आंध्र प्रदेश की राजधानी पर सस्पेंस समाप्त, अमरावती ही रहेगी प्रदेश की राजधानी
सारांश
Key Takeaways
- आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।
- संशोधन 2 जून 2024 से प्रभावी होगा।
- राजधानी क्षेत्र के लिए स्पष्टता प्रदान की गई है।
- राजनीतिक स्थिरता के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- गजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
अमरावती, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है। इस संदर्भ में गजेट नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।"
केंद्र सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इस दिन संसद द्वारा पारित 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026' को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह अधिनियम अब सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित कर दिया गया है।
इस कानून को 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026' (क्रमांक 7, 2026) नाम दिया गया है। इसमें 2014 के मूल आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में संशोधन किया गया है। खास बात यह है कि यह संशोधन 2 जून 2024 से लागू होगा।
संशोधन के तहत अधिनियम की धारा 5 में परिवर्तन किया गया है। पहले इसमें केवल 'नई राजधानी होगी' का उल्लेख था, लेकिन अब इसे स्पष्ट कर दिया गया है कि 'अमरावती ही नई राजधानी होगी,' इस प्रकार अब राजधानी को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता समाप्त हो गई है।
अधिनियम में एक नई व्याख्या भी जोड़ी गई है, जिसमें बताया गया है कि 'अमरावती' शब्द में वे सभी क्षेत्र शामिल होंगे जिन्हें आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी एक्ट, 2014 के तहत राजधानी क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया है।
इस निर्णय को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में आंध्र प्रदेश के विकास की दिशा निर्धारित करेगा।