सीबीआई ने थाईलैंड से सजायाफ्ता साहिल चौहान को भारत लाने में किया सफल अभियान
सारांश
Key Takeaways
- साहिल चौहान को थाईलैंड से भारत लाया गया।
- उस पर गंभीर आरोप हैं, जैसे हत्या और डकैती।
- सीबीआई और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
- इंटरपोल के माध्यम से वांछित अपराधियों की पहचान की गई।
- भारत में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने में मदद मिली।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण अभियान में भारत के वांछित अपराधी साहिल चौहान को थाईलैंड से वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। इस मिशन में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय का भी पूर्ण सहयोग मिला।
अधिकारियों के अनुसार, साहिल चौहान को शुक्रवार को भारत लाया गया। वह हरियाणा पुलिस के लिए काफी समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती और अवैध हथियार रखने के कई गंभीर आरोप हैं। उसे बताया गया है कि वह भूप्पी राणा गिरोह का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, जो हरियाणा और पंजाब में सक्रिय रहा है।
साहिल चौहान का नाम 2017 की एक गंभीर फायरिंग घटना में आया था। आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को उसने यमुनानगर में स्थित जगाधरी कोर्ट परिसर में मोनू राणा नामक व्यक्ति पर गोली चलाई थी। यह घटना गैंगवार से संबंधित बताई गई थी।
इस मामले में साहिल चौहान के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की गई थी और बाद में उसे 10 साल की सजा भी सुनाई गई थी, लेकिन सजा के बाद वह जमानत पर बाहर आ गया और फरार हो गया। इसके बाद वह लंबे समय तक कानून से बचता रहा और विदेश भाग गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने सीबीआई से सहयोग मांगा। इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने इंटरपोल के माध्यम से साहिल चौहान के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया। लगातार प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से साहिल चौहान की लोकेशन बैंकॉक में ट्रेस की गई। इसके बाद उसे वहां से निष्कासित कर भारत लाया गया। 10 अप्रैल को वह दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
पिछले कुछ वर्षों में, इंटरपोल के माध्यम से समन्वय करते हुए 150 से अधिक वांछित अपराधियों को वापस लाया गया है।