विशाखापत्तनम में 20,000 नौकरियों के लिए कैपजेमिनी को आईटी डेवलपमेंट सेंटर बनाने का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
अमरावती, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के शिक्षा, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने विशाखापत्तनम में फ्रेंच आईटी कंपनी कैपजेमिनी के ग्लोबल सीईओ ऐमान इज्जत से मुलाकात की। इस चर्चा में उन्होंने राज्य में कंपनी की संभावित बड़े निवेश और विस्तार के अवसरों पर विचार किया।
मंत्री लोकेश ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मार्गदर्शन में विशाखापत्तनम तेजी से एक प्रमुख आईटी एवं डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहाँ गूगल का भारत का सबसे बड़ा एआई हब और डाटा सेंटर प्रोजेक्ट जल्द शुरू होने वाला है, जिसमें अरबों डॉलर का निवेश किया जाएगा। पहले से ही कॉग्निजेंट, टीसीएस और अन्य प्रमुख टेक कंपनियां यहाँ अपनी उपस्थिति मजबूत कर चुकी हैं।
मंत्री ने बताया कि भोगापुरम (अल्लूरी सीताराम राजू) अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का पहला चरण जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और निवेश आकर्षण में और वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम का आईटी इकोसिस्टम अद्वितीय है, जो टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहायता के कारण देश में सबसे अलग है।
कैपजेमिनी को विशाखापत्तनम में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आमंत्रित करते हुए, मंत्री नारा लोकेश ने कंपनी से यहाँ एक बड़ा आईटी डेवलपमेंट सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की अपील की। इस केंद्र से लगभग 20,000 नौकरियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने क्लाउड सर्विसेज और बीपीएम जैसे क्षेत्रों में भी सर्विस सेंटर खोलने का सुझाव दिया।
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने कैपजेमिनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टैलेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में फोकस करने वाली लैब्स बनाने के लिए आंध्र प्रदेश की यूनिवर्सिटीज के साथ साझेदारी करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कंपनी से क्वांटम टेक्नोलॉजी में डेडिकेटेड वर्टिकल स्थापित करने, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑप्टिमाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में ग्लोबल क्लाइंट्स को सपोर्ट करने, और राज्य के प्रस्तावित क्वांटम वैली इनिशिएटिव में योगदान देने की बात कही।
कैपजेमिनी के सीईओ ऐमान इज्जत ने कहा कि 1967 में पेरिस से शुरू हुई कंपनी अब दुनियाभर में करीब 3,40,000 कर्मचारी के साथ कार्यरत है, जिनमें भारत में लगभग 2,00,000 लोग शामिल हैं। कंपनी भारत के 13 शहरों में मौजूद है, जैसे हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, पुणे आदि। उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार के प्रस्ताव की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया।
बैठक में कैपजेमिनी इंडिया के सीईओ संजय चाका और डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज के सीईओ केशव मुरुगेश भी उपस्थित थे। कंपनी का सालाना रेवेन्यू लगभग 23.9 बिलियन डॉलर है।