जॉर्जिया से गैंगस्टर वेंकट गर्ग डिपोर्ट, हरियाणा STF का 2025 में 10वाँ प्रत्यर्पण
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 11 जून 2025 को घोषणा की कि कुख्यात गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। STF के अनुसार, यह जॉर्जिया से भारत का पहला प्रत्यर्पण है और इस वर्ष हरियाणा STF द्वारा हासिल किया गया 10वाँ डिपोर्टेशन है।
कौन है वेंकट गर्ग
अंबाला जिले के नारायणगढ़ कस्बे का मूल निवासी वेंकट गर्ग, 'वेनकेट गर्ग गैंग' का सरगना था, जिसमें 53 सदस्य शामिल थे। STF के अनुसार, यह गैंग अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में हत्या, टारगेटेड किलिंग, हत्या की कोशिश, रंगदारी, संगठित अपराध और हथियारों के गैर-कानूनी इस्तेमाल जैसी वारदातों में संलिप्त रहा है।
गर्ग एक घोषित और शातिर अपराधी है, जिस पर हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भारत से फरार होने से पहले ही उस पर 23 मामले दर्ज थे, और विदेश भागने के बाद भी उसने अपने गैंग के सहयोगियों के ज़रिये नेटवर्क संचालित करना जारी रखा, जिससे 11 और मामले दर्ज हुए।
प्रमुख आपराधिक घटनाएँ
इस गैंग से जुड़ी बड़ी वारदातों में नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्या शामिल है। इसके अलावा अंबाला और यमुनानगर जिलों में रंगदारी वसूली के लिए कई बार फायरिंग की घटनाएँ भी इस गैंग के खाते में दर्ज हैं।
भागने की कहानी और धोखाधड़ी
STF की जाँच के अनुसार, गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भागा और फिर 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया चला गया। जाँच में यह भी सामने आया कि उसने गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स 67 के टावर नंबर-5, अपार्टमेंट नंबर-1502 का फर्जी पता दर्ज कराकर धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल किया था।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
गर्ग को वापस लाने के लिए STF ने कई कानूनी और अंतरराष्ट्रीय कदम उठाए — लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करना, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, उसे घोषित अपराधी करार देना और सक्षम अदालतों के माध्यम से 6 ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट हासिल करना शामिल था।
अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन चैनलों के ज़रिये जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रत्यर्पण भारत के विदेश मंत्रालय, नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB), जॉर्जिया में भारतीय दूतावास और कजाकिस्तान में भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सका।
आगे क्या
गर्ग की वापसी के साथ हरियाणा STF अब उसके खिलाफ दर्ज सभी 34 आपराधिक मामलों में अभियोजन प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। यह प्रत्यर्पण इस बात का भी संकेत है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों को वापस लाने की क्षमता लगातार मज़बूत कर रही हैं।