दक्षिण तटीय रेलवे जोन गठित: चंद्रबाबू नायडू बोले, आंध्र प्रदेश का दशकों पुराना सपना साकार
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार, 5 मई 2026 को केंद्र सरकार द्वारा दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए जारी राजपत्र अधिसूचना का स्वागत किया और कहा कि आंध्र प्रदेश के लोगों का लंबे समय से संजोया सपना अब पूरा हो गया है। विशाखापत्तनम को मुख्यालय बनाकर स्थापित इस नए जोन का आधिकारिक परिचालन 1 जून 2026 से शुरू होगा।
राजपत्र अधिसूचना की मुख्य बातें
रेलवे मंत्रालय द्वारा जारी इस अधिसूचना के तहत विशाखापत्तनम को नवगठित दक्षिण तटीय रेलवे जोन का मुख्यालय बनाया गया है। मुख्यमंत्री नायडू ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा कि यह अधिसूचना अत्यंत प्रसन्नता का विषय है और राज्य के लोगों की वर्षों की माँग को पूरा करती है। अरिलोवा में स्थायी कार्यालय भवन के निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है, जबकि अस्थायी कार्यालय 1 जून 2026 से कार्य प्रारंभ करने के लिए तैयार बताया जा रहा है।
वाल्टेयर डिवीजन का पुनर्गठन और नए क्षेत्र
वाल्टेयर डिवीजन के पुनर्गठन के तहत पलासा-इच्छपुरम, दुव्वाडा-विजयनगरम और बोब्बिली-सालूर जैसे महत्वपूर्ण खंडों को विशाखापत्तनम डिवीजन में मिलाया जाएगा। नायडू के अनुसार, नवगठित विशाखापत्तनम डिवीजन और रायगड़ा डिवीजन के बीच समन्वय से रेल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे उत्तरी आंध्र प्रदेश के परिवहन परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
राज्य के औद्योगिक विकास पर असर
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि इस नए जोन से राज्य के विकास, विशेष रूप से उत्तरी आंध्र प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश अपनी नई राजधानी अमरावती के निर्माण और आर्थिक पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गौरतलब है कि उत्तरांध्र क्षेत्र लंबे समय से बुनियादी ढाँचे की कमी से जूझता रहा है और यह रेलवे जोन उस खाई को पाटने में सहायक माना जा रहा है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ और आभार
मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश के अनुरोध को स्वीकार करने और यह ऐतिहासिक राजपत्र जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उत्तर आंध्र प्रदेश से आने वाले कृषि मंत्री किंजरापु अचन्नाइडु ने कहा कि एनडीए (NDA) गठबंधन सरकार के प्रयासों से दशकों पुराना सपना साकार हुआ है। उन्होंने इसे उत्तर आंध्र प्रदेश के लोगों की जीत बताया।
अचन्नाइडु ने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने इस माँग पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन मुख्यमंत्री नायडू के मार्गदर्शन में NDA सरकार ने केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के अथक प्रयासों की विशेष सराहना की और पिछड़े क्षेत्रों के विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
आगे की राह
नए जोन के 1 जून 2026 से परिचालन शुरू होने के साथ, उत्तरांध्र क्षेत्र में रेल संपर्क और प्रशासनिक दक्षता बेहतर होने की उम्मीद है। स्थायी कार्यालय भवन के निर्माण की स्वीकृति के बाद अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि नया जोन उत्तरी आंध्र प्रदेश के औद्योगिक और कृषि विकास में कितनी तेज़ी से बदलाव ला पाता है।