सीएम योगी के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट, हजरतगंज में दर्ज हुई एफआईआर
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विवादास्पद फेसबुक पोस्ट जारी की गई।
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
- शिकायतकर्ता का कहना है कि पोस्ट ने समाज में तनाव उत्पन्न किया।
- सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री डालना गलत है।
- यह मामला सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है।
लखनऊ, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद पोस्ट का मामला उभरा है। फेसबुक पर सीएम योगी की संपादित तस्वीर और असभ्य टिप्पणी साझा की गई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
विजय श्याम यादव नामक एक फेसबुक उपयोगकर्ता पर आरोप है कि उसने अपने खाते से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक संपादित आपत्तिजनक तस्वीर साझा की। इस पोस्ट में न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि राजनीतिक टिप्पणी भी की गई, जिसने विवाद को जन्म दिया।
इस मामले की शिकायत लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र के सुगामऊ निवासी दिलीप लोधी ने पुलिस में की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पोस्ट जानबूझकर की गई है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुँचाना और समाज में गलत संदेश फैलाना है। उनका यह भी आरोप है कि इस पोस्ट से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और समाज में तनाव और नफरत फैलने की संभावना है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री डालना न केवल गलत है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी हानि पहुँचा सकता है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हजरतगंज पुलिस थाने में कथित आईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
फेसबुक उपयोगकर्ता विजय श्याम यादव ने एक फोटो साझा किया है, जिसमें एक ओर सीएम योगी की संपादित तस्वीर है और दूसरी ओर अखिलेश यादव बच्चों से बात करते हुए और उन्हें किताबें और बैग देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही पोस्ट में लिखा गया है कि "अगर आप सीमा पार करोगे तो पूरे अमेठी में इसी तरह के पोस्टर दिखाई देने लगेंगे।"
उन्होंने आगे लिखा, "शिक्षा या नौकरी चाहिए या मुफ्त का राशन चाहिए, अखिलेश भैया की सभी योजनाएं चाहिए या बुलडोजर बाबा का राज चाहिए, सच बोलो भाई कैसे सरकार चाहिए।"