अभिषेक बनर्जी की 17 कथित संपत्तियों पर KMC का नोटिस, हरीश मुखर्जी रोड और कालीघाट रोड आवास जाँच के दायरे में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (KMC) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की कथित तौर पर स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों को नगरपालिका अधिनियम 1980 की धारा 400(1) के तहत औपचारिक नोटिस जारी किए हैं। 19 मई 2025 को शुरू हुई इस जाँच के तहत संपत्तियों की दीवारों पर नोटिस की प्रतियाँ चिपकाई गई हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
कौन-सी संपत्तियाँ जाँच के दायरे में
KMC के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इन 17 संपत्तियों में अभिषेक बनर्जी के दो आवास विशेष रूप से चर्चा में हैं — 188A हरीश मुखर्जी रोड और 121 कालीघाट रोड। दोनों संपत्तियाँ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित निवास के निकट हैं।
हरीश मुखर्जी रोड की संपत्ति के संदर्भ में नोटिस 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक कॉर्पोरेट संस्था को जारी किया गया है, जो कथित तौर पर बनर्जी परिवार के स्वामित्व में है। कालीघाट रोड की संपत्ति के लिए नोटिस लता बनर्जी — अभिषेक बनर्जी की माँ — के नाम पर जारी हुआ है।
धारा 400(1) का अर्थ और प्रक्रिया
KMC अधिनियम 1980 की धारा 400(1) कथित अवैध निर्माणों के मामले में संपत्ति मालिकों को अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर देती है। यह नोटिस अंतिम कार्रवाई नहीं, बल्कि जाँच की पहली औपचारिक कड़ी है। KMC के मेयर फिरहाद हकीम — चार बार के TMC विधायक और ममता बनर्जी की पूर्व कैबिनेट के सदस्य — अभी भी इस निगम की अध्यक्षता करते हैं, जो इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टि से जटिल बनाता है।
मुख्यमंत्री के संकेत और राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह नोटिस ऐसे समय में आए जब मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में एक सभा में उस कॉर्पोरेट संस्था से जुड़ी संपत्तियों की जाँच के संकेत दिए थे, जो कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी से संबंधित है। अधिकारी ने बनर्जी का नाम सीधे न लेते हुए उन्हें 'मिस्टर नेफ्यू' कहकर संबोधित किया और दावा किया कि वे उनकी एक कंपनी से जुड़ी 24 संपत्तियों की सूची अपने साथ लाए हैं।
गौरतलब है कि बंगाल में TMC सरकार के दौरान भी विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और सीपीआई (एम) बनर्जी परिवार के नाम पर बड़ी संख्या में संपत्तियाँ पंजीकृत होने का आरोप लगाते रहे हैं। उस समय ममता बनर्जी ने इन आरोपों को विपक्ष की 'कीचड़ उछालने की कवायद' बताकर खारिज किया था।
TMC की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
रिपोर्ट लिखे जाने तक TMC के किसी भी नेता ने इन नोटिसों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था। KMC की जाँच आगे क्या रुख लेती है — विशेष रूप से जब निगम के मेयर स्वयं TMC से हैं — यह देखने वाली बात होगी। आलोचकों का कहना है कि इस कार्रवाई का समय और राजनीतिक संदर्भ, दोनों ही इसे महज प्रशासनिक कदम से परे बनाते हैं।