अभिषेक बनर्जी ने KMC के अवैध निर्माण नोटिस का जवाब देने के लिए माँगा अतिरिक्त समय
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम (KMC) को पत्र लिखकर अवैध निर्माणों से जुड़े नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय माँगा है। सूत्रों के अनुसार, KMC ने कोलकाता नगर निगम अधिनियम 1980 की धारा 400(1) के तहत अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर जुड़ी 17 प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किए थे।
मुख्य घटनाक्रम
KMC अधिकारियों ने उन प्रॉपर्टीज की जाँच शुरू की जो कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व या सह-स्वामित्व में हैं। नोटिस की प्रतियाँ संबंधित प्रॉपर्टीज की दीवारों पर चिपकाई गई हैं। जाँच के दायरे में आए दो प्रमुख आवास हैं — 188A हरीश मुखर्जी रोड और 121 कालीघाट रोड, जो दोनों कोलकाता में स्थित हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट आवास के निकट हैं।
किसे भेजे गए नोटिस
हरीश मुखर्जी रोड स्थित प्रॉपर्टी के संदर्भ में 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक कॉर्पोरेट संस्था को नोटिस जारी किया गया है, जिसका स्वामित्व कथित तौर पर बनर्जी परिवार के पास बताया जाता है। वहीं कालीघाट रोड स्थित प्रॉपर्टी के मामले में नोटिस अभिषेक बनर्जी की माँ लता बनर्जी को भेजा गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की राजनीति में बनर्जी परिवार की संपत्तियों का मुद्दा वर्षों से विवादास्पद रहा है। जब बंगाल में TMC की सरकार थी, तब विपक्षी दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार यह आरोप लगाते रहे कि बनर्जी परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर बड़ी संख्या में प्रॉपर्टीज पंजीकृत हैं। उस समय ममता बनर्जी ने इन आरोपों को विपक्षी दलों की राजनीतिक कवायद बताकर खारिज कर दिया था।
TMC की आंतरिक बैठक और कम उपस्थिति
अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजे जाने के बाद ममता बनर्जी ने कोलकाता के TMC पार्षदों की एक बैठक बुलाई। हालाँकि, 136 पार्षदों में से काफी कम संख्या में पार्षद इस बैठक में उपस्थित हुए, जो पार्टी के भीतर की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
अभिषेक बनर्जी द्वारा माँगे गए अतिरिक्त समय पर KMC का निर्णय अभी आना बाकी है। KMC की जाँच और नोटिस प्रक्रिया के अगले चरण पर सभी की नज़र बनी हुई है। गौरतलब है कि यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी TMC के शीर्ष नेताओं में से एक हैं।