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आईआईटी मद्रास ने जांजीबार में २०२६ के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की, पिछले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट

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आईआईटी मद्रास ने जांजीबार में २०२६ के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की, पिछले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट

सारांश

आईआईटी मद्रास ने जांजीबार में २०२६ के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ की है। यह अंतरराष्ट्रीय परिसर तंजानिया में है और पिछले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है। यह छात्रों को उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगा।

मुख्य बातें

आईआईटी मद्रास का जांजीबार परिसर भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय आईआईटी परिसर के रूप में स्थापित हुआ है।
यहाँ इंजीनियरिंग , डेटा विज्ञान , और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
2025 में यहाँ के एमटेक बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ।
अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
जांजीबार परिसर में 129 से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईआईटी मद्रास ने अफ्रीका के जांजीबार कैंपस में वर्ष २०२६ के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भारत के किसी भी आईआईटी का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर है, जो तंजानिया के जांजीबार में स्थापित किया गया है।

इसका लाभ केवल तंजानिया ही नहीं, बल्कि इथियोपिया, जाम्बिया और केन्या जैसे देशों के छात्रों को भी मिल रहा है। आईआईटी मद्रास यहाँ इंजीनियरिंग, तकनीकी, डेटा विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्ष २०२५ में यहाँ के एमटेक के पहले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ था। आईआईटी मद्रास इस पहल के माध्यम से पूर्वी अफ्रीका में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। संस्थान ने पूर्णकालिक ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। एमटेक पाठ्यक्रम के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा २६ अप्रैल २०२६ को आयोजित की जाएगी, जबकि बीएस पाठ्यक्रम की परीक्षा ६ जून २०२६ को भारत और विदेशों में निर्धारित केंद्रों पर एक साथ होगी।

इच्छुक छात्र पात्रता, अंतिम तिथि, परीक्षा तैयारी और परिसर से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी ने कहा कि जांजीबार में इस परिसर की स्थापना संस्थान के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने बताया कि जांजीबार सरकार और वहाँ के लोगों का सहयोग इस पहल को मजबूत करने में सहायक रहा है। उन्होंने विश्वभर के छात्रों को इस परिसर में उपलब्ध आधुनिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए आमंत्रित किया। यह परिसर वर्ष २०२३ में भारत, तंजानिया और जांजीबार की सरकारों के संयुक्त प्रयास से स्थापित हुआ था। वर्तमान में यह ब्वेलियो स्थित अस्थायी परिसर से संचालित हो रहा है। प्रारंभ में यहाँ डाटा विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस तथा एमटेक पाठ्यक्रम शुरू किए गए थे। वर्ष २०२५ में रासायनिक प्रक्रिया अभियंत्रण में बीएस पाठ्यक्रम भी जोड़ा गया, जिससे अफ्रीका के औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

वर्तमान में आईआईटी मद्रास के इस परिसर में १२९ से अधिक छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से लगभग ५१ प्रतिशत छात्र तंजानिया से हैं। इसके अलावा, इथियोपिया, जाम्बिया और केन्या जैसे देशों के छात्र भी यहाँ अध्ययनरत हैं। संस्थान में छात्राओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय है, जो इसकी समावेशी और वैश्विक पहचान को दर्शाती है। संस्थान की वैश्विक सहभागिता डीन प्रोफेसर प्रीति अघालयम के अनुसार भारतीय और अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग के कारण विद्यार्थियों को व्यापक अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने नए अभ्यर्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह परिसर उन्हें वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। जनवरी २०२६ में प्रोफेसर प्रभु राजगोपाल ने परिसर के निदेशक-प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाला। उनके नेतृत्व में संस्थान ने नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष २०२५ में एमटेक के पहले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ और अब संस्थान अपने पहले शोधार्थियों का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है।

संस्थान पूर्वी अफ्रीका में नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से नवाचार एवं उद्यमिता केंद्र और अनुप्रयुक्त अनुसंधान कार्यालय स्थापित कर रहा है। इसके अलावा, विद्यार्थी विभिन्न कंपनियों में इंटर्नशिप कर रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध प्रस्तुत कर चुके हैं। फुंबा प्रायद्वीप में स्थायी परिसर का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। जनवरी २०२६ में नए छात्रावास भवन का उद्घाटन किया गया। पूर्ण होने पर यह परिसर पूर्वी अफ्रीका में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल तंजानिया के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे पूर्वी अफ्रीका के लिए उच्च शिक्षा के नए दरवाजे खोलती है। यह कदम वैश्विक स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का प्रयास है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी मद्रास के जांजीबार परिसर में कौन से पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं?
आईआईटी मद्रास जांजीबार परिसर में इंजीनियरिंग, तकनीकी, डेटा विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है।
एमटेक के पहले बैच का प्लेसमेंट कैसा रहा?
एमटेक के पहले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है, जो इस परिसर की गुणवत्ता और रोजगार संभावनाओं को दर्शाता है।
जांजीबार परिसर में आवेदन कैसे करें?
इच्छुक छात्र पात्रता, अंतिम तिथि और परीक्षा की तैयारी के लिए आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस परिसर में पढ़ाई कर रहे छात्रों की संख्या कितनी है?
वर्तमान में आईआईटी मद्रास के जांजीबार परिसर में १२९ से अधिक छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं।
क्या इस परिसर में छात्राओं की भागीदारी है?
हाँ, संस्थान में छात्राओं की भागीदारी उल्लेखनीय है, जो इसकी समावेशी पहचान को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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