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पीयूष गोयल ने ओमानी समकक्ष के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए की बातचीत

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पीयूष गोयल ने ओमानी समकक्ष के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए की बातचीत

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के मंत्री से बातचीत कर द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। यह समझौता दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल और ओमानी मंत्री के बीच फोन वार्ता हुई।
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के लिए सीईपीए के अवसरों पर चर्चा।
ओमान में भारतीय निवेश ५ अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।
भारत और ओमान के बीच सीईपीए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री अनवर बिन हिलाल बिन हमदौन अल जाबरी के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की गई।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "मैंने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री महामहिम अनवर बिन हिलाल बिन हमदौन अल जाबरी के साथ फोन पर संवाद किया।"

उन्होंने आगे बताया, "इस दौरान, भारत-ओमान सीईपीए के तहत आपसी विकास के लिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के अवसरों पर चर्चा हुई।"

भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) १८ दिसंबर २०२५ को हस्ताक्षरित हुआ था और दोनों देश इसे शीघ्र लागू करने की दिशा में कार्यरत हैं।

इससे भारत के निर्यात विविधीकरण को मजबूती मिलेगी और आपूर्ति श्रृंखलाएं भी सुदृढ़ होंगी।

२०२० से ओमान में भारतीय निवेश तीन गुना होकर ५ अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जिसमें ग्रीन स्टील, ग्रीन अमोनिया, एल्युमीनियम निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह निवेश ओमान में भारत के दीर्घकालिक ऑपरेटिंग बेस के प्रति विश्वास को दर्शाता है।

दोनों देश सीईपीए को द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने कई द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनसे हमारे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को लाभ मिल रहा है।

भारत की ओर से निर्यात में विविधता लाने के लिए लगातार द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भारत ने फरवरी २०२६ में अमेरिका और जुलाई २०२५ में यूके के साथ एफटीए किया था। इसके अतिरिक्त, भारत ने यूएई, यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन (ईएफटीए) में शामिल देशों जैसे कि स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ भी एफटीए किया है। इसके अलावा, भारत का ऑस्ट्रेलिया के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए भी है। यह समझौता दोनों देशों के लिए एक नई दिशा दर्शाता है, जो आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने किससे बातचीत की?
पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री अनवर बिन हिलाल बिन हमदौन अल जाबरी से बातचीत की।
बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाना था।
भारत-ओमान सीईपीए कब साइन हुआ था?
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) १८ दिसंबर २०२५ को साइन हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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