साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन अधिसूचित: पवन कल्याण बोले — आंध्र प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण, 1 जून से होगा प्रभावी
सारांश
तेलुगु देशम पार्टी की प्रतिक्रिया
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने भी इस अधिसूचना को उत्तर आंध्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि यह दशकों लंबे संघर्ष और क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है। राव ने आरोप लगाया कि 2019 में ज़ोन की घोषणा के बावजूद 2019-2024 के दौरान पिछली सरकार की सुस्ती और भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
एनडीए सरकार की भूमिका
TDP नेताओं के अनुसार, 2024 में एनडीए (NDA) सरकार के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया और लंबित बाधाओं को दूर किया गया। गौरतलब है कि यह ज़ोन पहली बार 2019 में घोषित किया गया था, लेकिन प्रशासनिक एवं भूमि अधिग्रहण संबंधी अड़चनों के चलते इसका क्रियान्वयन वर्षों तक लटका रहा।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन के 1 जून 2026 से पूरी तरह संचालन में आने पर क्षेत्रीय विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी जिलों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन के गठन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना का स्वागत किया है और इसे राज्य की कनेक्टिविटी एवं विकास के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बताया है। अधिसूचना के अनुसार, यह नया रेलवे ज़ोन 1 जून 2026 से प्रभावी होगा और इसका मुख्यालय विशाखापत्तनम में स्थापित किया जाएगा।
नए ज़ोन में क्या शामिल है
राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन में साउथ सेंट्रल रेलवे के गुंटकल, गुंटूर और विजयवाड़ा डिवीज़न को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पुनर्गठित वाल्टेयर डिवीज़न — जिसे अब विशाखापत्तनम डिवीज़न के नाम से जाना जाएगा — को भी इस नए ज़ोन का हिस्सा बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत एक नया रायगड़ा डिवीज़न भी गठित किया जाएगा, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार की उम्मीद है।
पवन कल्याण की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,