20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वीनू मांकड़: क्रिकेट की अनोखी कहानी, 1 से 11 तक बल्लेबाजी करने वाले एकमात्र भारतीय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वीनू मांकड़: क्रिकेट की अनोखी कहानी, 1 से 11 तक बल्लेबाजी करने वाले एकमात्र भारतीय

सारांश

वीनू मांकड़, भारतीय क्रिकेट के एक महान ऑलराउंडर, ने टेस्ट क्रिकेट में अनोखी उपलब्धियों के साथ इतिहास रचा। जानिए उनकी ज़िन्दगी और क्रिकेट करियर की महत्वपूर्ण बातें।

मुख्य बातें

वीनू मांकड़ ने भारतीय क्रिकेट में अद्वितीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने 1 से 11 नंबर तक बल्लेबाजी की है।
उनका योगदान टेस्ट क्रिकेट में असाधारण रहा है।
उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
वीनू मांकड़ का नाम 'मांकड़िंग' से जुड़ा है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। वीनू मांकड़ को भारतीय क्रिकेट का एक अद्वितीय ऑलराउंडर माना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में उनके योगदान को असाधारण माना जाता है। वे भारतीय टीम की पहली टेस्ट जीत के नायक रहे थे।

वीनू मांकड़ का जन्म १२ अप्रैल १९१७ को जामनगर, गुजरात में हुआ था। उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल 'वीनू' मांकड़ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर मांकड़ ने जून १९४६ में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला।

भारतीय टीम ने अपना पहला टेस्ट १९३२ में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत हासिल करने में टीम इंडिया को 20 साल लगे। १९५२ में भारतीय टीम ने पहली टेस्ट जीत हासिल की और इसके नायक वीनू मांकड़ थे।

चेन्नई में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और पहली पारी में २६६ रन बनाए। वीनू मांकड़ ने ८ विकेट९ विकेट पर ४५७ रन बनाकर पारी घोषित की। दूसरी पारी में इंग्लैंड महज 183 रन पर आउट हो गया। वीनू ने ४ विकेट लिए। भारत ने पारी और ८ रन से जीत हासिल की। इस मैच में वीनू मांकड़ ने १२ विकेट लेकर देश के टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत की स्वर्णिम कहानी लिखी।

१९४६ से १९५९ के बीच मांकड़ ने भारत के लिए ४४ टेस्ट मैच खेले। ७२ पारियों में उन्होंने ५ शतक और ६ अर्धशतक बनाए, कुल २,१०९ रन बनाते हुए। उनका सबसे बड़ा स्कोर २३१ रन था, और उन्होंने १६२ विकेट भी लिए।

मांकड़ ने विभिन्न राज्य टीमों के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और २३३ प्रथम श्रेणी मैचों में २६ शतक लगाते हुए ११,५९१ रन बनाए, साथ ही ७८२ विकेट भी लिए।

वीनू मांकड़ एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 1 से लेकर 11 नंबर तक बल्लेबाजी की है। रवि शास्त्री और फारूख इंजीनियर ने 1 से 10 नंबर तक बल्लेबाजी की है, लेकिन 11 नंबर तक केवल मांकड़ ने ही बल्लेबाजी की।

वीनू मांकड़ के नाम पर 'मांकड़िंग' की परंपरा शुरू हुई। 1947 में वीनू ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को रनआउट किया था। वीनू ने उन्हें चेतावनी देने के बाद ही आउट किया था। इस प्रकार का रनआउट लंबे समय तक 'मांकड़िंग' के रूप में चर्चा में रहा।

भारतीय सरकार ने १९७३ में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। बीसीसीआई ने उनके नाम पर राष्ट्रीय स्तर का अंडर-१९ क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया है।

वीनू मांकड़ का निधन २१ अगस्त १९७८ को ६१ वर्ष की आयु में हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीनू मांकड़ ने कब अपना पहला टेस्ट मैच खेला?
वीनू मांकड़ ने जून 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला।
वीनू मांकड़ को कब पद्म भूषण से सम्मानित किया गया?
वीनू मांकड़ को 1973 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
वीनू मांकड़ की सबसे बड़ी पारी का स्कोर क्या था?
वीनू मांकड़ का सबसे बड़ा स्कोर 231 रन था।
वीनू मांकड़ का निधन कब हुआ?
वीनू मांकड़ का निधन 21 अगस्त 1978 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले