कोलकाता बिलबोर्ड विवाद: अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट दफ्तर पर TMC के 13 कार्यकर्ता गिरफ्तार, 3 FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को सेंट्रल कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास की छत से एक अवैध होर्डिंग हटाने के दौरान भड़के विवाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 13 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए। यह टकराव गुरुवार दोपहर से शुरू होकर रात भर चलता रहा। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों पर हमला किया और एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया।
मुख्य घटनाक्रम
कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारियों ने गुरुवार को 9 कैमक स्ट्रीट पर लगे अवैध होर्डिंग को हटाने के लिए शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन से लिखित सहायता माँगी। पुलिसकर्मी KMC टीम के साथ मौके पर पहुँचे, लेकिन बड़ी संख्या में TMC समर्थक वहाँ एकत्र हो गए और उन्होंने अधिकारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोका।
अभिषेक बनर्जी ने KMC के हटाने के आदेश की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया। उनका तर्क था कि नोटिस के साथ होर्डिंग की तस्वीर संलग्न नहीं थी, इसलिए वह अमान्य है। इसके बाद KMC अधिकारी संशोधित आदेश लेकर वापस लौटे। इस बार पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बल के साथ छत तक पहुँचकर होर्डिंग तोड़ दिया।
हिंसा और आरोप
पुलिस का आरोप है कि TMC समर्थकों ने सीढ़ियों पर मानव श्रृंखला बनाकर अधिकारियों का रास्ता रोका। इस दौरान KMC कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमला किया गया। कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस अधिकारी की पिटाई की गई और उसकी गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल और पुलिसकर्मियों को धमकाने के आरोप भी लगाए हैं।
FIR में कौन-कौन नामज़द
शुक्रवार सुबह जारी पुलिस बयान के अनुसार, शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन मामलों में से दो में अभिषेक बनर्जी (पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे), TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और पार्टी नेता बैश्वानर चटर्जी समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। पहला मामला शेक्सपियर सरणी थाने के एक अधिकारी की शिकायत पर, दूसरा KMC की शिकायत पर और तीसरा पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गैर-जमानती धाराएँ लगाई गई हैं।
सरकार और पार्टी की प्रतिक्रिया
पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब TMC और कोलकाता नगर निगम, दोनों पर एक ही दल का नियंत्रण है — जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से और भी पेचीदा हो जाता है। अभिषेक बनर्जी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार 13 कार्यकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। नामज़द नेताओं — अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और बैश्वानर चटर्जी — को पुलिस की ओर से नोटिस या समन जारी किए जा सकते हैं। यह मामला पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल और नागरिक प्रशासन के बीच टकराव की व्यापक प्रवृत्ति को रेखांकित करता है।