27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जॉर्जिया से गैंगस्टर वेंकट गर्ग डिपोर्ट, हरियाणा STF का 2025 में 10वाँ प्रत्यर्पण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जॉर्जिया से गैंगस्टर वेंकट गर्ग डिपोर्ट, हरियाणा STF का 2025 में 10वाँ प्रत्यर्पण

सारांश

जॉर्जिया से भारत का पहला प्रत्यर्पण बन गया वेंकट गर्ग का मामला — 53 सदस्यीय गैंग का सरगना, जिस पर 34 आपराधिक केस दर्ज हैं। हरियाणा STF के लिए यह 2025 का 10वाँ डिपोर्टेशन है, जो अंतरराष्ट्रीय भगोड़ों के खिलाफ भारत की बढ़ती कार्रवाई का प्रमाण है।

मुख्य बातें

हरियाणा STF ने गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से 11 जून 2025 को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित किया।
यह जॉर्जिया से भारत का पहला प्रत्यर्पण है और 2025 में STF का 10वाँ डिपोर्टेशन ।
गर्ग 'वेनकेट गर्ग गैंग' का सरगना था, जिसमें 53 सदस्य थे और जिस पर कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वह 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली से UAE और फिर 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया भागा था।
प्रत्यर्पण में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस , 6 अरेस्ट वारंट और विदेश मंत्रालय की सक्रिय भूमिका रही।
गैंग की बड़ी वारदातों में BSP नेता हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्या शामिल है।

हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 11 जून 2025 को घोषणा की कि कुख्यात गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। STF के अनुसार, यह जॉर्जिया से भारत का पहला प्रत्यर्पण है और इस वर्ष हरियाणा STF द्वारा हासिल किया गया 10वाँ डिपोर्टेशन है।

कौन है वेंकट गर्ग

अंबाला जिले के नारायणगढ़ कस्बे का मूल निवासी वेंकट गर्ग, 'वेनकेट गर्ग गैंग' का सरगना था, जिसमें 53 सदस्य शामिल थे। STF के अनुसार, यह गैंग अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में हत्या, टारगेटेड किलिंग, हत्या की कोशिश, रंगदारी, संगठित अपराध और हथियारों के गैर-कानूनी इस्तेमाल जैसी वारदातों में संलिप्त रहा है।

गर्ग एक घोषित और शातिर अपराधी है, जिस पर हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भारत से फरार होने से पहले ही उस पर 23 मामले दर्ज थे, और विदेश भागने के बाद भी उसने अपने गैंग के सहयोगियों के ज़रिये नेटवर्क संचालित करना जारी रखा, जिससे 11 और मामले दर्ज हुए।

प्रमुख आपराधिक घटनाएँ

इस गैंग से जुड़ी बड़ी वारदातों में नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्या शामिल है। इसके अलावा अंबाला और यमुनानगर जिलों में रंगदारी वसूली के लिए कई बार फायरिंग की घटनाएँ भी इस गैंग के खाते में दर्ज हैं।

भागने की कहानी और धोखाधड़ी

STF की जाँच के अनुसार, गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भागा और फिर 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया चला गया। जाँच में यह भी सामने आया कि उसने गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स 67 के टावर नंबर-5, अपार्टमेंट नंबर-1502 का फर्जी पता दर्ज कराकर धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल किया था।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

गर्ग को वापस लाने के लिए STF ने कई कानूनी और अंतरराष्ट्रीय कदम उठाए — लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करना, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, उसे घोषित अपराधी करार देना और सक्षम अदालतों के माध्यम से 6 ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट हासिल करना शामिल था।

अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन चैनलों के ज़रिये जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रत्यर्पण भारत के विदेश मंत्रालय, नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB), जॉर्जिया में भारतीय दूतावास और कजाकिस्तान में भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सका।

आगे क्या

गर्ग की वापसी के साथ हरियाणा STF अब उसके खिलाफ दर्ज सभी 34 आपराधिक मामलों में अभियोजन प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। यह प्रत्यर्पण इस बात का भी संकेत है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों को वापस लाने की क्षमता लगातार मज़बूत कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कूटनीतिक चैनलों और इंटरपोल तंत्र के ज़रिये यह संभव हुआ — जो एक नई मिसाल है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि 53 सदस्यीय गैंग के बाकी सदस्यों और उनके स्थानीय संरक्षकों के खिलाफ अभियोजन कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है — क्योंकि सरगना की वापसी तभी सार्थक होगी जब पूरे नेटवर्क को कानूनी परिणाम भुगतने पड़ें।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेंकट गर्ग कौन है और उसे क्यों प्रत्यर्पित किया गया?
वेंकट गर्ग हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर है, जो 53 सदस्यीय 'वेनकेट गर्ग गैंग' का सरगना था। उस पर हरियाणा और चंडीगढ़ में हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध सहित 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके कारण हरियाणा STF ने उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की।
क्या जॉर्जिया और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है?
यह प्रत्यर्पण जॉर्जिया से भारत का पहला मामला है। STF के अनुसार यह भारत के विदेश मंत्रालय, NCB, जॉर्जिया और कजाकिस्तान में भारतीय दूतावासों के संयुक्त प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन चैनलों के ज़रिये संभव हुआ।
वेंकट गर्ग भारत से कब और कैसे भागा था?
जाँच के अनुसार, गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से UAE भागा और फिर 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया चला गया। उसने गुरुग्राम के सेक्टर-67 का फर्जी पता देकर धोखाधड़ी से पासपोर्ट भी हासिल किया था।
हरियाणा STF ने उसे वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए?
STF ने लुक आउट सर्कुलर (LOC), इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, घोषित अपराधी का दर्जा और सक्षम अदालतों से 6 ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट हासिल किए। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय चैनलों से जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई।
वेंकट गर्ग गैंग की सबसे बड़ी वारदात कौन सी थी?
इस गैंग की सबसे बड़ी वारदातों में नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्या शामिल है। इसके अलावा अंबाला और यमुनानगर जिलों में रंगदारी वसूली के लिए कई बार फायरिंग की घटनाएँ भी इस गैंग के खाते में दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले