रणदीप भाटी गैंग का वांटेड सदस्य अनुज चौधरी दिल्ली पुलिस की AATS ने दबोचा, हत्या मामले में था फरार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की एंटी-एक्शन टास्क फोर्स (AATS) ने 28 मई 2026 को कुख्यात रणदीप भाटी गैंग के सक्रिय सदस्य अनुज चौधरी उर्फ फाइटर को गिरफ्तार किया, जो फतेहपुर बेरी थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में लंबे समय से फरार था। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर स्थित पेपर मार्केट के निकट बिछाए गए जाल में पकड़े गए इस आरोपी के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक चोरी की स्कूटी बरामद की गई।
कैसे हुई गिरफ्तारी
अधिकारियों के अनुसार, AATS टीम दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंग सदस्यों की निगरानी के लिए लगातार खुफिया जानकारी जुटा रही थी। 28 मई को विशेष सूचना मिली कि फतेहपुर बेरी हत्या मामले का एक वांटेड आरोपी अवैध हथियारों के साथ पूर्वी दिल्ली में आने वाला है। इस सूचना पर तत्काल एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया।
टीम ने गाजीपुर के पेपर मार्केट के पास घेराबंदी की। संदिग्ध को देखते ही रोका गया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी भाँपकर उसने भागने का प्रयास किया। थोड़ी देर की दौड़ और हाथापाई के बाद AATS टीम ने उसे सफलतापूर्वक काबू में कर लिया।
आरोपी की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुज चौधरी उर्फ फाइटर के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह कुख्यात रणदीप भाटी गिरोह से गहरे तौर पर जुड़ा था और दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में कई जघन्य आपराधिक मामलों में सक्रिय रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि अनुज चौधरी को पहली बार 2022 में गिरफ्तार किया गया था और 2023 में उसे जमानत मिल गई थी। जमानत के बाद वह फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचता रहा। लगातार फरारी के चलते दिल्ली की अदालत ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जाँच में यह भी सामने आया कि वह जिस स्कूटी पर सवार था, वह लक्ष्मी नगर इलाके से चोरी की गई थी। हथियार और वाहन दोनों की बरामदगी ने उसके सक्रिय गैंग संपर्कों की पुष्टि की।
आगे की कार्रवाई
आरोपी को वर्तमान मामले में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उससे रणदीप भाटी गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे अभियान का हिस्सा है।