गुट पर सीधा हमला बोला। उन्होंने इस गुट को 'कालीघाट सूत्र' की संज्ञा दी और आरोप लगाया कि यह खेमा मीडिया में उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी फैला रहा है और पार्टी को भीतर से कमज़ोर कर रहा है।
शहीद दिवस रैली में क्या हुआ
कल्याण बनर्जी के अनुसार, मंगलवार दोपहर कोलकाता में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में उनके भाषण को बार-बार बाधित किया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जब वे मंच पर बोल रहे थे, तभी पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सभास्थल पर पहुँचे।
बनर्जी ने विस्तार से बताया, 'जब मैं भाषण दे रहा था, तभी अभिषेक बनर्जी सभा स्थल पर पहुंचे। मंच तक पहुंचने और वहां लोगों से मिलने में उन्हें करीब पांच मिनट लगे, इसलिए मुझे भी अपना भाषण पांच मिनट के लिए रोकना पड़ा।' उन्होंने यह भी बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आगमन पर भी उन्हें पुनः भाषण रोकना पड़ा।
'कालीघाट सूत्र' से क्या आशय
कल्याण बनर्जी ने जिस 'कालीघाट सूत्र' का उल्लेख किया है, वह दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके से जुड़ा है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आधिकारिक आवास स्थित है। पार्टी के भीतर यह माना जाता है कि TMC के कई अहम राजनीतिक निर्णय इसी पते से संचालित होते हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा, 'ये कालीघाट सूत्र पार्टी को बर्बाद कर देंगे।'
पार्टी के प्रति वफादारी का दावा
कल्याण बनर्जी ने अपने पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि जब पार्टी के कई विधायक बागी हो गए और निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया, तब भी वे ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान बने रहे। उनका यह दावा उनकी नाराज़गी को और अधिक राजनीतिक वज़न देता है — यह किसी नए असंतुष्ट का नहीं, बल्कि एक पुराने वफादार का विद्रोह है।
ज़िला दौरों का हवाला
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले दो महीनों में जनता के विरोध के भय से पार्टी का कोई अन्य वरिष्ठ नेता ज़िलों के दौरे पर नहीं गया। उन्होंने लिखा, 'पिछले दो महीनों में मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कई ज़िलों का दौरा किया।' यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करती है।
आगे क्या होगा
कल्याण बनर्जी की यह सार्वजनिक नाराज़गी ऐसे समय में सामने आई है जब TMC पहले से ही आंतरिक असंतोष और विधायकों के पलायन से जूझ रही है। यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर सुलह का रास्ता अपनाता है या कल्याण बनर्जी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की ओर बढ़ता है।