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क्या विशाखापट्टनम को विश्व-स्तरीय नॉलेज और टेक हब बनाया जाएगा?

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क्या विशाखापट्टनम को विश्व-स्तरीय नॉलेज और टेक हब बनाया जाएगा?

सारांश

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापट्टनम को विश्व-स्तरीय ज्ञान और तकनीक हब के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा की। यह शहर विभिन्न वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्य बातें

विशाखापट्टनम का विकास एक तकनीकी हब के रूप में होगा।
गूगल , माइक्रोसॉफ्ट , और अमेज़न जैसी कंपनियाँ यहाँ कार्यालय खोलेंगी।
राज्य में 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है।
विशाखापट्टनम में जीवन-यापन की लागत अन्य शहरों की तुलना में कम है।
राज्य सरकार स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दे रही है।

विशाखापट्टनम, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि विशाखापट्टनम को विश्व-स्तरीय ज्ञान और तकनीक हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उत्कृष्ट जीवन-स्तर उपलब्ध होगा।

सीएम नायडू ने विशाखापट्टनम को सबसे सुंदर, प्रदूषण-मुक्त और सुरक्षित शहर बताते हुए कहा कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी कई वैश्विक कंपनियां यहां अपने कार्यालय स्थापित करने के लिए तैयार हैं।

कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजीज के ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में आईटी मंत्री नारा लोकेश के साथ शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विशाखापट्टनम तकनीकी क्रांति में ‘गेम चेंजर’ बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम और आसपास के जिले एक आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।

राज्य सरकार ने कॉग्निजेंट को 22 एकड़ भूमि आवंटित की है और कंपनी ने 1,583 करोड़ रुपये निवेश कर 8,000 सीटों की सुविधा विकसित करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने प्रारंभ में 1,000 सहयोगियों के साथ संचालन शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉग्निजेंट के सीईओ ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने का वादा किया है।

सीएम नायडू ने कहा कि वे आठ अन्य कंपनियों टेक तमिन्ना, सत्‍वा डेवलपर्स, इमैजइननोवेट टेक सॉल्यूशंस इंडिया, फ्लुएंटग्रिड लिमिटेड, मदरसन टेक्नोलॉजीज, कॉर्प टेक्नोसॉफ़्ट, सीएएन हेल्थकेयर, आरसीएम सर्विसेज और नानरेल टेक्नोलॉजीज की आधारशिला रखने पर भी प्रसन्न हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और राज्य के युवा दुनिया भर की आईटी कंपनियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कॉग्निजेंट को हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए एक साल से कम समय में कैंपस निर्माण पूरा करने की अपील की।

सीएम नायडू ने बताया कि विशाखापट्टनम नॉलेज इकॉनमी और प्रमुख आईटी डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि भोगापुरम एयरपोर्ट के पूरा होने के बाद यह शहर पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। गूगल विशाखापट्टनम में एआई डेटा सेंटर स्थापित करने जा रहा है और कई अन्य कंपनियां भी यहां निवेश के लिए आगे आ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य शहरों की तुलना में विशाखापट्टनम में जीवन-यापन की लागत 20 प्रतिशत कम है। आंध्र प्रदेश में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित किए गए हैं, जिनमें से केवल सीआईआई पार्टनरशिप समिट में विशाखापट्टनम में 13.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।

उन्होंने बताया कि अमरावती में क्वांटम वैली विकसित की जाएगी और छह महीने में पहला क्वांटम कंप्यूटर तैयार होगा।

राज्य सरकार उद्योगों और स्टार्टअप्स को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ तथा एस्क्रो अकाउंट जैसी पहलें इसमें सहायक होंगी। जल्द ही राज्य की विकास दर 15 प्रतिशत तक पहुंचाई जाएगी।

आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश को एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में विकसित किया जाएगा, और कॉग्निजेंट की स्थापना विशाखापट्टनम को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कॉग्निजेंट के सीईओ रविकुमार ने कहा कि वे विशाखापट्टनम की प्रतिभा और नवाचार क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी के 3.4 लाख कर्मचारियों में से 70 प्रतिशत भारत में कार्यरत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करेगा। यह न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को एक नई पहचान देने का कार्य करेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापट्टनम को क्यों विकसित किया जा रहा है?
विशाखापट्टनम को विश्व-स्तरीय ज्ञान और तकनीक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र बन सके।
कौन-कौन सी कंपनियाँ विशाखापट्टनम में कार्यालय खोल रही हैं?
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, और अमेज़न जैसी कई वैश्विक कंपनियाँ यहाँ अपने कार्यालय स्थापित करने के लिए तैयार हैं।
कॉग्निजेंट ने कितनी निवेश की है?
कॉग्निजेंट ने 1,583 करोड़ रुपये का निवेश कर 8,000 सीटों की सुविधा विकसित करने का निर्णय लिया है।
विशाखापट्टनम में जीवन-यापन की लागत कैसी है?
विशाखापट्टनम में जीवन-यापन की लागत अन्य शहरों की तुलना में 20 प्रतिशत कम है।
राज्य सरकार किस प्रकार के उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है?
राज्य सरकार उद्योगों और स्टार्टअप्स को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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