28 जुलाई 2026
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हरियाणा का वांटेड गैंगस्टर वेंकेट गर्ग जॉर्जिया से प्रत्यर्पित, सीबीआई ने दिल्ली लाकर हरियाणा पुलिस को सौंपा

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हरियाणा का वांटेड गैंगस्टर वेंकेट गर्ग जॉर्जिया से प्रत्यर्पित, सीबीआई ने दिल्ली लाकर हरियाणा पुलिस को सौंपा

सारांश

हरियाणा में हत्या और जबरन वसूली समेत कई मामलों में वांछित गैंगस्टर वेंकेट गर्ग को सीबीआई ने जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कराया। इंटरपोल रेड नोटिस और 'भारतपोल' के ज़रिए समन्वित इस ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस शामिल रहे।

मुख्य बातें

सीबीआई ने हरियाणा के वांटेड गैंगस्टर वेंकेट गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कराया और 11 जून 2026 को दिल्ली लाया गया।
आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, संगठित अपराध और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं।
जमानत के बाद फरार हुए गर्ग के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी कराया गया था।
ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस का समन्वय रहा; 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म ने अहम भूमिका निभाई।
सीबीआई अब तक 160 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से भारत वापस ला चुकी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा पुलिस के वांछित गैंगस्टर वेंकेट गर्ग को जॉर्जिया से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराकर 11 जून 2026 को नई दिल्ली लाया। विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस के संयुक्त समन्वय से अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन को भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण कोशिशों में एक अहम सफलता माना जा रहा है।

आरोपी पर क्या हैं आरोप

वेंकेट गर्ग हरियाणा में दर्ज कई संगीन मामलों में वांछित था। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, संगठित अपराध और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। अदालत से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए विदेश भाग निकला।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से वेंकेट गर्ग के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया। इसके बाद जॉर्जिया के अधिकारियों ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के उपरांत जॉर्जिया सरकार ने प्रत्यर्पण की मंजूरी दी। हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम जॉर्जिया पहुँची और आरोपी को भारत लेकर लौटी।

सीबीआई और 'भारतपोल' की भूमिका

सीबीआई ने इस पूरे ऑपरेशन में 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म के ज़रिए समन्वय किया। भारत में इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों को वापस लाने में सक्रिय भूमिका निभाती है। आँकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई 160 से अधिक वांछित अपराधियों को विभिन्न देशों से भारत वापस ला चुकी है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

दिल्ली पहुँचने पर वेंकेट गर्ग को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है जो देश छोड़कर विदेश में पनाह लेने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और 'जीरो टॉलरेंस' नीति के चलते भगोड़े अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने तेज़ी से सिकुड़ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालत में होगी — जहाँ साक्ष्य संकलन और त्वरित सुनवाई तय करेगी कि यह ऑपरेशन वास्तविक न्याय में बदलता है या महज़ एक प्रत्यर्पण आँकड़ा बनकर रह जाता है। गौरतलब है कि भारत के कई हाई-प्रोफाइल प्रत्यर्पण मामलों में लंबी विधिक लड़ाइयाँ और विलंब न्याय की गति को धीमा करते रहे हैं। '160 से अधिक' की संख्या प्रभावशाली है, पर यह नहीं बताती कि इनमें से कितनों को दोषसिद्धि मिली। भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रणनीति तभी पूरी मानी जाएगी जब प्रत्यर्पण के बाद त्वरित और पारदर्शी अभियोजन सुनिश्चित हो।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेंकेट गर्ग कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
वेंकेट गर्ग हरियाणा का एक वांछित गैंगस्टर है जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, संगठित अपराध और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। अदालत से जमानत मिलने के बाद वह फरार होकर जॉर्जिया भाग गया था।
सीबीआई ने वेंकेट गर्ग को जॉर्जिया से कैसे प्रत्यर्पित कराया?
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के ज़रिए रेड नोटिस जारी कराया। जॉर्जिया के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद प्रत्यर्पण की मंजूरी दी। हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम जॉर्जिया पहुँचकर उसे भारत लेकर आई।
'भारतपोल' प्लेटफॉर्म क्या है और इसकी क्या भूमिका रही?
'भारतपोल' सीबीआई का वह प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए समन्वय किया जाता है। इस ऑपरेशन में इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस के बीच तालमेल बिठाया गया।
अब वेंकेट गर्ग के खिलाफ आगे क्या होगा?
दिल्ली पहुँचने पर वेंकेट गर्ग को हरियाणा पुलिस को सौंप दिया गया है। अब हरियाणा में दर्ज मामलों में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
सीबीआई अब तक कितने अपराधियों को विदेश से वापस ला चुकी है?
आँकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई 160 से अधिक वांछित अपराधियों को विभिन्न देशों से भारत वापस लाने में सफल रही है। यह सफलता बेहतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय और इंटरपोल के साथ सक्रिय सहयोग का परिणाम बताई जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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