चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क को मिली ₹993 करोड़ की मंजूरी, अरक्कोनम-चेंगलपट्टू 68 किमी दोहरीकरण परियोजना स्वीकृत

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चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क को मिली ₹993 करोड़ की मंजूरी, अरक्कोनम-चेंगलपट्टू 68 किमी दोहरीकरण परियोजना स्वीकृत

सारांश

भारतीय रेलवे ने चेन्नई के उपनगरीय सर्कुलर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ₹993 करोड़ की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू 68 किमी दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी। यह मार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है और प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डे के निकट होने से इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने 19 मई 2025 को ₹993 करोड़ की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को स्वीकृति दी।
परियोजना की लंबाई 68 किलोमीटर है और यह चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इससे यात्री आवाजाही सुगम होगी और सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा व इस्पात की माल ढुलाई को लाभ मिलेगा।
मार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर, ओरगाडम और इरुनगट्टुकोट्टई जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है।
कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डे की निकटता से इस मार्ग का रणनीतिक महत्व और बढ़ा।

भारतीय रेलवे ने 19 मई 2025 को दक्षिणी रेलवे की ₹993 करोड़ लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी। 68 किलोमीटर लंबे इस रेल खंड का दोहरीकरण चेन्नई के उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना की घोषणा मंगलवार को की।

परियोजना का दायरा और महत्व

यह खंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ने वाले चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का अभिन्न हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में मौजूदा दोहरी लाइन की पूरी क्षमता का उपयोग हो रहा है और आने वाले वर्षों में यातायात में और वृद्धि की संभावना है, जिसके लिए अतिरिक्त बुनियादी ढाँचे का विस्तार अनिवार्य हो गया है।

दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों के ठहराव का समय कम होगा, समय की पाबंदी में सुधार होगा और उपनगरीय सेवाओं की आवृत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना से यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और भीड़ में कमी आएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना से कॉरिडोर पर यात्री और माल ढुलाई दोनों को मजबूती मिलेगी, जिससे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात सहित प्रमुख वस्तुओं के परिवहन को सीधा लाभ होगा।

औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों से जुड़ाव

यह मार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर, ओरगाडम और इरुनगट्टुकोट्टई जैसे प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को सीधे जोड़ता है। इसके अतिरिक्त, कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डा परियोजना भी इसी मार्ग के समीप स्थित है, जिससे इस रेल खंड का रणनीतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

गौरतलब है कि यह क्षेत्र देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल, सीमेंट और विनिर्माण उद्योगों का गढ़ है, और बेहतर रेल संपर्क से यहाँ के उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला अधिक कुशल होने की उम्मीद है।

आम जनता पर असर

चेन्नई के लाखों उपनगरीय यात्रियों के लिए यह परियोजना राहत की खबर है। बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक विस्तार के साथ इस कॉरिडोर पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। दोहरीकरण से अधिक ट्रेनें चलाना संभव होगा, जिससे भीड़ कम होगी और यात्रा समय में सुधार होगा।

आगे की राह

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह स्वीकृति भारतीय रेलवे के रेल अवसंरचना आधुनिकीकरण, नेटवर्क क्षमता विस्तार और परिचालन दक्षता सुधार के व्यापक अभियान का हिस्सा है। परियोजना के पूरा होने पर उपनगरीय और माल ढुलाई संपर्क मजबूत होने, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति मिलने और यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं अधिक विश्वसनीय परिवहन सेवाएँ उपलब्ध होने की आशा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है — दक्षिण भारत में कई रेल अवसंरचना परियोजनाएँ स्वीकृति के बाद वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही हैं। चेन्नई का उपनगरीय नेटवर्क दशकों से क्षमता संकट से जूझ रहा है, और परंदुर हवाई अड्डे के प्रस्ताव के साथ इस कॉरिडोर की माँग तेज़ी से बढ़ेगी। सरकार को न केवल धनराशि जारी करने बल्कि समयबद्ध निर्माण और पारदर्शी प्रगति रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की भी जवाबदेही लेनी होगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना क्या है?
यह भारतीय रेलवे की ₹993 करोड़ लागत वाली 68 किलोमीटर लंबी रेल खंड दोहरीकरण परियोजना है, जिसे 19 मई 2025 को स्वीकृति मिली। यह चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
इस परियोजना से चेन्नई के यात्रियों को क्या फायदा होगा?
दोहरीकरण से उपनगरीय ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ेगी, ट्रेनों का ठहराव समय कम होगा और समय की पाबंदी में सुधार होगा। इससे चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम के बीच यात्रा अधिक सुगम होगी।
यह मार्ग किन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है?
यह रेल खंड महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर, ओरगाडम और इरुनगट्टुकोट्टई जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्रों को जोड़ता है। इसके अलावा, कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डा भी इसी मार्ग के समीप है।
इस परियोजना से माल ढुलाई पर क्या असर पड़ेगा?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, परियोजना से सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात सहित प्रमुख वस्तुओं के परिवहन को लाभ होगा। बेहतर रेल संपर्क से इस औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला अधिक कुशल होगी।
क्या यह परियोजना किसी बड़े रेलवे आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है?
हाँ, रेल मंत्रालय के अनुसार यह स्वीकृति भारतीय रेलवे के रेल अवसंरचना आधुनिकीकरण, नेटवर्क क्षमता विस्तार और प्रमुख मार्गों पर परिचालन दक्षता सुधार के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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