साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन अधिसूचित: पवन कल्याण बोले — आंध्र प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण, 1 जून से होगा प्रभावी

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साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन अधिसूचित: पवन कल्याण बोले — आंध्र प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण, 1 जून से होगा प्रभावी

सारांश

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में केंद्र सरकार का आभार जताया। पवन कल्याण ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रयासों की भी सराहना की और इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।

तेलुगु देशम पार्टी की प्रतिक्रिया

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने भी इस अधिसूचना को उत्तर आंध्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि यह दशकों लंबे संघर्ष और क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है। राव ने आरोप लगाया कि 2019 में ज़ोन की घोषणा के बावजूद 2019-2024 के दौरान पिछली सरकार की सुस्ती और भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

एनडीए सरकार की भूमिका

TDP नेताओं के अनुसार, 2024 में एनडीए (NDA) सरकार के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया और लंबित बाधाओं को दूर किया गया। गौरतलब है कि यह ज़ोन पहली बार 2019 में घोषित किया गया था, लेकिन प्रशासनिक एवं भूमि अधिग्रहण संबंधी अड़चनों के चलते इसका क्रियान्वयन वर्षों तक लटका रहा।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन के 1 जून 2026 से पूरी तरह संचालन में आने पर क्षेत्रीय विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी जिलों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

मुख्य बातें

साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन के गठन की राजपत्र अधिसूचना केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई।
नया ज़ोन 1 जून 2026 से प्रभावी होगा; मुख्यालय विशाखापत्तनम में होगा।
ज़ोन में गुंटकल , गुंटूर , विजयवाड़ा और पुनर्गठित विशाखापत्तनम डिवीज़न शामिल हैं।
ईस्ट कोस्ट रेलवे के तहत नया रायगड़ा डिवीज़न भी गठित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने PM मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
TDP नेताओं ने 2019-2024 के बीच पिछली सरकार पर परियोजना में देरी का आरोप लगाया।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन के गठन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना का स्वागत किया है और इसे राज्य की कनेक्टिविटी एवं विकास के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बताया है। अधिसूचना के अनुसार, यह नया रेलवे ज़ोन 1 जून 2026 से प्रभावी होगा और इसका मुख्यालय विशाखापत्तनम में स्थापित किया जाएगा।

नए ज़ोन में क्या शामिल है

राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन में साउथ सेंट्रल रेलवे के गुंटकल, गुंटूर और विजयवाड़ा डिवीज़न को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पुनर्गठित वाल्टेयर डिवीज़न — जिसे अब विशाखापत्तनम डिवीज़न के नाम से जाना जाएगा — को भी इस नए ज़ोन का हिस्सा बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत एक नया रायगड़ा डिवीज़न भी गठित किया जाएगा, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार की उम्मीद है।

पवन कल्याण की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि यह घोषणा पहली बार 2019 में हुई थी — यानी सात साल की देरी के बाद यह साकार हो रही है। असली कसौटी यह होगी कि 1 जून 2026 की समयसीमा के बाद नया ज़ोन वास्तव में कितनी तेज़ी से परिचालन में आता है और क्षेत्रीय रोज़गार व कनेक्टिविटी में मापने योग्य बदलाव कब दिखते हैं। राजनीतिक श्रेय की होड़ के बीच यह ज़रूरी है कि नागरिक भूमि अधिग्रहण की प्रगति, स्टाफ नियुक्तियों और बजट आवंटन पर नज़र रखें — क्योंकि भारतीय रेलवे में नए ज़ोन की घोषणा और उसके पूर्ण क्रियान्वयन के बीच का अंतर अक्सर बड़ा रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन क्या है और यह कब से प्रभावी होगा?
साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन भारतीय रेलवे का एक नया प्रशासनिक ज़ोन है जिसका मुख्यालय विशाखापत्तनम में होगा और यह 1 जून 2026 से प्रभावी होगा। केंद्र सरकार ने इसके गठन की आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है।
इस नए रेलवे ज़ोन में कौन-कौन से डिवीज़न शामिल हैं?
नए ज़ोन में साउथ सेंट्रल रेलवे के गुंटकल, गुंटूर और विजयवाड़ा डिवीज़न के साथ-साथ पुनर्गठित वाल्टेयर डिवीज़न (अब विशाखापत्तनम डिवीज़न) को शामिल किया गया है। इसके अलावा ईस्ट कोस्ट रेलवे के तहत एक नया रायगड़ा डिवीज़न भी बनाया जाएगा।
पवन कल्याण ने साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे आंध्र प्रदेश के विकास और संपर्क व्यवस्था को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का आभार जताया।
इस ज़ोन की घोषणा पहले क्यों नहीं हो पाई थी?
TDP नेताओं के अनुसार, यह ज़ोन 2019 में पहली बार घोषित किया गया था, लेकिन 2019-2024 के दौरान पिछली सरकार की सुस्ती और भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। 2024 में NDA सरकार बनने के बाद इसे तेज़ी से आगे बढ़ाया गया।
इस नए रेलवे ज़ोन से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, नए ज़ोन से क्षेत्रीय विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी जिलों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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